घर से भटके मासूम को पेरालिगल वालेंटियर और चाइल्ड लाइन ने मिलवाया | Ghar se bhatke masoom ko peraligal volintire or child line ne milwaya

घर से भटके मासूम को पेरालिगल वालेंटियर और चाइल्ड लाइन ने मिलवाया

खेलते-खेलते घर से चार किलोमीटर दुर अंजड पहुंचा चार साल का मासूम

बदहवास बच्चा कुछ भी बोल पाने में असमर्थ था

घर से भटके मासूम को पेरालिगल वालेंटियर और चाइल्ड लाइन ने मिलवाया

अंजड (शकील मंसूरी) - नगर के धान मंडी चौक में छोटाबडदा पुनर्वास निवासी उत्तम का चार साल का पुत्र शुक्रवार को सुबह लगभग 11 बजे खेलते-खेलते घर से लगभग चार किलोमीटर पहुंच गया। 

घर से भटके मासूम को पेरालिगल वालेंटियर और चाइल्ड लाइन ने मिलवाया

इधर लगभग चार घण्टे से परेशान माता-पिता अपने पुत्र को आसपास इलाके में बदहाव स्थिति में ढूंढते रहे। वहीं चार साल का मासूम चेतन घर से दूर धानमंडी अंजड में घर नहीं पहुंचने और भटक जाने से रो रहा था। वहीं आसपास के लोगों व राहगीरों ने देखा की एक अबोध बच्चा लगातार रो रहा है और उसके आसपास कोई नहीं है। लापता बच्चे की आशंका से मौजूद लोगों ने थाना विधीक सेवा पेरालिगल वालेंटियर को फोन करके लावारिश बच्चे की सूचना दी। सूचना के बाद पेरालिगल वालेंटियर सतीश परिहार पहुंचे और बच्चे को अपने साथ लेजाकर चाइल्ड लाइन के साथ मोटरसाइकिल से लगातार बच्चे के माता-पिता कौन है? और बच्चा कहा का है यह तलाश किया। लेकिन अंजड के किसी भी क्षेत्र में बच्चे को कोई पहचानकर्ता नहीं मिला थक हार कर सोशल मीडिया पर बच्चे चेतन की फोटो शेयर करी तो छोटाबडदा के चौकीदार चंदन ने उसकी पहचान लिया वहीं अपने के गुमने पर बदहाव स्थिति में बालक को ढूंढ रहे पिता उत्तम और माँ कंचनबाई अंजड थाने पर पहुंची और अपने पुत्र को पाकर राहत की सांस ली। बच्चे के पिता उत्तम ने बताया कि बच्चे की मां काम पर गई गई हुई थी और वह भी ठेकेदारी के काम से गया हुआ था। इसी बीच खेलते-खेलते पुत्र चेतन घर से काफी दूर निकल गया। बच्चा ठीक से कुछ बोल नहीं पाता है इसलिए परिवार को ढुंढने में परेशानी आई वहीं अंजड के मेन रोड से छोटे-बड़े वाहनों की सतत रूप से आवाजाही लगी रहती है। ऐसे में यह तो अच्छा रहा कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। विधीक सेवा व चाइल्ड लाइन द्वारा तत्परता दिखाए जाने से माता-पिता के पास बच्चा शीघ्र ही पहुंच जाने पर क्षेत्रवासियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रसन्नता जाहिर की,विधीक सेवा प्राधिकरण सचिव श्री हेमंत जोशी के निर्देशन व बालकल्याण समिति के मार्गदर्शन में बच्चे चेतन को माँ कंचनबाई व पिता उत्तम को सौंपते हुए अंजड थाने के बालकल्याण अधिकारी ललिता चौहान,विधीक सेवा पेरालिगल वालेंटियर सतीश परिहार, चाइल्ड लाइन परियोजना समन्वयक संजय आर्य ने थाने में सुपुर्द कर आगे से बच्चे को अकेला नहीं छोडकर ध्यान रखने की हिदायत दी। इस अवसर पर चाइल्ड लाइन के टिम मेंम्बर रवि राठौड भी मौजूद रहे।

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