सावन के पांच सोमवार अति शुभ योग, प्रथम दिन भी सोमवार और अंतिम दिन भी रक्षाबंधन के दिन सोमवार | Savan ke 5 somvar ati shubh yog

सावन के पांच सोमवार अति शुभ योग, प्रथम दिन भी सोमवार और अंतिम दिन भी रक्षाबंधन के दिन सोमवार

सावन के पांच सोमवार अति शुभ योग, प्रथम दिन भी सोमवार और अंतिम दिन भी रक्षाबंधन के दिन सोमवार

पीथमपुर (प्रदीप द्विवेदी) - पंडित रमेश चंद्र मिश्रा ने बतलाया इस वर्ष श्रावण  का शुभारंभ उत्तराषाढ नक्षत्र, सोमवार तथा वैधृति योग में आज दिनांक 6 जुलाई से हो रहा है। इस श्रावण का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि सावन के प्रथम दिन भी सोमवार है और अन्तिम दिन रक्षा-बन्धन वाले दिन भी सोमवार है। इस प्रकार इस वर्ष सावन में पांच सोमवार का अति शुभ योग है।

सावन भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना है, अतः सावन भर शिव-पूजा-आराधना से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। शिव-शाक्त में शिव के साथ शक्ति की पूजा करने से प्राप्त फल के विषय में इस प्रकार उल्लिखित है- “शिवेन सह पूजयते शक्ति:सर्व काम फलप्रदा।।” साथ ही सावन में शिव-शक्ति पूजा की फलश्रुति में स्पष्ट उल्लिखित है-“यम यम चिन्तयते कामम तम तम प्रापनोति निश्चितम।। परम ऐश्वर्यम अतुलम प्राप्यससे भूतले पुमान ।।” अर्थात् इस भूतल पर समस्त प्रकार के रोग-व्याधि, पीड़ा एवं अभावों से मुक्ति दिलाने के लिए ही श्रावण माह में भगवान शिव अपने कल्याणकारी रूप में धरती पर अवतरित होते हैं। अतः विधि-विधान के साथ भगवान शिव का पंचोपचार पूजन करना अति फलदायक होगा।

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