अतिक्रमणकारियों के हौसले इस कदर बुलंद कि कलेक्ट्रेट परिसर को ही घेर लिया liya Aajtak24 News


अतिक्रमणकारियों के हौसले इस कदर बुलंद कि कलेक्ट्रेट परिसर को ही घेर लिया liya Aajtak24 News 

दंतेवाड़ा - दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा में भूमि अतिक्रमण करने का एक अजीबो-गरीब और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। दरअसल आंवराभाटा में स्थित विशाल एवं भव्य कलेक्ट्रेट परिसर में दिन दहाड़े कलेक्ट्रेट कार्यालय के मुख्य सड़क से लगे बाउण्ड्रीवाल के बीच थोड़ी सी खाली पड़ी जगह पर किसी ने ईट सीमेंट से 7 फीट उंची दीवार खड़ी कर ली और किसी को भी इसको खबर नहीं लग पाई। किसी शख्श की नजर इस पर पड़ी और उन्होंने कलेक्ट्रेट के शिकायत शाखा के व्हाटसअप नंबर पर शिकायतनामा दर्ज कराया तब कहीं जाकर प्रशासन की नींद टूटी और दूसरे ही दिन राजस्व एवं पालिका अमला ने जेसीबी के माध्यम से अवैध दीवार को मौकाए स्थल पर जाकर ढहा दिया। अब सवाल यह कि कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाउण्ड्रीवाल की खाली पड़ी जगह पर आखिर किसने अवैध अतिक्रमण करने की हिमाकत को? किसकी इतनी हिम्मत हुई हर कोई यह जानने को बेकरार है। कार्यवाई करने वाले राजस्व अमले से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने केवल इतना ही कहा कि अतिक्रमण की जानकारी मिली थी जिस पर कारवाई कर अतिक्रमित भूमि को मुक्त किया गया है ईट की दीवार किसने उठाई? सड़क पर रेत कौन लाकर रखा है इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। अमले को जानकारी नहीं है या फिर वे जानबूझकर बताना नहीं चाह रहे और अतिक्रमणकारी को बचाने की कोशिश की जा रही है यह तो हम नहीं कह सकते मगर हमारे सूत्रों से जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक कलेक्ट्रेट कार्यालय में ही पदस्थ प्रोटोकॉल (सत्कार विभाग) देखने वाला एक सरकारी कर्मचारी द्वारा इस अवैध निर्माण को अंजाम दिया जा रहा था इस बात में कितनी सच्चाई है इसे अभी पुख्ता तौर पर तो कहा नहीं जा सकता। अगर प्रशासन इस मामले की संजीदगी से जांच करवाता है तो निश्चित तौर पर अतिक्रमणकारी का नाम सामने आ सकता है।



The courage of the encroachers was so high that they surrounded the Collectorate premises itself.

Dantewada - A strange and shocking case of land encroachment has come to light in Dantewada, South Bastar. In fact, in broad daylight, in the huge and grand Collectorate complex located in Anwarabhata, someone built a 7 feet high wall made of brick cement on a small empty space between the boundary wall of the Collectorate office and the main road and no one was able to notice it. Some person noticed this and lodged a complaint on the WhatsApp number of the Collectorate's complaint branch. Then the administration woke up and the very next day the revenue and municipal staff went to the spot and demolished the illegal wall with a JCB. Now the question is, who had the courage to encroach illegally on the vacant space of the boundary wall of the Collectorate office? Everyone is eager to know who had so much courage. When the revenue staff who took action was asked in this regard, they only said that information about encroachment was received, on which action was taken and the encroached land was freed. Who lifted the brick wall? They are not aware of who has brought sand on the road. We cannot say that the staff is not aware or they are deliberately not wanting to tell and an attempt is being made to save the encroacher, but according to the information received from our sources, the protocol posted in the Collectorate office itself (Hospitality Department) How much truth is there in the fact that this illegal construction was being carried out by a government employee cannot be said with certainty right now. If the administration gets this matter investigated seriously then the name of the encroacher can definitely come to light.

 

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