बालाघाट जिले के लोधी समाज को मजबूत एवं एकजुट होकर नेतृत्व की आवश्यकता है लोधी तपेश कालबेले | Balaghat jile ke lodhi samaj ko majbut evam ekjut hokar netratv ki avashyakta

बालाघाट जिले के लोधी समाज को मजबूत एवं एकजुट होकर नेतृत्व की आवश्यकता है  लोधी तपेश कालबेले

बालाघाट जिले के लोधी समाज को मजबूत एवं एकजुट होकर नेतृत्व की आवश्यकता है  लोधी तपेश कालबेले

बालाघाट (देवेंद्र खरे) - जिले की राजनीति में जातिगत समीकरणों का बड़ा महत्व है इस दृष्टिकोण से जिले की आबादी में तृतीय स्थान पर लोधी समाज की बारी आती है किंतु इसे दुर्भाग्य ही कहा जाए कि आबादी के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले लोधी समाज का विधानसभा 2013 एवं 2018 व लोकसभा 2014 व 2019 में एक भी नेता विधायक और सांसद नहीं बन पाया इस विषय को गंभीरता से सोचते हुए भी समाज को एकजुट होकर अपने जातिगत आबादी के समीकरण को दृष्टिगत रखते हुए ठोस एवं कठोर  निर्णय लेने की की आवश्यकता है लोधी समाज के युवा वर्ग  को गहन चिंतन करने करना पड़ेगा की  मतदाताओं के दृष्टिकोण से जिले की 4 विधानसभा सीटों बालाघाट, वारासिवनी, परसवाड़ा और लांजी पर सीधा प्रभाव रखने के बाद भी अपने समाज का राजनीतिक नेतृत्व सफलता प्राप्त करने में पिछड़ रहा है तो 1 दिन ऐसा आएगा कि राजनीति में अपना लोधी समाज हाशिए पर चला जाएगा बहरहाल बालाघाट जिले में जिस तरह की राजनीतिक परिस्थितियां हैं वहां पर समाज को नए राजनीतिक नेतृत्व की आवश्यकता है जो केवल लोधी समाज ही नहीं अन्य समाज के मतदाताओं को भी प्रभावित करने की क्षमता रखता हो जिले की राजनीति सामाजिक वोटों के ध्रुवीकरण के गिर्द घूमती है इससे इनकार नहीं किया जा सकता है अतः मैं सभी सामाजिक बंधुओं से विनम्र अनुरोध करना चाहता हूं कि वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी के बलिदान दिवस पर सभी प्रतिज्ञा ले कि हम सभी एकजुट होकर समाज को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करें

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