किरायेदारों तथा होटल, लॉज, धर्मशाला, होस्टल आदि में रहने वालों की सूचना संबंधित थाना में देना जरूरी | Kiraedar tatha hotel loj dharmshala hostel aadi main rehne walo ki suchna

किरायेदारों तथा होटल, लॉज, धर्मशाला, होस्टल आदि में रहने वालों की सूचना संबंधित थाना में देना जरूरी

धारा-144 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी

इंदौर (जाहिद मंसूरी) - जिले में किरायेदारों, होटल, लॉज, धर्मशाला, होस्टल आदि में रहने वालों की सूचना संबंधित थाने में देना जरूरी होगा। इनसे से पहचान पत्र भी लेना अनिवार्य किया गया है। इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री मनीष सिंह ने दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा-144 के अन्तर्गत जन सामान्य के हित/जानमाल एवं लोक शांति को बनाये रखने हेतु इन्दौर जिले की राजस्व सीमा में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये है।
जारी आदेशानुसार किरायेदारों की सूचना संबंधित मकान/दुकान मालिक द्वारा संबंधित थाने पर विहित प्रारूप में देना होगी। निर्देश दिये गये है कि इसके पूर्व मकान/दुकान किराये से नहीं दी जाये। साथ ही आई.डी. प्रुफ भी आवश्यक रूप से लिया जाये। निर्देश दिये गये है कि घरेलू नौकरों एवं व्यावसायिक नौकरों की सूचना संबंधित मालिक द्वारा थाने पर विहित प्रारूप में देने के उपरान्त ही उन्हें रखा जाये। आई.डी. प्रुफ भी आवश्यक रूप से लिया जाये । छात्रावासों में रह रहे छात्र एवं छात्राओं की सूचना विहित प्रारूप में संबंधित थाने को देना होगी। इनसे भी आई.डी. प्रुफ लेना जरूरी किया गया है। होटल, लॉज, धर्मशाला में रूकने वाले व्यक्तियों से पहचान पत्र अनिवार्य रूप से लेना होगा एवं ठहरने वाले व्यक्तियों की सूची विहित प्रारूप में प्रतिदिन थाने पर देना होगी। संबंधित से पहचान पत्र भी लेना जरूरी है।  भवन निर्माण एवं अन्य निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों/कारीगरों की सूचना ठेकेदार द्वारा विहित प्रारूप में थाने पर देने के उपरांत ही उन्हें काम पर रखें जाने के निर्देश दिये गये है। इनसे भी आई.डी. प्रुफ लेना होगा। पेंईग गेस्ट की सूचना संबंधित मकान मालिक द्वारा विहित प्रारूप में थाने पर देना होगी। इसके उपरांत ही पेंईग गेस्ट रखा जाये। साथ ही इनसे भी आई.डी. प्रुफ लेना होगा। ऐसे व्यक्तियों की सूचना जो 15 दिवस से अधिक समय तक निवास कर रहे हो तत्काल थाने पर विहित प्रारूप में देना जरूरी है । इनसे भी भी आई.डी. प्रुफ लेना होगा। आदेश का उल्लंघन करने पर पर धारा-188 भारतीय दण्ड विधान अंतर्गत दण्डनीय अपराध की श्रेणी में आयेगा। यह आदेश 8 नवम्बर, 2020 तक प्रभावशील रहेगा।

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