श्री गजानन जी महाराज के जन्मोत्सव के पश्चात भजन संध्या हुई | Shri gajanan ji maharaj ke janmotsav ke pashchat bhajan sandhya hui

श्री गजानन जी महाराज के जन्मोत्सव के पश्चात भजन संध्या हुई

श्री गजानन जी महाराज के जन्मोत्सव के पश्चात भजन संध्या हुई

मनावर (पवन प्रजापत) - श्री बालीपुर धाम में अपने गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा और आस्था व्यक्त करते हुए गुरु भक्तों ने श्री श्री 1008 ब्रह्मलीन श्री गजानन जी महाराज श्री धाम बालीपुर के 101 वें जन्मोत्सव को बड़ी धूमधाम से मनाया गया। कोविड-19 ,सोशल डिस्टेंसिंग एवं भारत सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए पूरे गांव में सैनिटाइजर किया गया। बाबाजी के पालकी यात्रा को पूरे गांव में भ्रमण कराया गया ।उक्त कार्यक्रम एवं संचालन श्री योगेश जी महाराज की उपस्थिति में जन्मोत्सव एवं भजन संध्या हुई ।लगभग 600 क्विंटल गुलाल से एवं पुष्पों की माला से उत्सव मनाया गया,। इसके पूर्व बंक नाथ अटल दरबार  समिति द्वारा मनावर से बालीपुर पैदल यात्रा 5 किलोमीटर की दूरी  तय करते हुए-" जय गजानन एवं "जय जय गुरुदेव "के उद्घोष से यात्रा आश्रम स्थल पर पहुंची ।यात्रा का नेतृत्व मुकेश पाटीदार एवं सचिन पांडे ने किया। संत श्री गजानन जी महाराज की प्रतिमा सुसज्जित रथ यात्रा में थी।।  योगेश जी महाराज भी विराजित थे। 

श्री गजानन जी महाराज के जन्मोत्सव के पश्चात भजन संध्या हुई

श्री योगेश जी महाराज द्वारा 52 फीट की ऊंचाई पर बंधे शिखर पर ध्वजारोहण किया गया।  गांव में पालकी यात्रा लगभग 3 मिनट की दूरी तय कर वापस आश्रम में समापन किया गया। युवक-युवतीया ड्रेस कोड में नृत्य किया। ढोल ,-बाजे ,तासे, मांदल, डीजे पर खूब  नृत्य किया ।बाबा जी की प्रतिमा का पूजन- आरती कर प्रसाद वितरण की गई ।रात्रि कालीन कार्यक्रम में भजन संध्या में" पंखिड़ा रे उड़ी ने जाजो एवं कुमारी पुष्पा देवड़ा ने" मैं तेरी हो गई मेरे बालीपुर सरकार की" भजनों की प्रस्तुति दी गई ।भक्तों द्वारा गायक कलाकारों के ऊपर पुष्पों की वर्षा की गई। देर रात तक भजनों पर भक्त खूब थिरके। पूरे पंडाल में बैठे सभी भक्तों ने नृत्य किए ।सभी भक्तों के सहयोग से उक्त कार्यक्रम सफल हुआ ।आदिवासी नृत्य दल आकर्षक का केंद्र रहा। घोड़ी नृत्य हूआ। राधेश्याम मोलिविया, जगदीश चंद पाटीदार, रमेश चंद अगल चा, बद्रीलाल जमा धारी एवं अन्य भक्तों का सहयोग रहा।

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