बोरगांव गोशाला बनी भैंसों बोधा की शाला | Borganv goshala bani bhenso bodha ki shala

बोरगांव गोशाला बनी भैंसों बोधा की शाला

क्षमता से अधिक जानवर उतारने से किसानों की फसल हो रही नुकसान

बोरगांव गोशाला बनी भैंसों बोधा की शाला

बोरगांव (गयाप्रसाद सोनी) - छिंदवाड़ा जिला के सांसद जनपद पंचायत सौंसर  की ग्राम पंचायत बोरगांव वैसे भी आए दिन चर्चा में बनी हुई है, विगत दिनों सद्भावना मंच द्वारा चार दिन का आमरण अनशन सरपंच की अनियमितता से किए गए निर्माण कार्य,फर्जी बिलों का भुगतान को लेकर किया गया था, फिर भी सरपंच और उसके पति की तानाशाही आज लगातार चल रही है, और इसका नतीजा ग्राम के किसानों को भुगतना पड़ रहा है, सरपंच पति द्वारा क्षमता से अधिक जानवर बिना पंचायत के पंचों से पूछे बिना, बिना बैठक लिए गौशाला में क्षमता से अधिक जानवर उतार दिए गए,और गौशाला में 16 भैंस और भैंस के बोधा भी उतार लिए गए हैं, जबकि शासन के निर्देशानुसार यहां पर गौशाला की क्षमता 100 जानवर की क्षमता है लेकिन आज की स्थिति में लगभग 180 जानवर से अधिक हो गये है,गौशाला में जबरन 80 जानवर उतारे रहे, और वह 80 जानवर गौशाला से बाहर निकलकर किसानों की फसल को बर्बाद करने में लगे हुए हैं, किसानों द्वारा लगातार शिकायत प्रशासनिक अधिकारी को की जा रही है, लेकिन अधिकारी भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे, विचारे किसान एक तो महंगाई की मार और फसल के कमजोर रेट से वैसे भी परेशान है और किसान लगातार मार झेल रहे हो, ऊपर से बोरगांव गौशाला के जानवर पूरी फसल चौपट करने में लगे हुए हैं ,जब की क्षमता से अधिक जानवर यहां उतारना संभव नहीं था। फिर भी जबरन सरपंच पति ने सामाजिक कार्यकर्ता के दबाव में आकर सरपंच पति अपनी वाह- वाह वाही लेने   लिए ने सामने देखकर और स्वंय खड़े होकर जबरन जानवर उतारकर गौशाला में रख दिए, और आज यही जानवर किसानों के लिए भारी पड़ रहे हैं, खाड़ी फसल को चौपट करने को लगे हैं, लगातार  गौशाला के जानवर बहार निकल कर फसल की नुकसान करने में लगे हैं, वही किसानों प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं, गौशाला से बाहर निकले जानवर में फसल नुकसानी को लेकर आज पटवारी ने मौके पर जाकर किसान की फसल का मुआवजा हेतु पंचनामा तैयार  किया, लेकिन सवाल यह है कि करनी किसी की और भरनी किसी की यह बात आपने सुनी होगी, आखिर गौशाला में क्षमता से अधिक जानवर किसकी अनुमति से उतारे गए हैं, गौशाला पंचायत के आदेश पर चलती है,या सरपंच पति के इशारे पर, शासन के आदेश का कैसे खुला उल्लंघन किया जा रहा है,  क्या पंचायत के सभी पंचों से गौशाला में जानवर उतारने की अनुमति ली थी,  सरपंच पति अपनी खुद की मर्जी से यहां पर जानवर क्यो उतारे हैं, आखिर यह कैसी मनमानी जो किसानों के लिए आज भारी पड़ रही है,

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