श्रृद्धालुओं को आसानी से महाकाल के दर्शन हो जाएं इस हेतु प्रशासनिक अधिकारियों ने विभिन्न व्यवस्थाओं पर मंथन किया | Shardhaluo ko asani se mahakal ke darshan ho jaye is hetu prashasnik

श्रृद्धालुओं को आसानी से महाकाल के दर्शन हो जाएं इस हेतु प्रशासनिक अधिकारियों ने विभिन्न व्यवस्थाओं पर मंथन किया

श्रृद्धालुओं को आसानी से महाकाल के दर्शन हो जाएं इस हेतु प्रशासनिक अधिकारियों ने विभिन्न व्यवस्थाओं पर मंथन किया

उज्जैन (रोशन पंकज) - उज्जैन संभागायुक्त श्री आनंद कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आज महाकाल मंदिर में उपलब्ध सुविधाओं एवं श्रृद्धालुओं के लिए की जाने वाली सुविधाओं पर चर्चा की गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने श्रद्धालुओं को आसानी से महाकाल के दर्शन हो जाएं और शिखर दर्शन भी हो जाएं इस पर विचार-मंथन किया। बैठक में चर्चा की गई कि पुजारियों के लिए पृथक से एक हॉल का निर्माण किया जाए। देवास धर्मशाला निर्गम द्वार के बीच रास्ता निकाला जाए। बैठक में चर्चा की गई कि धर्मशाला हटाकर उसके बदले नई व्यवस्था दी जाएगी। प्रचवन हॉल को भी हटाने पर भी विचार किया गया। बताया गया कि श्रृद्धालुओं के लिए रैम्प की व्यवस्था की जा सकती है ताकि बड़े धार्मिक पर्वों पर श्रृद्धालुओं को आने-जाने में सुविधा हो। ऐसी व्यवस्था की जायेगी कि जहाँ से धर्मशाला हटा रहें है वहां से श्रृद्धालुओं को पुन: एक बार महाकाल के दर्शन हो जाएं। शंख द्वारा पर जूते-चप्पल उतारने की व्यवस्था रहेगी। संभागायुक्त ने निर्देश दिये कि मंदिर जितना खुला-खुला रहेगा उतनी ही व्यवस्था अच्छी रहेगी। ऐसा प्रयास किया जाये कि भक्तों को धूप में ज्यादा चलना न पड़े। बाहर के पण्डे-पुजारी जो अभिषेक करते हैं एवं मंदिर के अंदर के पुजारियों के लिए अलग-अलग जगह निर्धारित रहें। बारह प्रकार के अभिषेक होते है, इसे ध्यान में रखते हुए पुजारियों की बैठक व्यवस्था पृथक से की जाए। मंदिर में ऐसी व्यवस्था की जाए कि पहली बार बाहर से आने व्यक्तियों को भी कोई परेशानी का सामना न करना पड़े। उसे पता होना चाहिए कि कहाँ रशीद कटवाना है एवं कहाँ अभिषेक करना है इसके लिए जगह-जगह रशीद काउन्टर भी बनवाए जाएं।

श्रृद्धालुओं को आसानी से महाकाल के दर्शन हो जाएं इस हेतु प्रशासनिक अधिकारियों ने विभिन्न व्यवस्थाओं पर मंथन किया

बैठक में बताया गया कि बैगमबाग की तरफ से ट्रेफिक व्यवस्था कंट्रोल की जाएगी। दिव्यांग एवं बुजुर्गों के लिए अलग लैन की व्यवस्था रहेगी। मिडवे झोन पर युरिनल पाइंट बनाए जाएंगे, जगह-जगह प्राचिन ऋषि मुनियों के चित्र बनाकर उनके संबंध में जानकारी अंकित की जाएगी। इसके लिए कालिदास अकादमी से जानकारी जुटाई जायेगी। पुलिस महानिरीक्षण श्री राकेश गुप्ता ने निदे्रश दिये कि महाकाल मंदिर का क्षेत्र संवेदनशील है अत: स्थान-स्थान पर मैटल डिक्टेटिव लगाई जाए, ताकि मंदिर में प्रवेश करने के पूर्व ही सुरक्षा जाँच की जा सके।


बैठक में आर्किटेक्ट श्री नीतिन श्रीमाली ने प्रजेंटेशन के माध्यम से महाकाल मंदिर में आगामी दिनों में होने वाले बदलाओं की जानकारी दी।


बैठक में कलेक्टर श्री आशीष सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री सत्येंद्र कुमार शुक्ला, आयुक्त नगर निगम श्री क्षितीज सिंघल, अपर कलेक्टर श्री नरेन्द्र सूर्यवंशी, श्री जितेन्द्र सिंह चौहान सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


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