झाबुआ जिला प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस महामारी के अंतर्गत दिए गए निर्देशों की उड़ रही धज्जियां
क्या कोरोना वायरस जैसी महामारी का आवागमन तो नहीं
पेटलावद (संदीप बरबेटा) - झाबुआ जिला प्रशासन के निर्देशों की उड़ रही धज्जियां। झाबुआ जिला प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों के अंतर्गत समस्त जनता को मार्क्स पहनना तथा सोशल डिस्टेंस बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं, परंतु पेटलावद तहसील के अंतर्गत पेटलावद नगर में बैंको, तथा सोसायटीओं, बैंक कियोस्क पर ग्रामीण अंचलों से आने वाले लोगों द्वारा प्रशासन के निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है ना तो वह लोग मास्क लगा रहे हैं और ना तो वह सोशल डिस्टेंस में रह रहे हैं, क्या सवाल यह उठता है केवल प्रशासन व्यापारियों तथा पेटलावद की जनता के ऊपर ही अपनी सख्ती दिखाता है, कोरोना वायरस जैसी महामारी के अंतर्गत प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति चाहे वह ग्रामीण हो, किसान हो, व्यापारी हो,सभी को मार्क्स या चेहरे पर रुपट्टा या कपड़ा गमछा पहनना आवश्यक है, तथा कहीं पर भी भीड़ इकट्ठा करना धारा 144 के अंतर्गत भी अवैधानिक है तथा ग्रामीणों को सोशल डिस्टेंस अर्थात एक दूसरे के संपर्क में नहीं आ कर दूरी बनाकर ही अपने कार्य को करना चाहिए,
पेटलावद की आम जनता का कहना है की कहीं पर भी भीड़ इकट्ठा होती है तो प्रशासन के साथ-साथ उस विभाग की भी जवाबदारी होती है कि वह भी जनता को मार्क्स तथा सोशल डिस्टेंस बनाएं रखने हेतु निरंतर निर्देशित जनता को करें अन्यथा प्रशासन को उक्त विभाग पर भी कार्यवाही करनी चाहिए, क्योंकि उस स्थल पर धारा 144 तथा कोरोना वायरस महामारी के अंतर्गत दिए गए निर्देशों की भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत अवहेलना होती है ।
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