बारिश के पहले ही गाद आ गई फिर नदी में, नगर निगम हर वार्षिकोत्सव में करता है लाखों रुपए बर्बाद barbad Aajtak24 News

 

बारिश के पहले ही गाद आ गई फिर नदी में, नगर निगम हर वार्षिकोत्सव में करता है लाखों रुपए बर्बाद barbad Aajtak24 News 

इंदौर - हर वर्ष बारिश के पहले नगर निगम द्वारा नदी-नालों की सफाई करवाई जाती है। इसके बाद भी हर वर्ष नदी-नाले गाद से भरे रहते हैं। इसका कारण क्या है कि सफाई कंपनी द्वारा ठीक से नालों की सफाई की ही नहीं जाती। हर वर्ष खानापूर्ति करने के लिए जेसीबी और पोकलेन नदी-नालों में उतार दी जाती है और फोटो आदि पेश कर लाखों रुपए का भुगतान निगम से करवा लिया जाता है। इस वर्ष भी ऐसा ही हुआ है। इसे फोटो देख समझा जा सकता है। अभी बारिश शुरू भी नहीं हुई है और नदी नालों की गाद फिर से नदी में आ गई है। नगर निगम की यह कैसी सफाई है कि नदी-नाले साफ नहीं होते, बल्कि लोकधन साफ हर वर्ष होता है। जानकारी अनुसार इस वर्ष भी नगर निगम नदी-नाला सफाई का वार्षिकोत्सव मना रहा है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी शहर की प्रमुख और एकमात्र कान्ह नदी को साफ किया जा रहा है। लाखों रुपए लोकधन खर्च करके जेसीबी और पोकलेन मशीन लगाई गई, जिन्होंने मांस खानापूर्ति करते हुए नदी से गाद निकाली और किनारों पर ही डाल दी। अभी ठीक से बारिश शुरू ही नहीं हुई है और यह गार्ड फिर से नदी में ही आ चुकी है। ऐसे में बारिश में लोगों को कैसे राहत मिलेगी। बारिश का पानी नदियों में न बहते हुए सड़कों पर बहेगा और कॉलोनी में घुस जाएगा। इसी से लोगों का नाच केवल जन जीवन प्रभावित होगा बल्कि परेशानियों का भी सामना करना पड़ेगा। ऐसी सफाई किस काम की कि नदी तो साफ होती नहीं बल्कि निगम का खजाना जिसमें लाखों रुपए लोकधन होता है साफ हो जाता है। 

निगम अधिकारियों की भी अच्छी खासी होती है कमाई 

प्रतिवर्ष नाला सफाई के नाम पर लाखों रुपए का बिल नगर निगम द्वारा स्वीकृत किया जाता है। इस वर्ष भी लाखों रुपए नाला सफाई के लिए जारी किए गए हैं। इसके बल भी निगम मुख्यालय पहुंच चुके हैं। हो सकता है भुगतान भी कर दिया गया हो। यह लाखों रुपए का भुगतान ऐसे ही नहीं हो जाता है। इसमें नगर निगम के अधिकारियों का भी अच्छा खासा कमिश्नर बना होता है। सूत्र बताते हैं कि लाखों रुपए के बिल में लाखों रुपए का ही कमीशन निगम अधिकारियों का भी होता है।

क्या नहीं किया जाता निगम अधिकारियों द्वारा सुपरविजन 

एक बड़ा प्रश्न यह सामने आता है कि क्या नाला सफाई के दौरान निगम अधिकारी द्वारा कभी निरीक्षण नहीं किया जाता। क्या सिर्फ फोटो देखकर ही नगर निगम लाखों रुपए का बिल भुगतान कर देता है। यदि किया जाता है निरीक्षण तो फिर यह सफाई क्यों नहीं होती। इस लोकधन की सफाई का जिम्मेदार कौन अधिकारी है।

हमने डंपर-जेसीबी संबंधित झोन को दिए हैं

नाले से निकली गाद उठाने के लिए हमने डंपर जेसीबी संबंधित जनरल कार्यालय को सौंप दिए हैं। वहीं से इनका संचालन और निरीक्षण होता हैं। आप संबंधित झोन अधिकारी से चर्चा करें।-मनीष पांडे, वर्कशॉप प्रभारी 

झोन 12 और 15 के अधिकारी ने नहीं उठाया फोन  

मामले में चर्चा के लिए जब झोनल कार्यालय 12 हरसिद्धि झोन और झोनल कार्यालय क्रमांक 15 द्रविड़ नगर झोन के झोनल अधिकारियों को फोन लगाया तो उन्होंने काल रिसीव नहीं किया।



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