नवरात्र में मूर्तिकार की दूर होगी आर्थिक संकट | Navratr main murtikar ki door hogi arthik sankat

नवरात्र में मूर्तिकार की दूर होगी आर्थिक संकट

नवरात्र में मूर्तिकार की दूर होगी आर्थिक संकट

डिंडौरी (पप्पू पड़वार) - कोरोना महामारी की की मार झेल रहे मूर्तिकारों को नवरात्र में अच्छी आमदनी की उम्मीद जगी है। मूर्तिकारों का कहना है कि 5 सितंबर को मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से दुर्गा उत्सव मनाने की अनुमति दे दी है। ऐसे में वे तैयारी में जुट गए हैं। हालांकि मूर्तियों के स्वरूप को लेकर प्रशासन की गाइडलाइन काफी विलम्ब से प्राप्त हुआ है। शारदीय नवरात्र 17 अक्टूबर से शुरू होकर 25 अक्टूबर तक चलेंगे। ऐसे में मूर्तिकारों ने मूर्ति बनाने की प्रक्रिया शुरू भी कर दी है। जिला डिंडौरी के समनापुर जनपद क्षेत्र में लगभग 1 दर्जन से अधिक मूर्तिकार हैं, जो देवी-देवताओं की मूर्तियां तैयार करते हैं। ज्यादातर मूर्तिकारों ने मिट्टी, लकड़ी, घास-फूस आदि मंगाकर मूर्तियां बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। अभी केवल चार फीट तक की मूर्तियां बनाने का कार्य चल रहा था लेकिन गाइडलाइन मिलने के बाद सात फिट की मूर्तियां बनाने का कार्य जोरों पर है । मूर्तिकारों का कहना है कि घरों में मां दुर्गा को विराजमान करने के लिए प्रतिमा बनाने के आर्डर आ रहे हैं। गौरतलब है कि इस साल कोरोना वायरस की गाइडलाइन के परिपालन में गणेशोत्सव में पंडाल लगाने व बड़ी मूर्तियां न तैयार करने के निर्देश शासन द्वारा दिए गए थे। ऐसे में मूर्तिकारों ने घर में विराजमान करने के लिए केवल छोटी मूर्तियां ही तैयार की थीं।

मूर्ति के आकार को लेकर थी  दुविधा

मूर्तिकारों का कहना है कि पंडाल लगाने की मंजूरी तो मिल गई है, लेकिन कितनी बड़ी मूर्तियां विराजित कराई जा सकेंगी, इस संदर्भ में प्रशासन द्वारा गाइडलाइन जारी करने में विलम्ब  की गई है। मूर्तिकारों का कहना है कि पंडाल समितियां भी इस वजह से आर्डर नहीं दे रहे थे। प्रशासन द्वारा मूर्ति की ऊंचाई को लेकर गाइडलाइन जारी करने में देरी की गई जिससे लोग इस दुविधा में थे कि कहीं ऐसा न हो कि वे बड़ी प्रतिमा तैयार करा लें और उसे विराजित करने की मंजूरी प्रशासन से न मिले। मूर्तिकारों का कहना है कि उन्होंने गणेश प्रतिमाएं तैयार करने के लिए काफी सामग्री खरीदी थी, लेकिन उसका उपयोग नहीं कर सके। ऐसे में अब इस सामग्री का इस्तेमाल मां दुर्गा की मूर्तियां तैयार करने में किया जा सकेगा।

इनका कहना है...

दुर्गा उत्सव में पंडाल लगाने की मंजूरी मिलने से उम्मीद जगी है। अभी मां दुर्गा को घरों में विराजमान करने के लिए मूर्तियों के आर्डर आए हैं। चार फीट तक की मूर्तियां ही तैयार कर रहे थे। मूर्ति के आकार को लेकर पहले  संशय बना हुआ था इस कारण  पंडाल समितियों ने अभी तक आर्डर नहीं दिये हैं ।सभी  प्रशासन की गाइडलाइन का इंतजार कर रहे थे। हर साल सात से आठ फीट तक की करीब 15 मूर्तियां हम तैयार करते हैं।
देवेन्द्र सोनपाली पेंटर, मूर्तिकार

हमने अपने पुराने रेगुलर कस्टमर मंडल समितियों से बात की है अब मूर्ति के आकार को लेकर प्रशासन की गाइडलाइन के आधार पर आडर मिल रहे हैं । हर वर्ष 5 से 10 फीट की मां दुर्गा की मूर्ति बनाते हैं।
पंकज पड़वार पेंटर, मूर्तिकार

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