अधूरी रह गई सिंधिया और दिग्विजयसिंह की मुलाकात
सड़क पर 2 मिनिट की चर्चा में इशारों इशारों में हुई बात
गुना (प्रवीण कुमार भार्गव) - सियासी चौपाल पर सिंधिया और दिग्विजय सिंह की 30 मिनिट की चर्चा ने सूबे की राजनीति में नया उफान ला दिया था। मिलने की जगह और वक्त भी मुकर्रर हो गया था। लेकिन ऐन मौके पर दिग्विजयसिंह और सिंधिया की सड़क पर सिर्फ दो मिनिट की चर्चा हुई। इसके बाद दोनों ही नेता अपनी अपनी राह में मुड़ गए। दोनों ही नेताओं ने एक दूसरे का आत्मीयता से मुलाकात की। दोनों ने इस दौरान एक दूसरे को माला पहनाई। दोनों ही नेता इस दौरान बेहद गर्मजोशी से एक दूसरे से मिले। इस मुलाकात के दौरान दिग्विजयसिंह सिंह के पुत्र और नगरिय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्धन सिंह भी मौजूद रहे।अल्प समय की इस मुलाकात के दौरान दिग्विजय सिंह ने सिंधिया की गलबहियां भी भरी। दरअसल पूर्व सांसद ज्योतिराज सिंधिया और दिग्विजय सिंह की इस प्रस्तावित मुलाकात के पहले पूर्व सांसद सड़क मार्ग से गुना की बीजी रोड पर पहुंचे। जबकि अशोकनगर में निजी कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद दिग्विजय सिंह गुना पहुंचे। जहां वे सत्येंद्र तिवारी के निधन पर उनके निवास पर परिजनों के समक्ष शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए गए।इसके बाद अपने ड्राइवर के पिता श्री अख्तर के निधन पर उनके परिजनों को शोक संवेदना देने के लिए पहुंचे।दोनों ही नेताओं की कार्यक्रमों की व्यस्तता के चलते उनकी 30 मिनट की मुलाकात समय पर नहीं हो पाई। हालांकि सड़क पर 2 मिनट की हुई इस मुलाकात के दौरान दोनों ही नेताओं की इशारों ही इशारों में आपस में बात जरूर हो गई।
महाराज से मेरी कोई तना तनी उनसे मेरे अच्छे संबंध
राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनके ज्योतिरादित्य सिंधिया से कोई तनातनी नहीं है। उन्होंने सिंधिया को महाराज के नाम से संबोधित करते हुए कहा कि महाराज से मेरे बहुत अच्छे संबंध हैं। सिंह ने कहा कि यह मेरी निजी दौरा है।यह मेरा राजनीतिक दौरा नहीं था।इस दौरान दिग्विजय सिंह शोक संवेदना व्यक्त करने के दौरान दिवंगत ओं के परिजनों से पूरी आत्मीयता के साथ मिले।

