पैसों के खातिर अस्पताल ने रोका शव | Paiso ke khatir aspatal ne roka shav

पैसों के खातिर अस्पताल ने रोका शव

पता लगा तो कलेक्टर ने दिखाई मानवीयता 

पैसों के खातिर अस्पताल ने रोका शव

डिंडौरी (पप्पू पड़वार) - डिंडौरी जिला के एक गांव के 22 वर्षीय युवक को सांप ने डस लिया, जबलपुर के एक अस्पताल  में इलाजा के दौरान जान तो नहीं बची, लेकिन इस गरीब परिवार की पीड़ा कलेक्टर भरत यादव तक पहुंच गई और उन्होंने जो सक्रियता दिखाई वो मानवीयता की मिसाल हैं।

डिंडोरी के आदिवासी बहुल गांव के मनोज मरावी नाम की 22 वर्षीय युवा को सांप ने डस लिया था हालत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए परिजन जबलपुर लाए और सर्वोदय अस्पताल मैं भर्ती करा दिया गया जहां उसकी जान तो नहीं बची, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने 85000 रूपए देने के बाद ही शव देने की शर्त रखी। गरीब परिवार मोहताज था, एक परिचित अमित चतुर्वेदी ने इस समस्या को सोशल मीडिया पर जारी किया तो वहां के कलेक्टर भरत यादव को जानकारी मिली, उन्होंने तत्काल ही एसडीएम को निर्देशित कर गरीब परिवार को मदद के लिए भेजा।

बिना पैसे दिए शव दिलवाने के बाद कलेक्टर ने शव को परिजनों के साथ डिंडौरी स्थित निवास जाने एंबुलेंस की व्यवस्था भी कराई। इस परिवार के पास आयुष्मान योजना का कार्ड नहीं था। इस संबंध में सर्वोदय अस्पताल से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका ।

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