भ्रष्टाचार प्रचंड - जवाबदार कब पाएंगे दंड, अब तक - मन नही जीत सके एम डी मंजीत सिंह | Bhrashtachar prachand jawabdar kab paenge dand

भ्रष्टाचार प्रचंड - जवाबदार कब पाएंगे दंड, अब तक - मन नही जीत सके एम डी मंजीत सिंह

ईकाई नंबर दो बायलर  ट्यूब लीकेज होने से हुई बंद चार इकाइयों मे तीन बंद एक से उत्पादन जारी

चार नंबर इकाई भी महीनो बाद पूरी तरह खुल चुकी इसमे आई पी टरबाइन एच पी टरबाइन एल पी टरबाइन इन तीनो मे सोडियम डिपाजिट पाए गए एल पी टरबाइन की ब्लेड घिसाने के बाद  हुई पतली

निरीक्षण जारी यही ठीक होगी या इसे भी गुजरात भेजा जाएगा जापानी कंपनी लेगी निर्णय अभी और महीनो बंद रहेगी दोनो नव निर्मित  इकाइयां

तीन नंबर टरबाइन को सुधारने का ठेका आठ करोड़ मे निर्माता कंपनी एल एंड टी पावर को मिला क्या टरबाइन का कोई गारंटी पीरियड  नही था जो फिर से ठेका दिया गया सवाल उठाना शुरु

भ्रष्टाचार प्रचंड - जवाबदार कब पाएंगे दंड, अब तक - मन नही जीत सके एम डी मंजीत सिंह

बीड/खण्डवा (सतीश गम्बरे) - संत सिंगाजी  पावर परियोजना की  इकाई नंबर दो मे बायलर ट्यूब लीकेज होने से  इकाई को बुधवार  बंद कर दिया गया है जिसका सुधार कार्य किया जा रहा है इस  इकाई से तीन से चार दिनो बाद ही उत्पादन शुरू हो सकेगा विदित होकी  2520 मेगावाट की सुपर क्रिटिकल परियोजना की कुल  चार इकाइयों मे  से  वर्तमान मे एक ही  इकाई चलाकर मात्र 600 मेगावाट बिजली का उत्पादन लिया जा रहा है तीन इकाइयां संघठित भ्रष्टाचार के बाद  बंद पड़ी है जिससे कंपनी सहित सरकार  को करोडो रुपये रोजाना  का नुकसान उठाना पड़ रहा  है तथा जिसका  भुगतान आम जनता को ही भुगतना पड़ रहा है गौरतलब है की तीन नंबर इकाई की एच पी टरबाइन टूटने के कारण जनरेटर को सुधार कार्य  हेतु गुजरात भेजा गया है जिसे ठीक करने का ठेका भी सांठ गांठ कर  एल एंड टी पावर  कंपनी को करीब 8 करोड़ मे दिया गया जिसमे 55 दिनो मे ठीक कर वापस परियोजना पहुचना शामिल है क्या टरबाइन का कोई गारंटी पीरियड नही था जो करोडो का ठेका फिर से दे दिया गया  एल एंड टी पावर कंपनी द्वारा  सरकार से पांच हजार दो सौ करोड़ लेने के बाद भी  गुणवत्ताहीन मटेरियल लगाकर परियोजना का निर्माण कराया गया जिस कारण इकाई नंबर तीन की एच पी  टर्बाइन निर्माण से मात्र 3000 घंटे भी नही चल सकी और टूट गई और इकाई नंबर चार की एल पी टरबाइन की ब्लेड मे घिसावट से पतली होना सामने आया है जिस कारण 1320 मेगावाट की नव निर्मित दोनो इकाइयां रबी के सीजन मे भरपूर बिजली डिमांड होने के बाद भी महीनो से बंद पड़ी है इससे पहले पूरे विश्व मे कभी भी एच पी टरबाइन नही टूटी फिर भी आज तक किसी भी जवाबदार पर कार्यवाही नही की गई वही पुराना ढर्रा आज भी जारी है ॥


इकाई नंबर चार मे भी वाटर केमेस्ट्री फेल इकाई की तीनो टरबाइन मे सोडियम की पुष्टि एल पी टरबाइन की ब्लेड हुई घिसावट से पतली


परियोजना की इकाई नंबर चार मे भी वाटर केमेस्ट्री फेल होने के कारण सोडियम इकाई की आई पी .एच पी .एवं एल पी इन तीनो टरबाइन मे पाया गया है जिस कारण एल पी टरबाइन की ब्लेड घिसा जाने से पतली हो गई है इसे भी बदला जाना है लेकिन  इकाई के  महीनो बंद रहने के बाद अब तक सिर्फ खोलकर निरीक्षण ही किया जा सका है इसे भी  गुजरात भेजना है या यही सुधार लिया जाएगा ठीक होने मे और कितने महीने लगेंगे इस पर भी निर्णय नही हो सका है मामला जापानी कंपनी मित्सुबीसी के पाले मे है उसी के आधार पर निर्णय होगा ॥


वर्जन ..


इकाई नंबर चार मे भी वही डिपाजिट पाए गए है जो तीन नंबर मे थे एल पी टरबाइन की थिन  हुई ब्लेड को यही सुधार लिया जाएगा


         आर पी पांडे 

प्रवक्ता सिंगाजी पावर परियोजना

Post a Comment

0 Comments