‘‘उर्जा डेस्क’’ के प्रभारियों, कर्मचारियों की पुलिस अधीक्षक जबलपुर द्वारा ली गयी बैठक | Urja desk ke prabhariyo karmachariyon ki police adhikshak jabalpur

‘‘उर्जा डेस्क’’ के प्रभारियों, कर्मचारियों की पुलिस अधीक्षक जबलपुर द्वारा ली गयी बैठक
               
‘‘उर्जा डेस्क’’ के प्रभारियों, कर्मचारियों की पुलिस अधीक्षक जबलपुर द्वारा ली गयी बैठक

जबलपुर (संतोष जैन) - पुलिस कन्ट्रोलरूम जबलपुर में आज दिनॉक 06-02-2020 को दोपहर 12 बजे जिला जबलपुर, के थानों में संचालित ‘‘उर्जा डेस्क ’’के प्रभारियों/कर्मचारियों की पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री अमित सिंह (भा.पु.से.) द्वारा अति. पुलिस अधीक्षक शहर दक्षिण डॉ. संजीव उइके की उपस्थिति में एक बैठक ली गयी एवं कार्यो की समीक्षा की गयी।

पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री अमित सिंह (भा.पु.से.) ने कहा कि थानों में उर्जा डैस्क संचालित करने का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के हित में कार्य करते हुये पीड़िता को तत्काल सहायता प्रदान करते हुये सही मायनें में महिलाओं को उर्जावान बनाना है, ताकि वे अपनी बात निर्भिक होकर कह सकें।
          
‘उर्जा हैल्प डैस्क ’’ मध्य प्रदेश पुलिस की एक महत्वांकाछी योजना है, तथा थानें में संचालित एैसी ईकाई है जो पुलिस के सम्पर्क में आने वाली जरूरतमंद महिलाओं की मदद के लिये विशेष तरीके से उपयुक्त हो। उर्जा हैल्प डेस्क को थानों में संचालित करने का उद्देश्य पीडित महिला को संवेदनशीलता के साथ सुनवाई मिले, सुरक्षा का एहसास हो, जरूरत के अनुसार सहायता प्रदान की जा सके, तथा पीडित महिला को उनके अधिकारों एंव उन्हें पाने की प्रक्रियाओं से अवगत कराया जा सके तथा पीडित महिला को उसकी उक्त परिस्थितियों से निकलने के लिये उचित परामर्श दिया जा सके, इसके लिये पुलिस की ईकाईयों के अलावा महिला बाल विकास विभाग, सुरक्षा अधिकारी, विधिक सहायता सेवायें, स्वयं सेवी संस्थायें , सहयोगी ईकाईयॉ हैं, इसके साथ ही आपने बताया कि पीडित महिलाओं को अपराध से सुरक्षा देने के लिये कई कानूनी प्रावधान एवं संस्थायें बनायी गयी हैं,  इसके बाद भी पीडित महिलाओं को पूरी तरह से सुरक्षा और राहत नहीं मिल पाती, क्योंकि इन सभी प्रक्रियाओं तक पहुंच पाना एक महिला के लिये अत्यंत कठिन कार्य होता है, इसके अतिरिक्त यदि पीडित महिला पुलिस से मदद लेती है तो उस पर परिवार एवं समाज दबाव डालता है, जिसकी वजह से सहायता प्राप्त करना और अधिक मुशकिल हो जाता है इन्हीं सब समस्याओं को देखते हुये उर्जा हैल्प डैस्क के माध्यम से महिलाअें की समस्याओं तक पंहुंचने का यह प्रयास है वास्तव में यह एक रिसर्च है कि पीडित महिला को सहज कैसे किया जा सकता है। गॉव एवं मोहल्ले में महिलाओं की बैठकें लें, चर्चा कर उनकी समस्याओं को जानें एवं एैसी महिलायें जो हैल्पिंग नेचर की हैं, उन्हें चिन्हित करते हुये उनका सहयोग लें तथा थाना प्रभारी एवं राजपत्रित अधिकारी उर्जा डैस्क मे कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों के द्वारा किये गये कार्यां की प्रतिदिन समीक्षा करें, पुलिस मुख्यालय द्वारा उर्जा डैस्क की कार्यप्रणाली के सम्बंध मे जो एस.ओ.पी. जारी की गयी है, उसका कडाई से पालन करें।
               
अति. पुलिस अधीक्षक शहर दक्षिण डॉ. संजीव उइके, एवं निरीक्षक महिला अपराध सेल श्रीमति प्रीति तिवारी द्वारा सभी अधिकारी, कर्मचारियों को की जाने वाली कार्यवाहियों के सम्बंध मे विस्तार से समझाईश दी गयी। बैठक के समापन पर अच्छा कार्य करने वाले थानों में संचालित उर्जा डेस्क के अधिकारी/कर्मचारियों को नगद पुरूस्कार से पुरूस्कृत भी किया गया।  

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