नगर पालिका द्वारा स्वतंत्रता सेनानियो का अपमान, जागृत जनता उठा रही सवाल | Nagar palika dvara svatantrata senaniyo ka apman

नगर पालिका द्वारा स्वतंत्रता सेनानियो का अपमान, जागृत जनता उठा रही सवाल

म आज भले ही 21 वे सदी मे सर्वव्यापी आनंद की अनुभूति कर रहे है, लेकीन हम अपने पुर्वर्जो की शहादत को नही भुल सकते। 

आज हम अपने देश मे खुली सांस ले रहे है वह अनगिणत स्वतंत्रता सेनानियों, शहिदो द्वारा किए गये आंदोलन और बलिदान की बदलौत है।

लेकीन ऐसी शर्मनाक घटना स्वगृह पांढुर्णा नगर पालिका के अधिकारिक क्षेत्र मे घटित हुई है।

नगर पालिका द्वारा स्वतंत्रता सेनानियो का अपमान, जागृत जनता उठा रही सवाल

छिंदवाड़ा (गौरव कोल्हे) - पांढुर्णा नगर के निवासी भी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम मे शहीद हुए , स्वतंत्रता आंदोलन मे सहभागी थे, उन सेनानियो की याद मे स्तंभ का निर्माण किया गया है. उस पत्थर के स्तंभ पर 9 स्वतंत्रता सेनानियो का नाम बडे अभिमान से लिखा है और हमे उस पर गर्व है. लेकिन उस स्तंभ पर अंकित श्री लक्ष्मणआप्पाजी जुननकर नामक कोई भी व्यक्ती स्वतंत्रता सेनानी हुआ ही नही, फिर भी श्री लक्ष्मणआप्पाजी जुननकर यह नाम अंकित है.

पांढुर्णा से स्व. श्री लक्ष्मणआप्पाजी गाढवे स्वतंत्रता सेनानी हुए थे. लेकिन वह नाम नगर पालिका के संबंधित जिम्मेदार अधिकारी द्वारा हटा दिया है. जबकि जिला अधिकारी कार्यालय छिन्दवाडा के स्वतंत्रता सेनानी कि सूचि मे स्व. श्री लक्ष्मणआप्पाजी गाढवे इनका नाम अंकित है, तो यह नाम किन षडयंत्र द्वारा हटाया गया यह चर्चा का आम विषय बना हुआ है ।

वही नगर के आम जनो द्वारा कहा गया है की अगर हमारे सेनानियो का जानबुझकर किये गये अपमान का सम्मानजनक सुधार नही किया गया, तो पान्ढुरना के निवासीयों को आन्दोलन करना पडेगा, ऐसी आवाज जनता से आ रही है ।

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