निजी बोर में धड़ल्ले से डाली जा रही सरकारी केसिंग पाइप | Niji bor main dhadalle se dali ja rhi sarkari casing pipe

निजी बोर में धड़ल्ले से डाली जा रही सरकारी केसिंग पाइप

निजी बोर में धड़ल्ले से डाली जा रही सरकारी केसिंग पाइप

डिंडौरी (पप्पू पड़वार) - लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की केसिंग पाइप का उपयोग धड़ल्ले से निजी बोर में किया जा रहा है। बोर संचालकों की मनमानी लगातार सामने आ रही है। मामला सामने आने के बाद विभाग के कार्यपालन यंत्री ने एसडीओ डिंडौरी को पत्र जारी कर इस पूरे मामले में जवाब तलब किया है। बताया गया कि निजी बोर संचालक द्वारा दर्जनों स्थानों पर जो बोर किए गए हैं उनमें शासकीय केसिंग पाइप का उपयोग कर दिया गया है। बोर संचालक के गोदाम में भी बड़ी मात्रा में पाइप रखे होने का मामला सामने आया है। इस पूरे मामले को कलेक्टर ने भी गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। इस पूरे खेल में मैदानी अमले की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप प्रत्यारोप के बीच मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बसपा के जिलाध्यक्ष असगर सिद्घिकी ने भी इस मामले की शिकायत कलेक्टर से की है।

शासकीय बोर में किया गया खेल

विगत तीन वर्षों से पीएचई विभाग द्वारा जिले भर में सैकड़ों की संख्या में शासकीय बोर गांव गांव में करवाए गए हैं। बोर करने के दौरान ही मनमानी बरती जाती है। बताया गया कि केसिंग पाइप जितनी मात्रा में विभाग से ली जाती है, उतनी केसिंग बोरिंग में संचालक नहीं डालते। बताया गया कि इसी तरह केंिसंग का खेल होता है। विभाग के इंजीनियर खानापूर्ति कर मूल्यांकन कर देते हैं और लाखों की केसिंग भी बचा ली जाती है। इसी केसिंग पाइप का उपयोग निजी बोर में मनमाने दाम पर बेखौफ किया जा रहा है। इस पूरे खेल में अनुभव बोरवेल का नाम सामने आ रहा है। बोरवेल संचालक पर पहले भी मनमानी करने के आरोप लगे हैं।

कहां से आए पाइप, उठ रहे सवाल

शासकीय केसिंग पाइप निजी बोर संचालक को इतनी बड़ी मात्रा में कैसे मिले, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि कहीं शासकीय गोदाम से पाइप गुपचुप तो नहीं दिए गए हैं। यह बड़ा मामला सामने आने के बाद पीएचई विभाग का मैदानी अमला और कुछ विभाग के जिम्मेदार गोलमोल जवाब दे रहा है, जबकि कार्यपालन यंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है। मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। लोगों ने कलेक्टर से इस पूरे खेल की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। बताया गया कि कुछ और बोर संचालकों के पास भी शासकीय केसिंग पाइप होने की चर्चाएं हैं।

बिना अनुमति के धड़ल्ले से किए जा रहे बोर

बिना अनुमति के धड़ल्ले से बोर किए जा रहे हैं। गर्मी की दस्तक शुरु होने वाली है। जगह-जगह किए जा रहे बोर से भूजल स्तर तेजी से खिसक रहा है। मापदंडों को ताक में रखकर बोर संचालक कार्य कर रहे हैं। ग्रामीण अंचलों में दलालों के माध्यम से पहुंचकर कार्य किया जा रहा है। पूरा खेल बोरिंग करने से लेकर केसिंग डालने तक में किया जाता है। निजी बोर में भी लोगों को गुमराह करके मनमानी राशि वसूलने के आरोप पहले भी लगे हैं। एसडीएम से मनमानी पूर्वक बिना अनुमति के हो रहे बोर पर रोक लगाने की मांग भी की गई है।

क्या कहते हैं अधिकारी

पीएचई विभाग की केसिंग पाइप बोरवेल संचालक के पास इतनी मात्रा में कैसे हैं, इसकी जांच की जा रही है। मैंने विभाग के डिंडौरी एसडीओ को पत्र जारी कर जवाब तलब किया है। कलेक्टर ने भी निर्देश दिए हैं। कई जिलों की पाइप यह हो सकतीं हैं। तीन साल पहले संबंधित ने विभागीय काम किया था। केसिंग कैसे बचे यह भी देखा जा रहा है। भुगतान के बारे में भी जानकारी ली जा रही है।
रवि डहेरिया

कार्यपालन यंत्री पीएचई डिंडौरी।

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