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| पूर्व क्षेत्रीय ग्रंथपाल की साजिश का शिकार बनीं एक और लाइब्रेरियन Aajtak24 News |
इंदौर - खंडहर हो रही केंद्रीय श्री अहिल्या लाइब्रेरी को नए स्वरूप में सजाकर विख्यात करने वाली एक और क्षेत्रीय ग्रंथपाल लिली डावर एक पूर्व क्षेत्रीय ग्रंथपाल की साजिश का शिकार हो चुकी हैं। प्रभारी क्षेत्रीय ग्रंथपाल लिली डावर को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए श्री अहिल्या लाइब्रेरी से हटाकर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खजराना में संकुल प्राचार्य के रूप में पदस्थ किया है। हालांकि डावर का मूल पद भी हायर सेकंडरी प्राचार्य ही है।
सूत्र बताते हैं कि लिली डावर के ट्रांसफर में पर्दे के पीछे कुछ और ही कहानी है। इस ट्रांसफर के पीछे एक पूर्व क्षेत्रीय ग्रंथपाल की साजिश है जो 2015 में रिटायर्ड हो चुके हैं, लेकिन वे अहिल्या पुस्तकालय व प्रीतमलाल दुआ सभागृह को अपनी संपत्ति मानकर उस पर अधिकार जताते रहे हैं। इसके ही फलस्वरूप 2015 से 2021 तक 9 प्राचार्य प्रभारी क्षेत्रीय ग्रंथपाल के रूप में पदस्थ हुए, लेकिन सभी के कार्यों में वे बाधा उत्पन्न करते रहे। अपनी लंबी और ऊंची पकड़ के कारण रिटायर्ड हो चुके पूर्व क्षेत्रीय ग्रंथपाल का यह कहना रहा है कि हमें भी खिलाओ नहीं तो हम खेल बिगाड़ देंगे। सूत्र बताते हैं कि कुछ प्राचार्यों ने तत्कालीन संभागायुक्त से इनके अनाधिकृत प्रवेश और हस्तक्षेप की शिकायत भी की। नतीजा ये हुआ कि इन्होंने साजिश रचकर उन्हें यहां से रवाना करवा दिया। फिर लिली डावर ने 2021 में पदभार संभाला। इन्होंने फिर वही हस्तक्षेप को स्पष्ट रूप से अस्वीकृत कर दिया। तभी से यह साजिशों का दौर जारी रहा जो वर्तमान में सफल भी हो गया।
