पुण्यश्लोक देवी अहिल्याबाई होलकर के 300वाँ जयंती वर्ष पर सोलह श्रृंगार मातृशक्ति उद्यमिता का अनोखा कार्यक्रम संपन्न sampann Aajtak24 News


पुण्यश्लोक देवी अहिल्याबाई होलकर के 300वाँ जयंती वर्ष पर सोलह श्रृंगार मातृशक्ति उद्यमिता का अनोखा कार्यक्रम संपन्न sampann Aajtak24 News 


अनूपपुर - समाज, संस्कृति और राष्ट्र को समर्पित न्यायप्रिय देवी अहिल्याबाई होल्कर की 31 मई को 300वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में मध्य क्षेत्र में वर्ष भर चलने वाले अमृतकाल क्षमता निर्माण कार्यक्रम के 20वें सत्र में आज सोलह श्रृंगार मातृशक्ति उद्यमिता में सौंदर्य प्रसाधन के 8.1 अरब डॉलर बाजार में त्वचा, बालों की देखभाल, चूड़ियाँ, बिंदियाँ, सिन्दूर, मेहंदी, विशेष सौंदर्य उत्पाद के साथ 2032 तक 18.4 अरब डॉलर के उद्यमिता के लिए मातृशक्तियों को स्वावलंबी बनाने का कार्यक्रम का आयोजन किया गया।  

अहिल्याबाई ने महिला सशक्तिकरण, कौशल और स्वावलंबन के अनेक कार्य किये- केशव दुबौलिया 

कार्यक्रम के मुख्यअतिथि मध्य क्षेत्र के क्षेत्र संगठक स्वदेशी जागरण मंच तथा स्वावलंबी भारत अभियान के क्षेत्र समन्वयक  केशव दुबौलिया ने बताया की पुण्यश्लोक लोकमाता देवी अहिल्याबाई के जीवन वृत्त के असंख्य पहलु हैं। देवी अहिल्याबाई विदेशी आक्रमणकारियों और मुगल साम्राज्य के कारण ध्वस्त हो चुके, भारत के तीर्थ स्थलों के पुनर्निर्माण, तीर्थ स्थलों पर धर्मशालाओं, अन्न क्षेत्रों तथा जल संरचनाओं का निर्माण, काशी विश्वनाथ तथा सोमनाथ मंदिर का पुनरुद्धार करवाया, महिला सशक्तिकरण हेतु इस्लामी शासकों के कारण हिन्दू समाज में आए दोष जैसे सतीप्रथा, दहेज, स्त्री को बाहर न निकलने देना आदि से भी मुक्ति दिलाने के लिए प्रयास किये। महेश्वर का साड़ी उद्योग उनकी दूर दृष्टि व कुशल प्रबंधन का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने युद्धों में हताहत सैनिकों की स्त्रियों के स्वावलंबन के लिए कौशल विकास, उत्पादन एवं उनके विपणन तथा ब्रांडिंग का उत्तम प्रबंध किया। वर्ष भर स्वावलंबन के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 

फोरलेन सूत्र से वर्षभर होंगे पंच परिवर्तन के सतत प्रायोगिक कार्य-आचार्य (डॉ) विकास

कार्यक्रम में स्वदेशी जागरण मंच के प्रान्त सह-सयोजक, इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय भारत सरकार प्रोजेक्ट के मुख्य अन्वेषक तथा केन्द्रीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के डीन आचार्य (डॉ) विकास सिंह ने बताया की लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जन्म त्रिशताब्दी वर्ष निमित्त पंच परिवर्तन के सूत्र सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व का जागरण तथा नागरिक शिष्टाचार का पालन करते हुए उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र उद्यमिता का निर्माण प्रायोगिक रूप में स्वावलंबन कार्य का अमृतकाल कार्यक्रम का संचालन निर्बाध रूप से हो रहा है। जिसमें फोरलेन सूत्र विकेंद्रीकरण, स्थानीय, उद्यमिता और सहकारिता को ध्यान में रखकर जैविक उद्यमी तैयार किया जा रहा है, इसमें प्रतिदिन सैकड़ों ज्ञान (जी फॉर गरीब, वाई फॉर युवा, ए फॉर अन्नदाता तथा एन फॉर नारीशक्ति) सम्मिलित होते है। 

37 सेक्टर में उद्यमिता के हजारों आयाम के साथ युवाओं के स्वावलंबी बनाने किया जा रहा है क्षमता निर्माण

डीन (डॉ) विकास ने आगे बताया की  6 मई से संचालित इस अमृतकाल कार्यक्रम में मिलेट उद्यमिता, आयुष स्वरस एवं आयुष घर उद्यमिता, आयुष मुखवास, रेडी टू इट फूड प्रोडक्ट्स, महुआ फूल-उत्पाद, जंगली फलों, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी एंड एलायड डेयरी उद्यमिता, सहकारिता उद्यमिता, फार्मर प्रोडूसर कंपनी, सेल्फ हेल्प ग्रुप, वन-धन विकास केंद्र, कृषि-मशीनरी, ड्रोन सेवाओं, कृषि इंजीनियरिंग, एग्रीवोल्टिक उद्यमिता, आयुष उद्यमिता, सेरीकल्चर, जैव-उर्वरक, हर्बल उत्पाद, गोबर उद्यमिता, षोडश श्रृंगार मातृशक्ति उद्यमिता, पूजन सामग्री एवं व्रत, यज्ञ आधारित उद्यमिता, मसाला उद्यमिता, खेल - खिलौना उद्यमिता, कला, शिल्प और जनजातीय उद्यमिता, पर्यावरण हितैषी और कुटुंब प्रबोधन आधारित उद्यमिता, टूरिज्म स्टार्टअप, योग, फिजियोथेरेपी, नेचुरोपैथी, आयुष स्पा, और हर्बल-मसाज उद्यमिता, इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ, हरित और अपशिष्ट से सर्वोत्तम उद्यमिता, घरेलू रासायनिक हर्बल उत्पाद, बायोप्लास्टिक, जूट और रबर उत्पाद तथा एग्री-क्लिनिक बिजनेस उद्यमिता सम्मिलित है।

समाज, संगठन तथा शैक्षिक संस्थानों का अमृतकाल प्रयोग से बेहतर परिणाम आने की संभावना

स्वावलम्बी भारत अभियान स्वदेशी जागरण मंच, आईसीएआर अटारी जबलपुर, जन अभियान परिषद, उद्यमिता विकास केंद्र मध्य प्रदेश सेडमैप, जनजातीय विश्वविद्यालय, एकल ग्रामोत्थान फाउंडेशन दवारा संयुक्त रूप से  अहिल्याबाई होल्कर जन्म त्रिशताब्दी वर्ष निमित्त अमृतकाल क्षमता निर्माण सर्टिफिकेशन पाठ्यक्रम में प्रत्येक सप्ताह सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 11.30 बजे से ऑनलाइन विशेष सत्र का सञ्चालन किया जा रहा है। डॉ एस आर के सिंह निदेशक अटारी जबलपुर के अंतर्गत मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 82 जिलों के कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एग्रो एंटरप्रेन्योरशिप से किसानों को आजीविका में व्यापक सुधार लाने के लिए प्रशिक्षण ले रहे हैं। ईडी धीरेन्द्र पांडे जन अभियान परिषद के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर, संभाग कोऑर्डिनेटर भी इसमें प्रशिक्षण ले रहे हैं ताकि मध्य प्रदेश के प्रत्येक जिले में सेल्फ हेल्प ग्रुप को सतत उधमिता से जोड़ा जा सके। ईडी श्रीमति अनुराधा सिंघई सेडमैप के सभी जिला समन्वयक अपने-अपने जिलों में 10 जैविक उद्यमी तैयार करने की दिशा में क्षमता निर्माण कर रहे हैं। एकल अभियान के राष्ट्रीय प्रमुख डॉ ललन शर्मा एकल ग्रामोत्थान फाउंडेशन के माध्यम से सुदूर ग्रामीण अंचल में स्वावलंबन हेतु एकल शिक्षकों का क्षमता निर्माण करा रहे है।  कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मध्य क्षेत्र के क्षेत्र संयोजक सुधीर जी दाते, महाकौशल प्रांत के प्रांत संयोजक आलोक सिंह चौहान, छत्तीसगढ़ प्रांत के प्रांत संयोजक जगदीश पटेल, सह समन्वयक श्रीमती सुमन मुथा, सहसंयोजक श्रीमती शीला शर्मा, डॉ पल्लवी व्यास, श्रीमती राजकुमारी शुक्ला, डॉ राकेश शर्मा, सीमा भरद्वाज, डॉ विशाल पुरोहित, श्रीमती वंदना गेलानी, समाजसेवी वरिष्ठ पत्रकार चैतन्य मिश्रा, शोध विद्वान् चिन्मय पांडे सहित सैकड़ों कार्यकर्त्ता प्रमुख रूप से शामिल थे।


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