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| राजनीति का 'सड़क' पर प्रदर्शन: मोदी पर टिप्पणी को लेकर भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता भिड़े, पटना में तनाव Aajtak24 News |
पटना/बिहार - बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी के बाद राजनीतिक पारा चरम पर है। कांग्रेस नेता द्वारा प्रधानमंत्री की दिवंगत माता पर की गई अभद्र टिप्पणी से नाराज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार सुबह बिहार कांग्रेस के मुख्यालय सदाकत आश्रम पर हिंसक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मारपीट, तोड़फोड़ और पत्थरबाजी हुई।
घटना का पूरा घटनाक्रम
यह विरोध प्रदर्शन भाजपा के दो मंत्रियों, नितिन नबीन और संजय सरावगी, के नेतृत्व में शुरू हुआ। भाजपा कार्यकर्ता पटना के कुर्जी अस्पताल से सदाकत आश्रम तक एक मार्च निकाल रहे थे। जैसे ही मार्च कांग्रेस कार्यालय पहुंचा, वह हिंसक हो गया। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ता जबरन सदाकत आश्रम में घुस गए। कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने दफ्तर में मौजूद कर्मचारियों के साथ मारपीट की। पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष परवेज अहमद ने कहा कि हमलावरों ने लाठी और डंडों का इस्तेमाल किया, जिससे उनके सिर में चोट आई। इसके अलावा, कार्यालय मंत्री विपिन झा और अन्य कर्मचारियों को भी पीटा गया। कांग्रेस ने दावा किया है कि इस दौरान कार्यालय में खड़ी एक ट्रक और तीन कारों के शीशे तोड़ दिए गए। सबसे गंभीर आरोप यह है कि इस हमले में मंत्रियों के बॉडीगार्ड भी शामिल थे और पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर
इस घटना के बाद, दोनों पार्टियों के नेताओं ने एक-दूसरे पर जमकर आरोप लगाए।
कांग्रेस का आरोप: कांग्रेस ने भाजपा पर राजनीतिक हिंसा फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि यह हमला पूरी तरह से सुनियोजित था और पुलिस की मिलीभगत से हुआ। परवेज अहमद ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता पहले से ही पत्थर और डंडे लेकर आए थे।
भाजपा का पक्ष: वहीं, भाजपा नेताओं ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। मंत्री संजय सरावगी ने आरोप लगाया कि उनका मार्च शांतिपूर्ण था, लेकिन कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ही उन पर हमला किया। उन्होंने कहा कि सदाकत आश्रम के अंदर से उन पर पत्थर फेंके गए, जिसमें भाजपा के कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं। मंत्री नितिन नबीन ने कहा कि कांग्रेस का यह चरित्र है कि वे देश का अपमान करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यालय में पहले से ही पत्थर रखे गए थे। उन्होंने इस घटना के जवाब में वोट की चोट से जवाब देने की बात कही। इस घटना ने बिहार में राजनीतिक तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है। फिलहाल, इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
