पर्यावरण मनुष्य का पालनहार है, बिना प्रकृति के मनुष्य जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती | Paryavaran manushy ka palanhar hai

पर्यावरण मनुष्य का पालनहार है, बिना प्रकृति के मनुष्य जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती

दरबार कोठी में पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण किया

पर्यावरण मनुष्य का पालनहार है, बिना प्रकृति के मनुष्य जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती

आगर-मालवा (अंकित दुबे) - पर्यावरण मनुष्य का पालन हार है, बिना प्रकृति के मनुष्य जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। हमारी  संस्कृति में पेड़ पौधों को भगवान मानकर पूजा की जाती है। इसलिए हमें ना केवल पौधारोपण करना चाहिए, बल्कि उनका पालन पोषण कर पेड़ का रूप देना चाहिए, ताकि हम आने वाली पीढ़ी की रक्षा कर सके। उक्त उदगार शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दरबार कोठी के प्राचार्य एन के कारपेंटर द्वारा आज 5 जून को अन्तर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस के अवसर पर  एनसीसी कैडेट एवं विद्यालय परिवार द्वारा स्कूल परिसर में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में व्यक्त किए।  कार्यक्रम के दौरान संस्था प्राचार्य,  एनसीसी कैप्टन महेश सोनी, एनसीसी कैडेट एवं विद्यालय परिवार के सदस्यों ने फलदार, छायादार एवं ओषधीय पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी लेते हुए पौधों को पेड़ का रूप देने का संकल्प लिया। 

पर्यावरण मनुष्य का पालनहार है, बिना प्रकृति के मनुष्य जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती

इस अवसर पर सोनारसिंह भिलाला, दिनेश कुमार, शरद बंसिया, दिलीप कुमार, आरपी सूर्यवंशी आदि उपस्थित रहे।



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