दसवीं व बारहवीं की प्री-बोर्ड की परीक्षा ऑनलाइन ली जाएगी |10th va 12th ki pre board ki pariksha online li jaegi

दसवीं व बारहवीं की प्री-बोर्ड की परीक्षा ऑनलाइन ली जाएगी

दसवीं व बारहवीं की प्री-बोर्ड की परीक्षा ऑनलाइन ली जाएगी

भोपाल (ब्यूरो रिपोर्ट) - मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने कोरोना व नकल रोकने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। अब दसवीं-बारहवीं के प्रश्न-पत्र परीक्षा केंद्रों पर ऑनलाइन पहुंचेंगे। केंद्र पर ही पेपर प्रिंट कर विद्यार्थियों को वितरित किए जाएंगे। साथ ही कोविड के चलते परीक्षा भी दो पालियों में होगी और ऑनलाइन परीक्षा कराने की भी तैयारी चल रही है। मंडल ऑनलाइन परीक्षा को लेकर पहले दसवीं व बारहवीं की प्री-बोर्ड में शुरू करेगा। इसके बाद बोर्ड परीक्षा में कुछ केंद्रों पर ऑनलाइन ली जाएगी। इस बार ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीके से परीक्षा ली जाएगी। मंडल सचिव ने परीक्षा केंद्रों को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है। मंडल द्वारा दसवीं व बारहवीं के प्रश्न-पत्र जिले की समन्वयक संस्थाओं में पहुंचाएं जाते है।

समन्वय संस्था द्वारा प्रश्न-पत्रों का वितरण परीक्षा केंद्रों को किया जाता है। इस परिवहन व्यवस्था में मंडल की लाखों रुपये की राशि खर्च होती है। मंडल ने अब बड़ा निर्णय लिया है। अब मंडल द्वारा 2020-21 की परीक्षा में परीक्षा केंद्रों पर प्रश्न-पत्र ऑनलाइन, पेन ड्राइव के माध्यम से उपलब्ध कराएगा। परीक्षा केंद्रों पर प्रिंटर या फोटो कॉपी मशीन से विद्यार्थियों के लिए प्रश्न-पत्र निकालकर वितरित किए जाएंगे।

वहीं परीक्षा दो पालियों में होगी। दो पालियों में होने से परीक्षा केंद्रों पर कोविड-19 के कारण विद्यार्थियों में सुरक्षित शारीरिक दूरी बनी रहेगी। ज्ञात हो कि मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल की दसवीं-बारहवीं परीक्षा में हर वर्ष 19 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल होते है। प्रदेश में साढ़े तीन हजार से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए जाते है। मंडल की दसवीं व बारहवीं की बोर्ड परीक्षा 30 अप्रैल से 15 मई तक और दूसरी परीक्षा 1 से 15 जुलाई तक होने की संभावना है।

निजी स्कूलों में अधिक परीक्षा केंद्र बनेंगे

माशिमं द्वारा परीक्षा केंद्रों के निर्धारण को लेकर निर्देश जारी किए है। इसमें साफ कहा गया है कि परीक्षा केंद्रों के लिए ऐसे स्कूलों का चयन किया जाए, जिसमें कंप्यूटर, इंटरनेट, प्रिंटर, फोटो कॉपी मशीन उपलब्ध हो या किराए पर आसानी से ली जा सके। साथ ही परीक्षा केंद्रों के चयन में स्कूलों में उपलब्ध अधोसंचरना, संसाधन एवं सुविधाओं के आधार पर किया जाए। साथ ही स्कूलों की दूरी शहरी क्षेत्र में पांच किमी एवं ग्रामीण क्षेत्र में दस किमी से ज्यादा नहीं होना चाहिए। परीक्षा केंद्र के लिए ऐसे स्कूलों का चयन किया जाए, जिसमें परीक्षार्थियों की बैठक व्यवस्था के लिए फर्नीचर, पेयजल, प्रसाधन व सुरक्षा की अच्छी व्यवस्था हो। ऐसे कोई भी स्कूल परीक्षा के लिए प्रस्तावित नहीं किया जाए, जहां टेंट या शामियाना में, टाटपट्टी या जमीन पर परीक्षार्थियों को परीक्षा देने की स्थिति उत्पन्न हो।

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