नेताजी की 125वीं जयंती के बहाने कोलकाता में होंगे PM मोदी, करेंगे बंगाल चुनाव का शंखनाद | Netaji ki 125 vi jayanti ke bahane kolkata main honge PM modi

नेताजी की 125वीं जयंती के बहाने कोलकाता में होंगे PM मोदी, करेंगे बंगाल चुनाव का शंखनाद

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि देश की आजादी के लिए उनके त्याग व समर्पण को हमेशा याद किया जाता रहेगा.

नेताजी की 125वीं जयंती के बहाने कोलकाता में होंगे PM मोदी, करेंगे बंगाल चुनाव का शंखनाद
फ़ाइल फ़ोटो

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि देश की आजादी के लिए उनके त्याग व समर्पण को हमेशा याद किया जाता रहेगा. प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘महान स्वतंत्रता सेनानी और भारत माता के सच्चे सपूत नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी जन्म-जयंती पर शत-शत नमन. कृतज्ञ राष्ट्र देश की आजादी के लिए उनके त्याग और समर्पण को सदा याद रखेगा.’’

नेताजी का जन्म 23 जनवरी को ओडिशा के कटक में हुआ था. भारत सरकार ने उनकी जयंती को ‘‘पराक्रम दिवस'' के रूप में मनाने की घोषणा की है. केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने उनकी 125वीं जयंती पर देश भर में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया है. प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आयोजित ‘‘पराक्रम दिवस'' समारोह में शिरकत करेंगे.

देश के स्वाधीनता आंदोलन के नायकों में से एक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के तौर पर मनाए जाने के निर्णय के बाद केंद्र की बीजेपी सरकार ने ऐतिहासिक ट्रेन कालका मेल का नाम बदलने की भी घोषणा की है. इसे अब नेताजी एक्सप्रेस के नाम से जाना जाएगा. 

पश्चिम बंगाल में अप्रैल-मई में होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले इन घोषणाओं को काफी अहम माना जा रहा है. रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को 130 साल पुरानी इस ट्रेन का नाम बदलने का ऐलान किया. इस ट्रेन का इस्तेमाल नेताजी ने 1941 में ब्रिटिश हुकूमत की कैद से फरार होने के दौरान किया था. 

पश्चिम बंगाल की 294 विधान सभा सीटों के लिए चुनाव अप्रैल-मई में होने हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कार्यकाल 30 मई को समाप्त हो रहा है. जानकारों का मनाना है कि इस बार टीएमसी और बीजेपी में जबरदस्त टक्कर देखने को मिलेगी. चुनाव से पहले ही बंगाल में सियासी माहौल काफी तल्ख है.

केंद्र की सत्ताधारी बीजेपी ने राज्य में मिशन 200 प्लस का लक्ष्य रखा है. इसके लिए पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से लेकर अमित शाह तक लगातार बंगाल का दौरा कर रहे हैं. बीजेपी का फोकस दलितों-आदिवासियों समेत तमाम पिछड़े वर्ग के वोटरों पर है.

चुनाव से ऐन पहले बीजेपी ने ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस में घुसपैठ करते हुए कई नेताओं को अपने साथ कर लिया है. इनमें शुभेंदु अधिकारी अहम हैं जो ममता के खास माने जाते रहे हैं. शुभेंदु ने ममता बनर्जी को नंदीग्राम से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है, जिसे उन्होंने स्वीकार किया है.

राज्य में बदलती सियासी परिस्थितियों में ममता सरकार के कई मंत्री इस्तीफा दे चुके हैं. शुक्रवार को उनकी सरकार के वन मंत्री राजीब बनर्जी ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया. जनवरी 2021 में तृणमूल कांग्रेस छोड़ने वाले वह तीसरे मंत्री रहे हैं.

पश्चिम बंगाल में होने वाले विधान सभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग के अधिकारियों ने शुक्रवार को ही सभी दलों के नेताओं के साथ कई मुलाकातें की हैं. इसके अलावा राज्य के बड़े अधिकारियों, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, एसपी, आईजी समेत क्षेत्रीय आयुक्त के साथ भी बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया है.

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में  बताया कि कई दलों ने राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं, जिसे लेकर चुनाव आयोग संजीदा है और इसके उपाय किए जा रहे हैं. चुनाव आयोग ने कहा कि राज्य में शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराने को लेकर चर्चा की गई. यह हमारी प्राथमिकता है कि चुनाव शांत माहौल में हो. चुनाव आयोग के मुताबिक, कहा जा रहा है कि यह चुनाव काफी तनाव भरा हो सकता है. 

आयोग ने कहा है कि बंगाल चुनावों में सीएपीएफ बल की भारी तैनाती की जाएगी. चुनाव आयोग के मुताबिक संवेदनशील इलाकों में वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी. अभी तक आयोग ने चुनाव की तारीखों का एलान नहीं किया है लेकिन माना जा रहा है कि फरवरी में तारीखों का ऐलान हो सकता है.

Post a Comment

0 Comments