‘‘भारत जोड़ो, संविधान बचाओ’’ के मोटो को लेकर निकाली जा रही समाजवादी विचार यात्रा
झाबुआ में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं क्रांतिकारी टंट्या भील की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
झाबुआ (अली असगर बोहरा) - ‘‘भारत जोड़ो, संविधान बचाओ’’ के मोटो को लेकर निकाली जा रही समाजवादी विचार यात्रा का 6 फरवरी, बुधवार को रतलाम में आगमन हुआ। यहां सभा बाद यात्रा आगे बढ़ते हुए पेटलावद, थांदला, मेघनगर में भी आयोजित होने के साथ रात्रि करीब 9 बजे झाबुआ पहुंची। जहां अगले दिन 7 फरवरी, गुरूवार को देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं क्रांतिकारी टंट्या भील की प्रतिमा पर माल्यार्पण हुआ। बाद यहां से यात्रा गुजरात तरफ से लिए आगे बढ़ी।
जानकारी देते हुए किसान संघर्ष समिति के प्रदेश महासचिव एवं वरिष्ठ समाजवादी नेता राजेश बैरागी ने बताया कि सातने दिन यात्रा की शुरूआत बांसवाड़ा (राजस्थान) से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। बांसवाड़ा से निकलकर यात्रा मप्र में प्रवेश करते हुए रतलाम पहुंचने पर यहां ‘‘हम भारत के लोग’’ संस्था के सदस्यों ने सभी यात्रियों का स्वागत किया। बाद यहां सभा भी हुई। रतलाम से यात्रा के पेटलावद, थांदला एवं मेघनगर में भी मुख्य बाजारों से होकर निकलने पर यात्रा में शामिल सभीजनों का जर्बदस्त स्वागत-सत्कार हुआ। यात्रा में मुख्य रूप से यात्रा संयोजक अरूण श्रीवास्तव, समाजेवादी नेता एवं पूर्व विधायक डाॅ. सुनिलम, रामस्वरूप मंत्री के साथ झाबुआ जिले में प्रवेष पर समाजसेवी नेता राजेश बैरागी एवं आदिवासी चेतना शिक्षण सेवा समिति से बेनेडिक्ट डामोर सहित अन्य जुड़े लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। यात्रा में एक रथ चल रहा है और रथ के आगे राष्ट्रीय ध्वज लेकर पूरी टीम चल रही है। किसी भी शहरख् नगर, ग्राम, में पहुंचने वहां के लोगों द्वारा भरपूर समर्थन एवं सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
महात्मा गांधी एवं टंट्या भील की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण समाजवादी विचार यात्रा 6 फरवरी रात्रि करीब 9 बजे झाबुआ पहुंची। जिसके चलते अगले दिन 7 फरवरी, गुरूवार को सुबह 7.30 बजे यात्रा के मुख्य मार्गों से होेते हुए पहले बस स्टेंड गांधी चैराहे पर पहुंचने पर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान बस स्टेंड पर यात्री प्रतिक्षालय में स्थापित क्रांतिकारी टंट्या भील की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण करने के बाद बस स्टेंड चैराहे पर संबोधित करते हुए यात्रा संयोजक अरूण श्रीवास्तव ने कहा कि गांधीजी की 150वीं जयंती और समाजवादी आंदोलन के 85 वर्ष पूर्ण होने पर स्वतंत्रता आंदोलन और समाजवादी आंदोलन के मूल्यों की पुर्नस्थापना, सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ, सार्वजनिक क्षेत्रो में निजीकरण, बढ़ती बेरोजगारी, माॅब लिचिंग, करोड़ो आदिवासियों को उजाड़ने की कोषिष, श्रम कानूनों को खत्म करने आदि को लेकर यह यात्रा निकाली जा रहीं है।
झाबुआ से गुजरात के लिए किया प्रस्थान
डाॅ. सुनिलम ने कहा कि विभाजनकारी राजनीति को समापत करना, देष की ऐतिहासिक आवष्यकता हे। उन्होंने कहा कि आज गांधीजी के मूल्यों को अपनाकर ही देष का सच्चा विकास किया जा सकता है। सोष्यल पार्टी इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष रामस्वरूप मंत्री ने कहा कि गांधीजी की हत्या के बाद समाजवादी आंदोलन ने गांधी की विरासत को आगे बढ़ाने का काम किया है। जिसका नेतृत्व लोहिया और जेपी ने किया। बाद यहां से यात्रा आगे बढते हुए गुजरात तरफ के लिए प्रस्थान किया।
दो चरणो में निकाली जा रहीं यात्रा, 17 मई को होगा समापन
सपा नेता राजेश बेरागी ने बताया कि यह यात्रा दो चरणों में निकाली जा रहीं है। पहले चरण में यात्रा देश के 16 राज्यों से होकर गुजरेगी। नेतृत्व समाजवादी समागम के अरूण श्रीवास्तव एवं पूर्व विधायक डाॅ. सुनिलम कर रहे है। वहीं इसमें विषेष सहयोग राष्ट्र सेवा दल, हिन्द मजदूर सभा, जन आंदोलन का राष्ट्रीय समन्वय (एनएपीएम), फेक्टर आदि संगठनों द्वारा प्रदान किया जा रहा है। प्रथम चरण 23 मार्च को समाप्त होगा। द्वितीय चरण 11 अप्रेल से शुरू होगा जो 17 मई तक चलेगा। यात्रा में करीब-करीब हर धर्म, समाज के लोग शामिल हो रहे है। देश के करीब हर राज्य से यह यात्रा होकर निकलेगी।
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