मध्यप्रदेश होमगार्ड तथा नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस होमगार्ड कार्यालय में धूमधाम से मनाया गया | MP homegaurd tatha nagrik suraksha sthapna divas home guard karyalay main dhoom dham se manaya

मध्यप्रदेश होमगार्ड तथा नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस होमगार्ड कार्यालय में धूमधाम से मनाया गया

मध्यप्रदेश होमगार्ड तथा नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस होमगार्ड कार्यालय में धूमधाम से मनाया गया

बुरहानपुर (नवीन आड़े) - मध्यप्रदेश होमगार्ड तथा नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस 06 दिसम्बर को जिले के होमगार्ड कार्यालय में धूमधाम से मनाया गया बुरहानपुर जिले में 75 वा होमगार्ड दिवस पर जिला होमगार्ड मुख्यालय स्थापना दिवस के अवसर पर सैनिकों द्वारा मार्चपास्ट किया गया जिसमें मार्चपास्ट की अगुवाई प्लाटून कमांडर शिवप्रसाद उइके ने की वही परेड निरीक्षण करते हुये एडीएम दीपक सिंह चौहान ने सलामी ली। आप को बता दे नागरिक गड़बड़ी और सांप्रदायिक दंगों को नियंत्रित करने में पुलिस की सहायता के लिए 6 दिसंबर 1946 में होम गार्ड विभाग की स्थापना की गई थी. बता दें, होमगार्ड एक स्वैच्छिक बल है. इसके बाद, स्वैच्छिक नागरिक बल की अवधारणा को कई राज्यों ने भी अपनाया. 1962 में चीनी आक्रामकता के मद्देनजर केंद्र ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सलाह दी कि वे होम गार्ड के रूप में जानी जाने वाली एक समान स्वैच्छिक बल में अपने मौजूदा स्वैच्छिक संगठन का विलय कर लें।होम गार्ड आंतरिक सुरक्षा स्थितियों के रखरखाव में पुलिस के लिए एक सहायक बल के रूप में सेवा करने के लिए हैं. किसी भी तरह की आपात स्थिति में मदद करते हैं, जैसे हवाई हमला, आग, चक्रवात, भूकंप, महामारी आदि.यह आवश्यक सेवाओं के रखरखाव में भी मदद करते हैं, सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने में भी इनका योगदान रहता है. इसके अलावा कमजोर वर्गों की रक्षा में प्रशासन की सहायता करते हैं, सामाजिक-आर्थिक और कल्याण की तमाम गतिविधियों में भी होमगार्ड के जवान भाग लेते हैं. ये लोग नागरिक सुरक्षा कर्तव्यों का भी पालन करते हैं. कुछ गार्ड दो प्रकार के होते हैं- ग्रामीण और शहरी.विभाग में तीन साल की सेवा के साथ ही होमगार्ड के जवानों को कानून और व्यवस्था के रखरखाव, अपराध की रोकथाम, डकैती विरोधी उपायों, सीमा पर गश्त, निषेध, बाढ़ राहत, अग्निशमन, चुनाव कर्तव्यों और सामाजिक कल्याण में प्रशिक्षित किया जाता है। देश में कुल 5,73,793 होमगार्ड्स हैं, जिनमें से 4,33,803 काम कर रहे हैं. वहीं, केरल को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होमगार्ड विभाग काम कर रहा है।

मध्यप्रदेश होमगार्ड तथा नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस होमगार्ड कार्यालय में धूमधाम से मनाया गया

मध्यप्रदेश में पुलिस के कंधे से कंधा मिलाकर काम करने वाले होमगार्ड सैनिकों ने अपनी समस्याओं को लेकर कई बार शासन प्रशासन का ध्यान अपनी और आकर्षित किया लेकिन इनकी सुनवाई अबतक नही हो पाई आप को बता दे मध्यप्रदेश के होमगार्ड सैनिक मांग कर रहे है कि वर्ष 2019 से बाध्य कालऑफ प्रारंभ किया गया है जिसमे सैनिकों को हर साल 2 माहीनो के लिये घर बैठा दिया जाता है वही इन दो महीनों में उन्हें सैलेरी भी प्रदान नही की जाती जिससे सैनिकों की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा जाती है वही परिवार के भरण पोषण में भी काफी मुश्किलें आती है जिसको लेकर होमगार्ड सैनिक चाहते है कि होमगार्ड अधिनियम 2016 में आंशिक संशोधन कर कालऑफ को समाप्त किया जाये वही होमगार्ड को अस्थायी सैनिक शब्द हटा कर उसकी जगह स्थाई शब्द का उपयोग किया जाये। आप को बतादे होमगार्ड सैनिकों को को रिटायरमेंट के बाद किसी प्रकार की कोई पेंशन योजना भी नही है ना ही इनका पी एफ काटा जाता है जिस कारण रिटायरमेंट होने के बाद इन सैनिकों को कई समस्याओं से जूझना पड़ता है।

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