माँता पिता की सेवा करना ही सबसे बडा धर्म है | Mata pita ki seva karna hi sabse bada dharm

माँता पिता की सेवा करना ही सबसे बडा धर्म है

माँता पिता की सेवा करना ही सबसे बडा धर्म है

जावरा (यूसुफ अली बोहरा) - वर्धमान स्थानकवासी संध मे चार्तुमास हैतु बिराजीत उपप्रर्वतक श्री अरूण मुनि जी मा. सा. ने कहाँ कि माँ बाप की सेवा करने से बडा कोई धर्म नही है ।आज हम आडम्बर व.आमोद प्रमोद मे भुल जाते है कि हमारे वृध्दावस्था वाले माता पिता भी है जिन्होंने हमे इस लायक बनाया है । धर्मनिष्ठ सुश्रावक स्व. कनकमल कोचट्टा की श्रध्दांजलि सभा को सम्बोधितकरते हुए भाजपा जिला उपाध्यक्ष चन्द्रप्रकाश ओस्तवाल ने माता पिता की तन मन धन से भरपुर सेवा करनेवाले उनके पुत्र कुणाल व जतीन को साधुवाद देते हुए अन्नक्षैत्र मे चल रहे  गरीबो के भोजन केलिए  15 हजार की राशि प्रदान करने के लिए द़ोनो  भाईयो के प्रति आभार माना।इसअवसर पर अ.भा. जैन कान्फ्रेंस के निवर्तमान महामंत्री श्री रमेश भण्डारी इन्दौर ने स्व.कनकी उदारता पुर्वक सहभागिता की सराहना की और इन्दौर मे श्री महावीर  डायलिसिस सेन्टर मे जहाँ मात्र 300 रू मे डायलिसिस होता है ।इसपर प्रभावित होकर स्व. कनक के काका श्री पुखराजमल जी कोचट्टा  ने इन्दौर व अन्नक्षैत्र जावरा मे चल   रहे डायलिसिस सेन्टर के लिये क्रमशः 15-15 हजार रूपये देने की धोषणा की। सभा को प्रतापगढ श्रीसंध के अध्यक्ष व भाजपा नेता श्री अम्बालाल जी चण्डालिया ने भी स्वर्गीय आत्मा व परिवार के कर्तव्यनिष्ठ सदस्यों की अनुमोदना करते हुए अपनी और से जावरा व इन्दौर डायलिसिस सेन्टर के लिये 51 सौ 51सौ रूपे की राशी देने की धोषणा की मेधनगर श्री संध के पुर्वाध्यक्ष श्री यशवन्त जी बाफना ने भी दयालु आत्मा को श्रध्दा सुमन अर्पित करते हुए कुणाल व जतीन द्रारा समज की विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं मे अन्नक्षैत्र के अलावा  क्रमशः इन्दौर व जावरा डायलिसिस सेन्टर मे इकावनसौ..इकावनसौ ,वर्धमान स्थानकवासी श्रीसंध मे इकावनसौ,श्री वरिष्ठसंध मे इक्कत्तिससौ,जीवदया सोसायटी मे इक्कत्तिससौ,जैन शोश्यल ग्रप नवकार करूणा योजना मे इक्कीससौ, आयम्बिलधर्म मे इककीससौ,श्री गोपाल गौशाला मे ग्यारहसौ,व श्री मणीभ्रद सेवा टृस्ट मे इक्कीससौ रूपये का दान देने की धोषणा की। सभी धोषणाओ पर  श्रीसंध के महामंत्री श्री कनक चौरडिय़ा व उपस्थित समुदाय ने सराहना करते हुए सभी को साधुवाद दिया।सभा के अन्त मे गुरु देव ने मांगलिक देते हुए आर्शीवाद दिया सभा का संचालन संध के कोषाध्यक्ष महावीर जैन ने किया व आभार श्रीसंध अध्यक्ष इन्दमल टुकडीया ने माना।

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