सशक्त महिला से समाज जागरूक होता है | Sashkt mahila se samaj jagruk hota hai

सशक्त महिला से समाज जागरूक होता है

सशक्त महिला से समाज जागरूक होता है

बुरहानपुर। (अमर दिवाने) - राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली, एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार एवं राष्ट्रीय महिला आयोग के समन्वय से तथा वीरेन्द्र एस पाटीदार जिला एव सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष बुरहानपुर के मार्गदर्शन में जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र ग्राम सारोला में महिलाओं को जमीनी स्तर पर विधिक जागरूक करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बुरहानपुर द्वारा ग्राम सारोला में डॉ.अंबेडकर भवन सभागृह में विधिक जागरूकता से महिलाओं का सशक्तिकरण विषय पर विशेष महिला विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। 

सशक्त महिला से समाज जागरूक होता है

शिविर का शुभारंभ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, के सचिव नरेन्द्र पटेल, जिला विधिक सहायता अधिकारी चन्द्रेश मण्डलोई, रिसोर्स पर्सन अधिवक्ता अब्दुल वकील खान, श्रीमती सुरेखा आमले एवं ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती अनुसईया गोपाल के कर कमलों से दीप प्रज्जवल कर किया गया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास परियोजना पर्यवेक्षिकाएं पैरालीगल वालंटियर राजू भवंरे, जितेन्द्र जामुन्दे एवं अन्य ग्रामवासी महिलाएं उपस्थित रही।

उक्त अवसर पर नरेन्द्र पटेल सचिव ने कहा कि विधिक जागरूकता से ही महिलाओं का सशक्तिकरण संभव है और सशक्त महिला से समाज में जागृति आती है। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय महिला आयोग के समन्वय से महिलाओं के लिए यह विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। प्रायः देखा गया है कि महिलाऐं अपने अधिकारों के लिए कानून के ज्ञान के अभाव के चलते आवाज नहीं उठा पाती है इसी के चलते वह कई तरह की प्रताड़नाओं का सामना करती हैं ऐसे में विधिक सेवा संस्था उन्हें न्याय दिलाने के लिए दीनबंधु होने का कार्य करती हैं।  इस अवसर पर श्री पटेल ने कहा कि जो व्यवहार हमें पसंद नहीं है, वह दूसरों के साथ नहीं करना चाहिए। 

इस अवसर पर बुरहानपुर के जिला विधिक सहायता अधिकारी चन्द्रेश मण्डलोई द्वारा उपस्थित महिलाओं को दहेज प्रतिषेध अधिनियम, पास्को एक्ट, विवाह की आयु, बाल विवाह आदि केे बारे में जानकारी देते हुए विधिक सहायता के महत्व को समझाया तथा बताया कि महिलाएं कानूनों के प्रति जागरूक होगी तब ही अपने हितों एवं अधिकारों का उपयोग भली भांति कर सकेगी।

इस अवसर पर रिसोर्स पर्सन अधिवक्ता अब्दुल वकील खान एवं श्रीमती सुरेखा आमले द्वारा उपस्थित महिलाओं को संविधान के मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य के साथ-साथ लज्जा भंग, दहेज प्रताड़ना, घरेंलू हिंसा, भू्रण हत्या एवं लैगिक शोषण, पॉक्सो एक्ट, दहेज हत्या, भरण पोषण कानूनों की महत्वपूर्ण जानकारी दी गयी। महिलाओं से संबंधित कानूनों की महत्वपूर्ण जानकारियां दी गयी। एवं म.प्र. अपराध पीड़ित प्रतिकर योजनाओं का लाभ लेने की बात कही।

शिविर में पोषण आहर माह अंतर्गत पोषक आहार स्टॉल का भी आयोजन हुआ, जिसमें पर्यवेक्षिका श्रीमती लीला मकवाना एवं श्रीमती ज्योति माली द्वारा पोषण आहार बनाने का तारीका और पोषण आहार व्यंजनों का प्रदर्शन भी किया गया। ज्योति माली द्वारा प्रतिभागियों को पोषण आहार के बारे में जानकारी दी गई। 

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं द्वारा महिलाओं को दी जा रही कानूनी एवं विधिक सेवा योजनाओं की जानकारियों के संबंध में जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री चन्द्रेश मण्डलोई द्वारा पूछे गये प्रश्नों के सही जबाव देने वाली महिला प्रतिभागियों को मंच से अधिकारीगण द्वारा पुरस्कृत किया गया। 

ग्राम सारोला में आयोजित विशेष महिला विधिक साक्षरता शिविर में लगभग 60 महिला प्रतिभागियों की उपस्थिति रही जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा कोरोना महामारी के संबंध में बचाव व रोकथाम हेतु थर्मल स्क्रीनिंग, ऑक्सीजन पल्सरेट तथा सेनेटाइज करने के उपरांत ही सभागृह में प्रवेश कराया गया। विशेष महिला विधिक साक्षरता शिविर का संचालन सहायक ग्रेड, लोकेश स्वामी ने किया तथा आभार पंचायत सचिव अनिल महाजन द्वारा व्यक्त किया गया।

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