छोटाउदयपुर के चिकित्सकों के खिलाफ कार्यवाही को लेकर पीड़ित के परिजन ने कलेक्टर को सोपा ज्ञापन | Chhota udaipur ke chikitsako ke khilaf karywahi ko lekar parijan ne collector

छोटाउदयपुर के चिकित्सकों के खिलाफ कार्यवाही को लेकर पीड़ित के परिजन ने कलेक्टर को सोपा ज्ञापन

कलेक्टर श्रीमती गुप्ता ने जांच के दिया आश्वासन 

छोटाउदयपुर के चिकित्सकों के खिलाफ कार्यवाही को लेकर पडित के परिजन ने कलेक्टर को सोपा ज्ञापन

अलीराजपुर। (रफीक क़ुरैशी) - जिले के विकासखंड सोंडवा अंतर्गत ग्राम उमरठ निवासी पीड़ित महिला सीना सोलंकी के परिजन सोमवार को कलेक्टर सुरभि गुप्ता के समक्ष पेश होकर अपने साथ हुई घटना को विस्तार से जानकारी दी। परिजनो ने गुजरात के छोटाउदयपुर स्थित केसर अस्पताल के चिकित्सकों की लापरवाहियो को लेकर उनके खिलाफ उचित कार्यवाही की मांग को लेकर कलेक्टर सुरभि गुप्ता को एक झापन सोपा है। इस मामले को कलेक्टर श्रीमती गुप्ता ने गम्भीरतापुर्वक सुना ओर तत्काल संज्ञान मे लेते हुवे जांच का आश्वासन देते हुए सबंधित अधिकारी को निर्देश भी दिए। 


*क्या है ज्ञापन में*

पीड़ित सीना पति सुशील सोलंकी के परिजन सुनील सोलंकी ने कलेक्टर को चर्चा एवं सोपे गए ज्ञापन में बताया कि सीना पति सुशील सोलकी निवासी होली फलिया ग्राम उमरठ को डिलेवरी हेतु नजदिक के अस्पताल सोंडवा में दिनांक 30.मई को सुबह दाखिल किया गया था, वहा पर गिना जॉच किये दिनभर रोके रखा गया। हमारे द्वारा पूछे जाने पर अभी देर लगेगी ऐसा बताया रहे। बार बार पूछे जाने पर डियुटी पर तेनात सिस्टर ने फिर कहा पहली बार है, इसलिये तीन-चार घण्टे का क्ति लगेगा, समय बीतता गया तकलीफ बढ़ती गई, डिलेवरी से पहले जो पानी जेसा निकलता है उसके निकलने के तीन घण्टे के बाद रात्रि के 8.30 बजे रेफर कर अलीराजपुर भेजा गया। तत्पश्चात जिला चिकित्सालय अलीराजपुर ले जाया गया जहाँ पर डाक्टर ने मामुली जानकर गुजरात छोटा उदेयपुर के कैसर हास्पिटल रेफर करने को कहा, हमारे द्वारा यह कहा गया कि हमे शासकीय चिकित्सालय जाना है, प्राईवेट मे नही क्योकि हमारे पास इतना पैसा नहीं है कि हम वहाँ पर इलाज करवा सके। जिला चिकित्सालय की महिला डाक्टर दामिनी मेडम ने कहा की मेरी राजु नाडर डाकटर और भरत पटेल डाक्टर कैसर हास्पिटल छोटा उदयपुर से बात हो गई है, तुम वही पर ले जाऔं, सरकारी अस्पताल बडोदा यहा से कॉफी दूर है, वहाँ ले जाते समय रास्ते में मृत्यु हो जाये तो हमारी कोई जिम्मेदारी नही होगी। 

*एक ही जगह से पेशाब ओर लेट्रिग हो रही है* 

ज्ञापन मे बताया गया कि अस्पताल प्रशासन से लाचार होकर हमें जाना पडा कैसर हास्पिटल छोटा उदेयपुर भर्ती किया जाकर दिनांक 31 मई को डॉ. भरत पटेल द्वारा आपरेशन कर बच्चा उपर से लिया गया। इस दोरान आपरेशन के पुर्व बेहोश करने वाला डॉ. भी मौजुद नही था, केवल सिखाने वाले सिस्टरों के सहयोग से सीना सोलंकी का सीजर किया जो बहुत गलत है। जन्म लेने वाले शिशु को आईसीयु में रखा गया, बच्चे के पास हमको अन्दर जाने नहीं दिया गया एवं दिनाक 03 जुन के दिन हमें बताया गया कि बच्चा मों के पेट में औवरटाईम तक रहने से मौत हो गई। इस प्रकार दिनांक 31.05.2020 से दिनांक (09.06.2020 तक दस दिन तक रखने के पश्चात (09.06 2020 को डिस्चार्ज किया गया। तीसरे दिन ड्रेसिंग नजदिकी अस्पताल करवाने को कहा गया, चैथे दिन सिना को. ड्रेसिंग हेतु ले जाया गया जहाँ आपरेशन किया है, क्योकि पैट मे सूजन कॉफी बड गई एव टाको में सुजन हो गई, वापस हमें कैसर अस्पताल भेजा गया वहा जाने पर दूसरा आपरेशन डॉ. राजू नाडर के द्वारा किया गया, डॉ. भरत पटेल द्वारा लापरवाही से पीड़ित सिना के पैट में सूजन एवं आतो में इन्फेक्शन होने से नुकसान हुआ, दूसरे आपरेशन डॉ राजू नाडर द्वारा किया वह भी गलत किया। 24.06.2020 के बाद से सिना के यागनी द्वार से लेट्रिग एवं पेशाब दोनो एक ही जगह होने लगा., इसके बावजूद हमारे द्वारा पूछे जाने पर तीसरा आपरेशन करना पडेगा। डॉ राजू नाडर ने हमें कहा कि आपरेशन के लिये पैसे कि व्यवस्था करो लगभग 3 लाख रूपये का इतजाम करना पडेगा। पहले एवं दूसरे आपरेशन में चार लाख रूपये लगभग का खर्च हो चुका है। साथ ही इनकी लापरवाही से पीड़ित सीना की हालत बहुत ही नाजुक बनी हुई है, वह जिंदगी और मोत के बीच संघर्ष कर रही है। ज्ञात रहे कि पूर्व में डॉ राजु नाडर स्वास्थ्य सेवाओं में गड़बड़ी ओर लापरवाही के मामले को लेकर अलीराजपुर की जेल में सजा कॉट चुके है। साथ ही इसके अस्पताल का का लाईसेंस भी रद्ध किया गया है, इसकी पुनः जाँच की जावें। वहि इस मामले को लेकर विगत दिनो क्षेत्रिय विधायक मुकेश पटेल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री ओर स्वास्थ्य मंत्री को एक पत्राचार कर मामले की जांच की मांग की थी। बहरहाल पीड़ित महिला के परिजनों ने कलेक्टर से मांग की है कि डॉ. भरत पटेल एवं राजू नाडर कैसर हास्पिटल छोटाउदयपुर के खिलाफ उचित कार्यवाही कि जाकर नुकसान की भरपाई करवाई जाकर न्याय प्रदान किया जाए। 

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