रीडिंग कैम्पेन में बच्चे प्रतिदिन पढ़ रहे कहानियाॅ | Reading campaign main bachche pratidin pad rhe kahaniya

रीडिंग कैम्पेन में बच्चे प्रतिदिन पढ़ रहे कहानियाॅ


निवाली (सुनील सोनी) - कोविड-19 के तहत बच्चों की पढ़़ाई प्रभावित न हो इसके लिए राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल द्वारा हमारा घर हमारा विद्यालय कार्यक्रम संचालित किया जा रहा हैं जिसके अंतर्गत शिक्षक प्रतिदिन गाॅवों में जाकर मोहल्ला क्लास का संचालन कर रहे हैं और पालको को बच्चों के लिए घर में ही शिक्षा का कोना के माध्यम से पढ़ने के लिए जागरूक कर रहे है। रूम टू रीड इंडिया ट्रस्ट द्वारा पढ़ने की आदत तथा पठन संस्कृति को विकसित करने हेतु 15 अगस्त से 8 सितम्बर तक चलाए जा रहे रीडिंग कैम्पेन के तहत निवाली ब्लाॅक की सभी प्राथमिक शालाओं के बच्चों को कहानी से जोड़ा जा रहा है। रूम टू रीड इंडिया ट्रस्ट द्वारा इस अभियान के तहत अभिभावकों एवं बच्चों को मोबाईल के माध्यम से प्रतिदिन कहानियाॅ सुनाई जा रही हैं। प्रतिदिन शिक्षको द्वारा हमारा घर हमारा विद्यालय कार्यक्रम से रीडींग कैम्पेन को जोड़ते हुए बच्चों को कहानियाॅ सुनाई जा रही हैं। बच्चों द्वारा भी कहानियाॅ पढ़ते और सुनते हुए इस कैम्पेन में भागीदारी की जा रही है। वही समुदाय भी अपना सहयोग प्रदान कर रहा हैं। विकासखंड स्त्रोत समन्वयक बलसिंग चौहान ने सभी शिक्षकों को विडीयो कान्फ्रेसिंग बैठक कर बताया कि इस कैम्पेन के माध्यम से अधिक से अधिक बच्चो के घर तक कहानियाॅ पहुॅचे एवं बच्चों की पढाई निरन्तर चलती रहे और बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित हो। सोशल मीडिया के माध्यम से फ्लिप बुक भी बच्चों तथा अभिभावकों तक पहुॅचाई जा रही है। विकासखंड अकादमिक समन्वयक ज्योति बरडे तथा जनशिक्षक भीमराज पवार, अमरसिंह सिसोदिया, कुलदीप पाटीदार, रामेश्वर जाधव, मगन सेनानी, राजेश पाटील, भीमसिंह बघेल, दीपक राठौड तथा कैलाश बोरसे द्वारा जनशिक्षा केन्द्रो की वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से सभी शिक्षको का मार्गदर्शन एवं सहयोग किया जा रहा है और कार्यक्रम की समीक्षा भी की जा रही हैं। कार्यक्रम सहायक टेकचद प्रजापति ने बताया कि रूम टू रीड इंडिया ट्रस्ट ने इंडिया गेट्स रीडिंग अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्यय पढ़ने की आदत तथा पठन संस्कृति को बढ़ाना तथा आम लोगों में पढ़ने और साहित्य के प्रति जागरूकता का विकास करना हैं साथ ही इस अभियान से बच्चों में पठन तथा साक्षरता आधारित कौशलों को विकसित करना है। पालक अपने बच्चों को प्रतिदिन कहानी पढ़कर सुनाए तथा स्वंय भी पढ़े तथा घर में साक्षरता का माहौल बच्चो को उपलब्ध कराए।

Post a Comment

0 Comments