धोखाधडी के प्रकरण में फरार आरोपी गिरफ्तार | Dhokadhadi ke prakran main farar aropi giraftar

धोखाधडी के प्रकरण में फरार आरोपी गिरफ्तार

धोखाधडी के प्रकरण में फरार आरोपी गिरफ्तार

जबलपुर (संतोष जैन) - थाना घमापुर में 19.3.2018 को अजीत श्रीवास्तव निवासी पश्चिमी घमापुर केदारनाथ का बाडा शीतला माई मंदिर के पास ने लिखित शिकायत की कि सर्वप्रथम जुलाई 2012 में शाहिल शर्मा नामक व्यक्ति का दिल्ली से उसके लैेडलाईन नम्बर पर फोन आया और जिसने बताया कि आपके पिताजी स्व. श्री पारसनाथ श्रीवास्तव के नाम पर 80,000 रू. की एक यूलिप पाँलिसी है और उस पाँलिसी की परिपक्कता अवधि पूरी हो चुकी है और इस राशि को प्रदान करने के लिये वह उसके मोबाईल पर लगातार संपर्क बनाये रखे रहा। उससे बिरला लाईफ एन्सुरेन्स कंपनी की कई पॅालिसिया लगभग 5  लाख 50 हजार रूपये की क्रय करवाई।  

                                 इसके पश्चात अजीत शर्मा और पंकज श्रीवास्तव नामक व्यक्ति जो अपने आपको आई.आर.डी.ए. का अधिकारी  बताये थे उन्होने भी उससे दूरभाष पर संपर्क किया और बताया कि आपकी पाँलिसी का पैसा दुगना होगा और उस पर बोनस भी मिलेगा। पंकज ने अपने मोबाईल से उसके मोबाईल पर कहां कि प्राधीकरण से आपको मकान मिलेगा उसने मकान लेने से मना किया तो उसने कहां कि आपको मकान का पैसा  बोनस के रूप मे ंपाँलिसी के साथ मिलेगा ऐसा कहकर पंकज ने एच.डी.एफ.सी. कंपनी की लगभग 4 लाख 50 हजार रू.की पाँलिसी उससे क्रय करवाई , क्रय करने के लिये जबलपुर ब्रांच के एजेन्ट नवीन को उसके घर भेजा । इसके बाद अजीत शर्मा  ने उसके एस.बी.आई खाता का एटीएम कार्ड दिल्ली मंगवाया एवं कहा था कि कार्ड में आर.बी.आई.की सील लगवानी है उसने एटीएम काँर्ड भेजने से मना किया तो कहा कि आपका एकाउण्ट अपडेट करना है यदि एटीएम. कार्ड नही भेजोगे तो आपको बीमा पाँलिसी की राशि प्राप्त नही होगी, उसने अजीत की बातो पर विश्वास कर अपना एटीएम कार्ड आई.जी.एम.एस.सर्विसेस ए. 30 आँफिस नं. 36 नई दिल्ली के पते पर भेजा, एटीएम. कार्ड भेजने के बाद अजीत के द्वारा उसके एटीएम से प्रतिदिन पैसे निकाले गये तंग आकर उसने ने अपना एटीएम. बंद करवा दिया।
                            इसके पश्चात अखिलेश श्रीवास्तव नामक व्यक्ति  अपने विभिन्न मोबाईल नम्बर से फोन कर रिलायंस लाईफ इन्श्योरेंस पाँलिसियो को लेने के लिये दबाव डालता रहा, उसने इन पाँलिसियो को लेने में अपनी अस्मर्थता व्यक्त की तो उसने कहा कि आपको यह पाँलिसी लेनी ही पडेगी तभी आपको आपकी बीमा राशि बोनस सहित प्राप्त होगी अन्यथा आपको किसी भी प्रकार का कोई पैसा नही मिलेगा उसने बातो पर विश्वास कर अपनी सहमति व्यक्त की तब जबलपुर ब्रान्च के एजेन्ट तलाश मजूमदार के द्वारा उक्त पाँलिसिया लगभग 3 लाख 50 हजार रूपये की क्रय की उससे उक्त पाँलिसी के प्रीमियम की राशि अखिलेश के द्वारा अलग अलग बैंकों में अलग-अलग खातो में जमा करवाई गई।
                          पाँलिसी लेने के बाद जब अजीत व अखिलेश से पूछता था कि पैसे कब मिलेगे तो वह दोनो कोई न कोई तारीख देते थे और किसी ना किसी कार्य के लिये जैसे डिस्पेच, इंकमटेक्स आदि के लिए अलग अलग बैंक खातो में उससे रूपये मंगवाते रहे।
                        इसके पश्चात कविता श्रीवास्तव जो दिल्ली से अपने मोबाईल पर बात करती थी उसने मुझसे एगोन रेलिगेयर की 1 लाख 70,000 रू.तथा एक्साईड लाईफ की 80 हजार रूपये मूल्य की पाँलिसी लोकल एजेण्ट के माध्यम से दिलाई थी इन पाँलिसियो को   निरस्त कर उसने अपना पैसा प्राप्त कर लिया है। अत्याधिक परेशान होकर तथा कर्ज की अधिक्ता होने के कारण उसने अखिलेश से सभी बीमा पाँलिसियो को निरस्त करने को कहा इस पर अखिलेश हीला हवाली करने लगा और उसे धमकी देता था । एक दिन उसने शिवशंकर श्रीवास्तव जो अपने को बैंक का अधिकारी बताता था से मोबाईल पर उसकी बात कराई और जिसने कहा कि आपकी समस्त पाँलिसियो का परिपक्ता मूल्य 1 करोड 40 लाख रूपये होती है और उसने कहा कि इतनी बडी रकम प्राप्त करने के लिये उसे टीडीएस का पैसा  देना पडेगा और  उससे  बार-बार पैसो की मांग की जाती रही।  उससे बैंक आँफ इण्डिया के खाते से पैसे मगवाये, उसने अपना पैसा वापस करने के लिये अत्याधिक प्रयास किये किन्तु इन लोगो के द्वारा उसे लगातार गुमराह कर उससे पैसे वसूल करते रहे। अभी तक लगभग 40 लाख रूपये की उसके साथ धोखाधड़ी की गयी है। रिपोर्ट पर धारा  420,506,34 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया था।पतासाजी करते हुये 14-2-2020 को एक आरोपी विवेक अग्रवाल निवासी अधारताल की गिरफ्तारी की गयी थी, प्रकरण के अन्य आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही थी।
                        प्रकरण की विवेचना में आये तथ्यों के आधार पर आकाश सिंह राजपूत उम्र 24 वर्ष निवासी जैन मंदिर के पास थाना गोसलपुर, को गोसलपुर से गिरफ्तार किया गया है, जिसने पूछताछ पर अपने खाते में 12 से 15 लाख रूपये अजीत श्रीवास्तव से डलवाना स्वीकार किया साथ ही, प्रकरण में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता के सम्बंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी है, जिनकी तलाश की जा रही है।  
 *उल्लेखनीय भूमिका-* पतासाजी कर आरोपी को गिरफ्तार करने में उप निरीक्षक राजरानी, कमलेश मेश्राम, प्रधान आरक्षक के.के. पाण्डे, आरक्षक आशीष तिवारी, प्रदीप रजक की सराहनीय भूमिका रही।

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