कोरोना से जंग लड़ने के लिए किन्नर ने संभाला मोर्चा | Corona se jung ladne ke liye kinnar ne sambhala morcha

कोरोना से जंग लड़ने के लिए किन्नर ने संभाला मोर्चा

जरूरतमंदों तक बढ़ाए मदद के हाथ

कोरोना से जंग लड़ने के लिए किन्नर ने संभाला मोर्चा

डिंडौरी (पप्पू पड़वार) - कोरोना वायरस के खात्मे के लिए देश भर में 21 दिन का लॉक डाउन किया गया है। ऐसे में सबसे ज्यादा संकट उन लोगों के सामने आ गया है जो रोज कमाते और खाते हैं। सरकार के साथ ही तमाम संगठन भी इस वर्ग की मदद को आगे आए हैं। जिला डिंडौरी के समनापुर जनपद मुख्यालय के करीबी ग्राम उमरिया की एक किन्नर भी ऐसे लोगों की मदद कर रही है ताकि कोई भी गरीब व्यक्ति भूखा न सोए।उमरिया गांव में रहने वाली वर्षा किन्नर रोजाना करीब 100-150 लोगों के लिए खाने का सामान उपलब्ध करा रही हैं। 

वर्षा किन्नर लॉक डाउन के दौरान ऐसे गरीब व्यक्तियों की मदद कर रही है जो रोज मजदूरी कर कुछ रुपये कमाते थे और उसी से अपने लिए राशन का इंतजाम करते थे। इनके यहां 100 से 150 लोगों को जरूरत का सामान वितरित किया है। सामान वितरण के समय सोशल डिस्टेंसिंग का भी ख्याल रखा जा रहा है।

कोरोना से जंग लड़ने के लिए किन्नर ने संभाला मोर्चा

किन्नरों ने लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए अपनाया ये तरीका

समनापुर मुख्यालय के करीबी गांव उमरिया के वर्षा किन्नर ने 09 अप्रैल की सुबह से अपनी मुहिम की शुरुआत की। वर्षा ने सबसे पहले अपने पैसे से सैंकड़ों जरूरतमंद परिवार के लिए अनाज एवं जरुरत की सामग्री खरीदी इसके बाद एक आटो किराये में लेकर अलग-अलग इलाकों में निकली। जहां भी कोई जरूरतमंद परिवार दिखा उन्हें अनाज एवं जरुरत की सामग्री प्रदान की। आम तौर पर समाज में इनसे दूरी बना कर रखने वाले लोग भी अब किन्नरों को दुआएं दे रहे हैं।

समनापुर मुख्यालय के सब्जी मंडी में किया दान

समनापुर के उमरिया निवासी वर्षा किन्नर भी कोरोना के खिलाफ जंग में कूद पड़ी हैं। इस किन्नर ने समनापुर के सब्जी मंडी के झोपड़ पट्टी में निवास कर रहे जरूरतमंद परिवार के बीच मदद का हाथ बढ़ा दिया है।गुरूवार के एक बजे के करीब वर्षा ने 100 लोगों को अनाज एवं जरुरत की सामग्री प्रदान की है।

अब ये किन्नर लॉक डाउन में मनोरंजन के बजाए बड़ी मदद करने सड़क पर उतर गयी हैं। सुबह से लेकर शाम तक किन्नर ने लोगों की सेवा को ही अपना लक्ष्य बना लिया है।

क्या सोचती है वर्षा किन्नर

किन्नर वर्षा के मुताबिक हर प्राणी में खुद भगवान बसते हैं। ऐसे में जरूरत मंदो को खाना खिलाना,अन्य दान करना या किसी भी प्रकार की सेवा करना भगवान की सेवा करने से कम नहीं है। वर्षा का मानना है कि दुनिया में आए कोरोना जैसे बड़े संकट में हर किसी की जिम्मेदारी बनती है चाहे वो किन्नर समाज ही क्यों न हो,उसने ये भी कहा हम हमेशा दुआएं देते आये हैं लेकिन  आज मौका मिला है हमें दुआएं लेने का । आपको बता दें कि थर्ड जेन्डरों या किन्नर आज तक इनके हुनर को देख रहे लोग अब इनकी दरियादिली के लिए इन्हें सलाम कर रहे हैं।

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