खण्डवा बुरहानपुर सांसद स्वयं इस आपदा में गंभीर नही, दिल्ली से आने के बाद नही कराई जाँच
बुरहानपुर जिले को खतरे में डालने का गंभीर प्रयास
बुरहानपुर। (अमर दिवाने) - आज पूरे देश मे कोरोना के डर से एक जिले से दूसरे जिले में आना जाना प्रतिबंधित है, जिला तो क्या एक मोहल्ले से दूसरे मोहल्ले में आम आदमी जा नही पा रहा, अगर ऐसा कोई व्यक्ति गलती से आ भी गया तो प्रशासन उसकी जांच कर उसे क्वारन्टीन में रख रहा है, ताकि वह व्यक्ति संक्रमित तो नही, अगर हुआ तो आगे उसके अन्य लोगो को फैलने का खतरा बना रहता है।
किन्तु आश्चर्य का विषय है कि हमारे लोकसभा के जिम्मेदार सांसद नंदकुमार सिंह चौहान दिल्ली जैसे संवेदनशील प्रदेश में 15-20 दिन रहने के पश्चात तीन राज्य, 50 जिले पार करते हुए कल अचानक बुरहानपुर में पता नही कैसे प्रकट होते है, और कलेक्टर कार्यालय में सभी जिला प्रमुख अधिकारियो, जन प्रतिनिधियों एवं मीडिया बन्धुओ के बीच उपस्थित होकर सबको संबोधित करते है, बिना किसी जांच के.....?
उक्त आरोप लगाते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजयसिंह रघुवंशी ने घोर आश्चर्य एवं दुःख व्यक्त करते हुए सांसद महोदय और जिला प्रशासन से हुई इस घोर त्रुटि पर खेद प्रकट किया।
श्री रघुवंशी ने कहा कि एक तरफ तो जिले में 10 किलोमीटर के दायरे के व्यक्ति को भी जिले में घुसने नही दिया जा रहा है।
उन्होंने बीती रात की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि इंदिरा कालोनी बुरहानपुर में हुई माता की मृत्यु में बड़वाह से उनकी पुत्री,दामाद बाकायदा बड़वाह प्रशासन की अनुमति लेकर बुरहानपुर आ रहे थे, तब उन्हें असीरगढ़ में ही रोक कर तुरन्त वही से वापस कर दिया गया, बेटी द्वारा मिन्नते करने के बाद भी प्रशासन ने उन्हें शहर में आने नही दिया। वही दूसरी तरफ सांसद महोदय ने दिल्ली से बुरहानपुर तक का सफर कैसे तय किया.? और तो और जिला प्रशासन ने उन्हें बिना जांच, बिना क्वारंन्टीन के कैसे बुरहानपुर में प्रवेश की इजाजत दी..?
श्री रघुवंशी ने सांसद के भी अपरिपक्वता पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इतने बड़े पदों पर रहने के पश्चात श्री चौहान ने जरा भी गंभीरता नही दिखाई और पूरे जिले के अधिकारियो, जनप्रतिनिधियो, मीडिया बन्धुओ के साथ साथ अपने मतदाताओं को खतरे में डाला बल्कि उन्ही की पार्टी के गृह मंत्री अमित शाह एवं प्रधानमंत्री नरेंद मोदी जी के आदेशों को धत्ता बता दिया!
ठीक इसी प्रकार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भी एक IAS को इसी प्रकार बैठक में लेकर बैठे और लगभग 15 से अधिक अधिकारियो को कोरोना पॉसिटिव का शिकार होना पड़ा।
श्री रघुवंशी ने कहा कि पता नही ये भाजपाई इस बीमारी को लेकर क्यों चिंतित नही है, इसे एक खेल या राजनीति का पैतरा समझ रहे है।
आपने जिला प्रशासन से मांग की है कि नंदकुमारसिंह चौहान की तत्काल जांच कर उन्हें 14 दिन के क्वारंन्टीन में रखा जाए ताकि इसके दुष्परिणाम हमारे जिले की भोली भाली जनता को ना भुगतना पड़े।
श्री रघुवंशी ने भगवान से भी प्रार्थना करते हुए कहा कि आपने आज तक हमारे जिले को बचाये रखा, कही इस कदम से इसे ग्रहण ना लग जाये और इसका दुष्परिणाम पूरे जिले वासियो को भुगतना ना पड़े।
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