चार दिवसीय कन्या कौशल शिविर का हुआ समापन samapan Aajtak24 News


चार दिवसीय कन्या कौशल शिविर का हुआ समापन samapan Aajtak24 News 

छिंदवाड़ा - अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में  गायत्री शक्तिपीठ छिंदवाड़ा के प्रवचन हॉल में तहसील स्तरीय चार दिवसीय कन्या कौशल शिविर के अयोजन में 111 कन्याओं की सहभागिता हुईं इस समापन के अवसर पर उपजोन छिंदवाड़ा सह समन्वयक दिनेश देशमुख, जिला सह समन्वयक अरूण पराड़कर, गायत्री शक्तिपीठ के प्रमुख ट्रस्टी शिवनारायण साहू , तहसील सह समन्वयक सुधाकर अदलक,पुरषोत्तम बंदेवार , गोविंद माहोरे ,साहित कार्यकर्ता भाई बहनों की उपस्तिथि में समापन हुुआ। इस अवसर पर शिविर के प्रमुख तहसील समन्वयक रमेश श्रीवात्री द्वारा बताया कि 15 जुन गायत्री जयंती की पुर्व संध्या पर कार्यक्रम का शुभारंभ संध्या 5 बजे पंजीयन ,8 बजे संकल्प गोष्टि शिविर का उद्देश्य,भोजन विश्राम,16 जुन गायत्री जयंती, गंगा दशहरा पर्व एवं 17 जुन पर अवसर पर प्रातः 4:30 बजे जागरण, 06: 00 बजे योग प्राणायाम,7 बजे 5 कुण्डीय गायत्री यज्ञ पर्व पूजन , बजे से 12 बजे तक बौद्धिक कक्षा, 1 बजे  भोजन विश्राम,3 बजे संगीत ढफली की कक्षा,4 बजे से कर्मकाण्ड प्रशिक्षण,5 बजे बौद्धिक कक्षा 6 बजे नाद योग 7 बजे भोजन,8 बजे बौद्धिक कक्षा,विश्राम,18  जुन को प्रातः 6 बजे नशा मुक्ति रैली गायत्री शक्तिपीठ छिंदवाड़ा से गायत्री चेतना केन्द्र बस स्टैंड में नशा मुक्ति प्रर्दशनी का अवलोकन पश्चात बिदाई संदेश खण्डवा से पूर्णिमा पवार,तनु पाटीदार, अंकिता पटेल,द्वारा कन्याओं को क्रांतिकारी उद्बोधन से झकजोर दीया उनके अंदर बैठी झांसी की रानी,जीजाबाई, गार्गी, मैत्री, मदालसा जाग उठी और घर जाकर गुरुदेव के आभियान को सफल बनाने हेतु घर घर जाकर नारी शक्तियों को जगा कर श्रेष्ठ कार्य करने का संकल्प लिया गया। उपजोन् सह समन्वयक दिनेश देशमूख जी द्धारा बताया की कीर्ति, धैर्य, सुख, समृद्धि , शांति, शक्ति, क्षमा एवं प्रसन्नता से परिपूर्ण गौरी , गायत्री स्वरूप कन्याओं को गायत्री शक्तिपीठ मैं पाकर हम धन्य हैं। धन्य है वह संस्कृति संरक्षक माता-पिता जिन्होंने आपको यहां भेजा है। कन्याओं के इन्हीं गुणों को विकसित करने के लिए यह कन्या कौशल शिविर आयोजित किया गया । हमारे ऋषियों ने शोध करके बताया कि जैसा सोचोगे और करोगे वैसा ही बनते जाओगे इसलिए इन चार दिनों में आपकी सोच को उत्कृष्ट बनाने बाले सूत्र बेटियों को यहां दिया गया। परम पूज्य गुरुदेव, वंदनीय माता जी कि तपसे अनुप्राणित इस सिद्ध स्थली पर आप रहकर अपने को कुंदन जैसा तपाकर बहुमूल्य बनने का प्रयास कीजिए। इस अवसर पर ज़िला सह समन्वयक अरुण पराड़कर द्वार बताए कि इस आवासीय शिविर में भागीदारी कर रही हैं। चार दिनों में इन्हें उत्कृष्ट व्याख्यान, क्रियात्मक गतिविधियां, महापुरुषों के प्रेरक प्रसंगों पर व्याख्यान, गीता स्वाध्याय के साथ के साथ त्रिकाल ध्यान, योग, यज्ञ आदि का प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने को सफर बनाने में व्यवस्थापक अनिता राउत, कमला डहरिया, रत्ना डोंगरे, अनिता सूर्यवंशी, शिखा विश्वकर्मा, कविता माहोरे , चित्रा मार्सकोले,जागृत कावडे,रविता सूर्यवंशी ,भगवान दास साहू, राजेश साहू ,अशोक जी, साहित कार्यकर्ता भाई बहनों का सहयोग सराहनीय रहा।



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