"में किसी के घर नही गया, अफवाह के चलते भीड़ इकट्ठा होकर मेरे घर आयी" - राजूखेड़ी | Main kisi ke ghar nhi gaya afwah ke chalte bhid ikhatta ho kr mere ghar ayi

"में किसी के घर नही गया, अफवाह के चलते भीड़ इकट्ठा होकर मेरे घर आयी" - राजूखेड़ी

"में किसी के घर नही गया, अफवाह के चलते भीड़ इकट्ठा होकर मेरे घर आयी" - राजूखेड़ी

मनावर (पवन प्रजापत) - बीते दिनो नगर में एक मामला सामने आया है इसमें पूर्व सांसद गजेंद्रसिंह राजूखेड़ी के घर अचानक अफवाह के चलते भीड़ इकट्ठी होती है और जिसकी जबरजस्ती बिना पूछताछ के वीडियोग्राफी करते हुए लॉकडाउन का उलंघन बताया जा रहा है। चूंकि गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी पूर्व सांसद होने के साथ-साथ प्रदेश के कांग्रेस उपाध्यक्ष भी हैं। जिन्होंने क्षेत्र में कई सालों से सेवाभावी विचार के साथ अपना योगदान दिया। अब किसी की साजिश मानो या अफवाह, जिसके चलते राजूखेड़ी के निजी निवास पर बीते दिन भीड़ इकट्ठा हो गयी। दरअसल गजेंद्रसिंह राजूखेड़ी राजनेता होने के साथ-साथ एक किसान भी हैं जिनकी जमीन में पकने वाले गेहूं उन्होंने लॉकडाउन के चलते गरीब लोगों को वितरण करने का विचार किया था। लेकिन उसका तरीका यह रखा था कि सभी पार्षदों को अपने निजी निवास बुलाकर अपने अपने वार्ड में जरूरतमंद परिवारों को गेंहू बटवा दिए जाएंगे। लेकिन किसी की कहा-सुनी अफवाह के कारण शहर में अचानक भीड़ इकट्ठा होकर राजूखेड़ी के निजी निवास पर पहुंच गई, उस वक्त पूर्व सांसद राजूखेड़ी आपने घर पर पुजा कर रहे थे, जैसे ही उन्होंने बाहर आकर देखा कि मेरे घर के बाहर भीड़ इकट्ठा हो रही है जो कि लॉकडाउन का उल्लंघन है, उन्होंने तत्काल भीड़ को वहां से हटाने और उनको उनके घर भेजने का काम किया और यह शब्द कहे कि में आपके क्षेत्र के पार्षदो को अनाज भिजवा दूंगा जो आप सभी के घरो तक आसानी से पहुच जाएंगे। चूंकि लॉकडाउन के कारण कई मध्यमवर्गीय परिवार जिनकी खाने-पीने की भी व्यवस्था बराबर नहीं हो पा रही है ऐसे लोगों के लिए सुविचार व उनकी सहायता का भाव रखते हुए राजूखेड़ी ने अपने खेत से निजी निवास पर गेहूं बुलाए थे। ताकि सभी वार्डो के पार्षदों को बुलाकर क्षेत्रीय जरूरतमंद लोगों को वितरण कर दिए जाए। लेकिन उसका गलत मतलब निकाल कर समाज में चर्चा का विषय बनना कहां तक सही है? पूर्व सांसद ने कहा कि मैंने सालों तक राजनीति की है,शासन-प्रशासन का हिस्सा भी बना हु लेकिन कभी शासन के नियमों का उल्लंघन नहीं किया और ना ही करने कोई करने का विचार रखता हु। शासन-प्रशासन के दिए हुए निर्देशों का पालन करना प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है और मैं भी इसी हिंदुस्तान का नागरिक हूं जो नियमों पर अमल करते हुए अपना जीवन व्यतीत कर रहा हु। वैसे इस बात की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है कि यह भीड़ मेरे द्वारा जुटाई गई थी। मेरे ऊपर लगाए गए सारे आरोप प्रत्यारोप गलत है।

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