त्यौहार से पूर्व नहीं दिख रही सफाई | Tyohar se purv nhi dikh rhi safai

त्यौहार से पूर्व नहीं दिख रही सफाई

त्यौहार से पूर्व नहीं दिख रही सफाई

डिंडौरी (पप्पू पड़वार) - दीपोत्सव का पर्व दीपावली मूल रूप से साफ-सफाई का त्योहार है पर जिले के समनापुर जनपद मुख्यालय में सार्वजनिक स्थलों पर कहीं भी सफाई नहीं दिख रही। यह आलम तब है जब दीपावली त्योहार नजदीक है। इतने के बाद भी गांवों में साफ-सफाई कहीं भी नहीं दिख रही । पूर्व से चली आ रही परंपरा के अनुसार गांवों में लोगों ने अपने घरों से लेकर बाहर तक खुद ही साफ-सफाई का काम किया जा रहा है। सार्वजनिक स्थलों पर तो स्थिति और भी नारकीय है। लोग अपने घरों व आसपास की सफाई में ही उलझे हैं जिससे इस ओर किसी का ध्यान ही नहीं जा रहा । ऐसे में गांवों में कहीं नालियां बजबजा रही हैं तो कहीं सड़क पर ही कूड़ा-कचरा बिखरा पड़ा है। साफ-सफाई के मायने में शुरू से ही सफाई कर्मियों की उदासीनता त्योहार से पूर्व स्पष्ट रूप से देखने को मिल रही । जनपद मुख्यालय में कहने के लिए तो सफाई कर्मी है लेकिन धरातल पर इनका औचित्य कहीं भी समझ नहीं आता है।

त्यौहार से पूर्व नहीं दिख रही सफाई

नाली चोक,सड़क पर बह रहा गंदा पानी


बजरंग मंदिर होते हुए स्कूल जाने वाले मुख्य मार्ग के किनारे नाली की साफ-सफाई वर्षों से नहीं कराई गई है। ऐसे में नालियां चोक होने से गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। इससे भक्तों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार मामले की शिकायत भी ब्लाक के अधिकारी से की गई, लेकिन नाली की सफाई नहीं कराई गई।

प्रदेश समेत पूरे भारत दसाफ-सफाई को लेकर तमाम प्रयास किए जा रहे है। सरकार भी स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए नित नई पहल करने को तैयार रहती है। लेकिन जिले के समनापुर जनपद मुख्यालय में पिछले कई वर्षों से साफ-सफाई व्यवस्था धड़ाम हो चुकी है। गांव में जहां तैनात सफाई कर्मचारी नहीं पहुंच रहे हैं, वहीं लोग खुद ही समय-समय पर नालियों की साफ-सफाई शुरू कर देते हैं। मुख्य मार्ग कल्याणीं मंदिर से कुछ ही दूरी पर हनुमान मंदिर होते हुए  स्कूल को जाने वाले मार्ग किनारे जल निकासी के लिए नाली का निर्माण वर्षों पहले कराया गया था। पहले तो कभी कभार साफ-सफाई होती थी। लेकिन पिछले दो तीन वर्षों से नाली की सफाई नहीं कराई गई। ऐसे में नाली गंदगी से बजबजा रही है और उसका गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर फैल रहा है। ऐसे  में स्कूल जाने वाले बच्चे एवं मंदिर जाने वाले भक्तों को गंदे पानी से होकर मंदिर पहुंचना पड़ता है। इस पर कई मर्तबा स्थानीय लोगों ने नाराजगी जाहिर करते हुए मामले की शिकायत भी अफसरों से की, लेकिन उसके बाद भी नाली की साफ-सफाई नहीं कराई जा सकी।गांव के लोग कोई काम न बता दें इसलिए सरपंच और सचिव पंचायत और यहां के लोगों से दूरी रखते हैं, तथा कम आना जाना करते हैं। वे पंचायत के अधिकतर काम ठेकेदारी प्रथा पर करवाते हैं।

त्यौहार से पूर्व नहीं दिख रही सफाई

यह कहते ग्रामीण


गली जजर होने के कारण वहां पर हमेशा कीचड़ की समस्या बनी रहती है। इससे लोगों को आने, जाने में काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। गली में भरे गंदे पानी और कीचड़ से आसपास दुर्गंध फैली रहती है। खतरनाक मच्छर बढऩे से मलेरिया और डेंगू का खतरा भी बना रहता है। लोगों ने कई बार प्रशासन से मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की, लेकिन आज तक समस्या का समुचित समाधान नहीं हुआ।


महेश प्रसाद झारिया, 

निवासी बजरंग कालौनी समनापुर


पंचायत को चाहिए कि वो सड़क के साथ नाली का निर्माण भी कराए। इस क्षेत्र में कूड़ा कचरा फेंकना भी एक बड़ी समस्या है। न तो कहीं कचरा फेंकने की कोई जगह है और न ही कूड़ा कचरा उठा कर ले जाने की कोई शासकीय व्यवस्था है। कई जगहों पर लगे कचरे कूड़े के ढेर संक्रामक बीमारियों को आमंत्रण दे रहे हैं। मजबूरी में गांव के लोग घर से निकलने वाले कचरे के ढेर से कागज व प्लास्टिक आदि अलग कर जला देते हैं।

रम्मू साहू , निवासी बजरंग कालौनी समनापुर 


आने वाले समय में जिला पंचायत जनपद एवं ग्राम पंचायतों के चुनाव होना है। मतदाताओं के लिए फिर वही यक्ष प्रश्न वोट किसे दें और क्यों दें,, लोग चुनाव में वोट देते किसलिए हैं। क्षेत्र के विकास के लिए तो फिर क्षेत्र का विकास तो होना चाहिए, नहीं तो हमारे वोट देने से फायदा क्या है। अब तक तो यही होता आया है जिसका खमियाजा बरसों से ग्रामवासी भुगत रहे हैं।

मदनमोहन राय, निवासी बाजार कालौनी समनापुर

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