व्हाट्सएप पर चैटिंग फेसबुक पर प्यार हो गया, सोशल मीडिया पर ही इकरार व तकरार हो गया | Whatsapp pr chating facebook pr pyar ho gaya

व्हाट्सएप पर चैटिंग फेसबुक पर प्यार हो गया, सोशल मीडिया पर ही इकरार व तकरार हो गया 

साहित्यिक संस्था शगुन ने गणेश उत्सव के दौरान ऑनलाइन काव्य निशा का किया आयोजन

व्हाट्सएप पर चैटिंग फेसबुक पर प्यार हो गया, सोशल मीडिया पर ही इकरार व तकरार हो गया

मनावर (पवन प्रजापत) - कोरोना काल में सभी लोग घर पर ही रहकर त्यौहार मना रहे हैं आयोजनों कार्यक्रमों पर प्रतिबंध है ऐसे में नगर की साहित्यिक संस्था शगुन ने गणेश उत्सव के दौरान ऑनलाइन काव्य निशा का आयोजन किया । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि साहित्यकार मोहन जोशी 'पियूष' इंदौर व अध्यक्षता स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर विश्वदीप मिश्र मनावर ने की । कार्यक्रम का आगाज युवा कवयित्री दीपिका व्यास ने सरस्वती वंदना से किया । कवियत्री अलका पंडित बड़वानी ने निमाड़ी में श्री गणेश से कोरोना से मुक्ति दिलाने की विनती करते हुए वंदना सुनाई ।‌ मोहन जोशी 'पीयूष' ने राजगढ़ के वीर शहीद मनीष को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश की खातिर शहीद हुए ,मनीष तुम्हारा वंदन है ,शहीद की चरण रज तो ,हमारे माथे का चंदन है । सोशल मीडिया पर उपजे प्यार को व्यंग कवि विश्वदीप मिश्र ने यूं बयान किया कि व्हाट्सएप पर चैटिंग ,फेसबुक पर प्यार हो गया सोशल मीडिया पर ही ,इकरार व तकरार हो गया, ना हम मिले ना ,हमसे सनम कभी, मोबाइल पर ही ,प्यार का बंटाधार  हो गया । धार की कवियत्री अमृता खत्री ने अपने शायराना अंदाज मैं गजल मेरी एक जरा खता पर कितना बवाल करते हैं ,यह लोग भी ना देखो क्या क्या कमाल करते हैं पेश की । कवि सतीश कुमार ने मां पर भावपूर्ण रचना सुनाकर माहौल  भावमय कर दिया । अनुषा व्यास इंदौर ने समाज में बेटी की महत्ता को रेखांकित करते हुए अपनी कविता के माध्यम से नारी सशक्तिकरण व सम्मान का संदेश दिया । उभरती कवियत्री माधवी  रावल ने बारिश और भाई बहन के प्रेम पर सुंदर प्रस्तुति दी । अपनी ओजस्वी शैली में काव्य निशा का संचालन करते हुए मांडवी के वीर रस के कवि प्रदुम्न शर्मा भानु ने नारी स्वाभिमान पर जागृत हो भारत की दुर्गे, मैं तुझे जगा कर जाऊंगा , हर नारी में स्वाभिमान की ,आग लगाकर जाऊंगा कहते हुए नारी सशक्तिकरण व जागरुकता का आह्वान कर काव्य निशा का समापन किया । कार्यक्रम के अंत में मनावर के साहित्यकार स्वर्गीय श्रीमती दुर्गा पाठक  की चतुर्थ पुण्यतिथि पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए lतकनीकी सहयोगी के रुप में रघुवीर सिंह सोलंकी बड़वानी का मार्गदर्शन रहा एवं आभार कार्यक्रम संयोजक दीपेंद्र पाठक (राजा)ने व्यक्त किया ।

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