सेवा बने स्वाभाव ने कपड़ा बैंक को दी अलग पहचान, ठण्ड से बचने के लिए गरीबो का सहारा बना कपड़ा बैंक | Seva bane swabhav ne kapda bank ko di alag pehchan

सेवा बने स्वाभाव ने कपड़ा बैंक को दी अलग पहचान, ठण्ड से बचने के लिए गरीबो का सहारा बना कपड़ा बैंक

सेवा बने स्वाभाव ने कपड़ा बैंक को दी अलग पहचान, ठण्ड से बचने के लिए गरीबो का सहारा बना कपड़ा बैंक

धनौरा/छिंदवाड़ा (जयकुमार डेहरिया) - कपड़ा बैंक सेवा सहयोग संगठन छिन्दवाड़ा अपनी मुख्य थीम "सेवा बने स्वभाव" अंतर्गत रविवार को छिंदवाड़ा के सिवनी रोड कुश्मेली मंडी पास के गरीब जरूरतमंद बस्ति शक्कर मिल के पास से लगे क्षेत्र दुर्गावती वार्ड क्रमांक 22 में गर्म कपड़े, साड़ी, बच्चों के लिए कपड़े आदि का वितरण किया गया l कपड़ा कलेक्शन प्रभारी सोनू पाटिल, महिला विंग सुश्री खुशी पवार, ओम बेरसिया, एडवोकेट धीरज आठनेर, विनीत पाटिल, पाटिल ओम बरासिया, मिथिलेश नागवंशी आदि ने कपड़ा वितरण के लिए पूर्ण सहयोग कियाl

समाज सेवा के जरिए गरीबों के दिलों में अपनी अलग जगह बनाने वाली संस्था कपड़ा बैंक संगठन ने ठण्ड आते ही गरीब बच्चों को ठंड से बचने के लिए स्वेटर एवं गर्म कपड़े वितरण करने का काम शुरू कर दिया हैl उल्लेखनीय है कि जमीनी स्तर पर गरीब एवं असहयोग की मदद करने वाली संस्था हर वर्ष ठंड के दौरान गरीबों को गर्म कपड़े मुहैया कराती हैl गरीब एवं जरूरतमंदों को कपड़े, कंबल, स्वेटर, गर्म बनियान आदि देकर जनसेवा के जरिए लोगो की मदद का काम करती आ रही है, जिसके चलते कपड़ा बैंक ने गरीबों के दिलो में अपनी अलग जगह बना ली हैl कपड़ा बैंक सेवा सहयोग संगठन कई वर्षों से गरीबों की सहायता के लिए कार्य कर रही है साथ ही साथ गरीब बच्चों के लिए कपड़े, पढ़ाई की सामग्री, खिलौने, दीन दुखियों की सहायता करना आदि कामों में संस्था के सदस्य इसी तरह के अनेकों कार्य के लिए पहचाने जाते है l कपड़ा कलेक्प्रशन प्रभारी सोनू पाटिल बताते हैं यह काम करने से उन्हें बहुत सुकून मिलता है, संस्था संस्थापक हेमलता महेश भावरकर के अनुसार जरुरतमंदो को कपड़ा देने के बाद उनके चेहरे में जो मुस्कान आती है यह देखकर दिल को बहुत सुकून मिलता है l किसी की सहायता से जो खुशी मिलेगी हमें वह हर ख़ुशी से बढकर होती है l अपने जीवन में जरूर कोई ऐसा काम करना चाहिए जिससे गरीबों को कुछ राहत मिल सके उनके चेहरे पर मुस्कान दिखाई देl कपड़ा बैंक जिला मीडिया श्याम कोलारे ने बताया कि गर्मी की तपन तो सब सहन कर लेते हैं लेकिन ठंड के समय में ठंड का मौसम से लड़ना आसान नहीं होता, बड़े तो जैसे तैसे अपना काम चला लेते हैं लेकिन छोटे बच्चों को बहुत दिक्कत होती है, ऐसे में कपड़ा बैंक द्वारा बच्चों को स्वेटर, गर्म कपड़े आदि देने का प्रयास किया जाता हैl

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