भर्ती घोटाले के कारण रूका था 200 अध्यापकों का संविलियन, भाजपा जिलाध्यक्ष के प्रयास से 14 का संविलियन | Bharti ghotale ke karan ruka tha 200 adhyapako ka sanviliyan

भर्ती घोटाले के कारण रूका था 200 अध्यापकों का संविलियन, भाजपा जिलाध्यक्ष के प्रयास से 14 का संविलियन

अन्य शिक्षकों के लिए होगी कलेक्टर, जिला पंचायत और शिक्षा विभाग के अफसरों के साथ बैठक

एक माह से भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज लधवे कर रहे थे प्रयास, कहा किसी के साथ अन्याय नहीं होंगा, योग्य शिक्षकों का होगा संविलियन  

भर्ती घोटाले के कारण रूका था 200 अध्यापकों का संविलियन, भाजपा जिलाध्यक्ष के प्रयास से 14 का संविलियन

बुरहानपुर (अमर दिवाने) -  जिले में पूर्व में हुए शिक्षक भर्ती घोटाले के कारण करीब 200 से अधिक अध्यापकों का संविलियन नहीं हो पा रहा था, लेकिन करीब एक माह से भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज लधवे इसे लेकर प्रयासरत थे। जिसके बाद करीब 14 शिक्षकों का संविलियन अध्यापक संवर्ग में हो गया है। अब अन्य शिक्षकों को लेकर शुक्रवार को कलेक्टर प्रवीण सिंह की अध्यक्षता में बैठक होगी। जिसमें जिला पंचायत सीईओ कैलाश वानखेड़े सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहेंगे।

भाजपा जिलाध्यक्ष ने बताया कि कुछ माह पहले शिक्षकों ने मांग की थी कि उनका अध्यापक संवर्ग में संविलियन नहीं हो पा रहा है। जिसके बाद यह प्रयास किए गए। इसमें जो योग्य शिक्षक होंगे उनका संविलियन गंभीरता के साथ कराया जाएगा। गौरतलब है कि भर्ती घोटाले के कारण 200 से अधिक शिक्षकों का अध्यापक संवर्ग में संविलियन नहीं किया जा रहा था। परंतु अब जो योग्य शिक्षक हैं उन्हें संविलियन का लाभ मिलने की उम्मीद नजर आ रही है।

भर्ती घोटाले के कारण रूका था 200 अध्यापकों का संविलियन, भाजपा जिलाध्यक्ष के प्रयास से 14 का संविलियन

*अपाक्स संगठन ने भाजपा जिलाध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन*

मप्र अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ावर्ग व अल्पसंख्यक अधिकारी, कर्मचारी संगठन अपाक्स ने गुरूवार को भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज लधवे को ज्ञापन सौंपा। जिसमें मांग की गई कि मप्र स्कूल शिक्षा सेवा शैक्षणिक संवर्ग शर्तें व भर्ती नियम 2018 के तहत सभी अध्यापक संवर्ग का संवालियन कराने में शिक्षकों का सहयोग किया जाए। जिलाध्यक्ष लधवे ने आश्वासन दिया कि आपकी मांगों से उच्च स्तर पर चर्चा की जाएगी। जल्द से जल्द संविलियन कराने का प्रयास किया जाएगा। ज्ञापन में अपाक्स संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि नियुक्तिकर्ता निकाय द्वारा शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति के सत्यापन के लिए लगभग दो साल पहले से नस्तियां शिक्षा विभाग, जनपद पंचायत बुरहानपुर के कार्यालय में पहुंचाई जा चुकी है। सत्यापन वर्ष 1998 से 2015 तक नियुक्त सभी सहायक अध्यापक तथा अध्यापक शामिल हैं। जिनका नवीन शिक्षक संवर्ग में संविलियन किया जाना है। परंतु करीब 200 शिक्षकों के संविलियन की कार्रवाई अद्यतन नहीं है। 35 शिक्षकों का जनपद पंचायत बुरहानपुर द्वारा लगभग छह माह पूर्व नियुक्ति सत्यापन किया जा चुका है। इसके बाद उनका जिला पंचायत से अनुमोदन होना है, लेकिन वह भी अब तक नहीं किया गया। इस प्रकार कुल 200 शिक्षकों का नवीन शिक्षक संवर्ग में संविलियन नहीं हो पा रहा है। जिसके कारण सभी अध्यापक व उनके परिजन मानसिक रूप से व्यथित हैं। कईं शिक्षक जिनकी मृत्यु हो चुकी है उनके परिजन को किसी भी प्रकार का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अपाक्स संगठन जिलाध्यक्ष राजेश सावकारे ने कहा कि अगर अध्यापक साथियों का संविलियन हो जाता है तो केवल इन्हें यह फायदा होगा कि किसी शिक्षक की अगर मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को अनुकंपा नियुक्ति तथा अन्य शासकीय भत्ते से वंचित नहीं होना पड़ेगा।

इस अवसर पर अपाक्स सगठन के संभागीय अध्यक्ष डॉ. सूरज खोदरे, महामंत्री राजेश सावकारे,  सचिव हितेश नाईक कर्मचारी काग्रेस के जिला अध्यक्ष राजेश साल्वे, अध्यापक साथी नईम खान, जफर बैग राकेश धार्वे, सुनीता भोलंकर दामु ब्रडे, गजाला हिजाब आदि अध्यापकों के साथ करीब 200 अध्यापक साथी उपस्थित थे।

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