महा तपस्विनी निर्मला नाहर ने 101 उपवास के प्रत्याख्यान ग्रहण किए | Maha tapasvini nirmala nahar ne 101 upwas ke pratyakhyan grahan

महा तपस्विनी निर्मला नाहर ने 101 उपवास के प्रत्याख्यान ग्रहण किए

महा तपस्विनी निर्मला नाहर ने 101 उपवास के प्रत्याख्यान ग्रहण किए

रतलाम-झाबुआ (संदीप बरबेटा):- आचार्यश्री उमेशमुनि जी के शिष्य प्रवर्तक जिनेंद्रमुनिजी की आज्ञानुवर्ती साध्वी मधुबाला जी, सुनीता जी, मलया जी, कला जी, श्रद्धा जी, समता जी आदि ठाणा-छह चातुर्मास के लिए श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल नौलाईपुरा स्थानक पर विराजित हैं। कोरोना महामारी की विकट परिस्थिति को दृष्टिगत रखते हुए साध्वी मधुबाला जी व साध्वी मंडल की प्रेरणा से श्रावक- श्राविकाएं अपने-अपने स्तर पर जप, तप, धर्म, ध्यान, ज्ञान आदि आराधना करने का लाभ ले रहे हैं। यहां साध्वी मंडल के सानिध्य में ज्ञान-दर्शन-चारित्र व तप की आराधना निरंतर जारी है। एहतियात के तौर पर श्रद्धालुजन साध्वी मंडल के दूर से ही दर्शन कर मांगलिक आदि का लाभ लेकर नियमित नियम, तपस्या आदि के प्रत्याख्यान ले रहे हैं।

श्री धर्मदास जैन श्रीसंघ के अध्यक्ष अरविंद मेहता और महामंत्री सुशील गादिया ने बताया कि यहां तपस्वी धर्मनिष्ठ निर्मला नवीन नाहर की सोमवार 98 उपवास की तपस्या थी और उन्होंने साध्वी मधुबाला जी के मुखारविंद से 101 उपवास के प्रत्याख्यान ग्रहण कर लिए। उल्लेखनीय है कि तपस्वी निर्मला नाहर ने पूर्व में वर्ष 2018 में 125 उपवास की कठोर तपस्या केवल गर्म जल के आधार पर की थी। इस दौरान उनका गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज किया गया था। इसके अलावा भी वे कई छोटी-बड़ी तपस्याएं कर चुकी हैं। साध्वी मधुबाला जी व साध्वी मंडल, श्री धर्मदास जैन श्रीसंघ तथा समस्त संस्थाओं ने तपस्वी निर्मला नाहर के तप की अनुमोदना की। श्री धर्मदास जैन श्रीसंघ के सचिव दिलीप चाणोदिया व प्रचार सचिव ललित कोठारी ने बताया कि यहां वर्षावास में तेला, उपवास, आयंबिल व एकासना की लड़ियां भी चल रही है। बड़ी संख्या में आराधक वर्षीतप की आराधना कर रहे हैं। यहां मासक्षमण सहित विभिन्ना तपस्या भी पूर्ण हो चुकी है।

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