जयस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष पटेल को समाज के खिलाफ साजिश करने की विवादित पोस्ट का किया खुलासा
आलीराजपुर (रफीक क़ुरैशी) - गत दिनों हुए जयस के नाम पर जिला बंद ओर उसके बाद एक भड़काऊ पोस्ट से जिले में हड़कंप मचा है। जिसमे कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेश पटेल और जयस के मध्य तनातनी की बात आई है। जब इसका विश्लेषण किया तो पता चला के ये सारी स्थितियां व्यक्ति विशेष द्वारा निर्मित की गई है और रंले ओर आदिवासी समाज को महेश पटेल के सामने विरोध खड़े करने का काम किया जा रहा है। जबकि जिला स्तर के कार्यकर्ताओं को पता है की विगत कई वर्षो में महेश पटेल एवं नपाध्यक्ष सेना पटेल परिवार द्वारा समय-समय पर आदिवासी समाज की विभिन्न समस्याओं को लेकर काम किया है। यहाँ तक कि जिला मुख्यालय के दाहोद नाके पर जननायक टंट्या मामा की मूर्तिस्थापना, प्रतिवर्ष 14 अप्रैल डॉ0भीमराव अंबेडकर जयंती, विश्व आदिवासी दिवस 09 अगस्त पर शत प्रतिशत उपस्थिति ओर अन्य सभी आयोजन में काफी सहयोग किया है। इस बात को रंले जिलाध्यक्ष मुकेश रावत ओर आदिवासी परिवार के पदाधिकारी द्वारा बताया कि उन्होंने आज सभी मेसेज पड़े और उन्हें भेजने वालो से बात की तो पता चला के उन्होंने फारवेड मेसेज कॉपी कर आगे फारवेड कर दिया, जिससे उनका कोई लेना देना नही है। जिलाबंद को लेकर श्री पटेल द्वारा एक झाबुआ-अलीराजपुर लाइव में जयस के बंद को ओर जयस से जुड़े अधिकारी कर्मचारियों को राजनीति न करने और कार्यकर्ताओं को नगर बंद करने पर कार्यवाही करवाने चेतावनी दी थी। जिसके बाद जिला कोर कमेटी पूर्व प्रदेश स्तर की टीम को सुचित करते हुए समाजहित में उनके अमूल्य योगदान और समाजहित में तत्व खड़े रहने की सलाह दी गई। जिसके कारण सोशल मीडिया और व्यक्तिगत जयस कार्यकर्ताओं द्वारा किसी प्रकार की कोई टीका टिप्पणी नहीं की गई है। जिला बंद वाली पोस्ट पर भी यही प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए बताया के जिला स्तर की कमिटी द्वारा ऐसा कोई निर्णय नही लिया गया न बात हुई। हम शासन-प्रशासन के साथ है और हम दम कोशिश करते है के समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को शाशन की योजनाओं का लाभ मिले और सामाजिक मुद्दों और फोकस करें। वहि पिछले दो दिनों को गतिविधियों पर नितेश अलावा ने बताया की वह बाहर थे और उन्हें इन बातों का ज्ञान नही है, लेकिन हमें पुरा विश्वास है के रंले हो या आदिवासी समाज के युवा जो हमेशा समाज के लिए सँघर्ष कर रहे है वो कभी गैर सवैधानिक गतिविधियों या ब्यान नही दे सकते। जो लोग इस तरह का काम कर रहे है को निश्चित ही समाज के ओर प्रशासन के विरोधी हो सकते है ओर आदिवासी परिवार अलीराजपुर इसका समर्थन नही करता है। किसी की निजी जिंदगी में हस्तक्षेप करने का अधिकार किसी युवा, अधिकारी, कर्मचारी को नही है। श्री पटेल की बातों का समर्थन करते हुए बताया गया के महेश पटेल इस जिले के सम्मानीय ओर प्रतिष्टित व्यक्ति है जो तन, मन, धन और समय देकर समाजहित मे सरकार के खिलाफ खड़े होने की हिम्मत रखते है। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट से रंले का कोई सबन्ध नही है और श्री पटेल के साथ मिलकर समाज के युवा आगे भी आदिवासी समाज हित मे कार्य करेगा। वही सोशल मीडिया पर रंले ओर अन्य सामाजिक संगठनों से सबंधित अधिकारी कर्मचारी की लिस्ट वायरल करने वालो के लिए भी कहा है किसी भी जनप्रतिनिधियों अथवा वरिष्ठ अधिकारी को उसके सामाजिक दायित्वों से रोका नही जा सकता है, वो उसका संवेधानिक अधिकार है और यदि उसके खिलाफ कुछ होता है तो समाज और संघटन भविष्य में समय आने पर जवाब देगा। इस सबन्ध में समाज का प्रतिनधिमण्डल कांग्रेस जिलाध्यक्ष पटेल से मिला भी है और झूठी अफवाहों पर ध्यान न देकर पहले की तरह समाज के साथ खड़े रहने की बात कही। जिसे श्री पटेल ने आश्वस्त होकर संगठन को आगे बढ़ाने और समाजहित मे सहयोग करने की बात कही।
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