स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 को नपा ने आयोजित की बैठक | Swachhta sarvekshan 2020 ko NP ne ayojit ki bethak

स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 को नपा ने आयोजित की बैठक

शहर के जागरूक नागरिको, व्यापारियों से स्वच्छता हेतु मांगे सुझाव

स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 को नपा ने आयोजित की बैठक

आमला (रोहित दुबे) - नगर पालिका द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 को लेकर शहर को स्वच्छ कैसे बनाए इसके लिए एक बैठक नपा परिसर में आयोजित की गई ।जिसमें शहर के जागरूक नागरिको,आमला बोडखी व्यापारी मण्डल के सदस्यों ,महिला मंडल व पत्रकारों को आमंत्रित किया गया।नपा सी एम ओ एच आर खाड़े सभी आमंत्रित नागरिको का परिचय कर सभी से शहर को स्वच्छ साफ   स्वस्थ वातावरण हेतु सुझाव मांगे। नपा सी एम ओ श्री खाड़े ने बताया आज मध्य प्रदेश में स्वच्छता में नपा आमला 10 वे स्थान पर है ।जिसे हम और आप मिलकर नम्बर 1 पर भी ला सकते है जिसमे सभी का सहयोग आवश्यक है ,नपा के पास कचरा डंप हेतु आधा एकड़ भूमि है शासन से साढ़े 7 एकड़ भूमि आवंटित हुई है लेकिन ग्रामीणों की परेशानियों के मद्देनजर गिला सूखा कचरा डंपिंग के लिये फेंसिंग व अन्य इंतजामो के बाद वहां कचरा पहुचाया जाएगा।वही शहर में आज भी चोरी छिपे पोलोथिन ग्राहकों को दुकानदार दे रहे जो एक प्रमुख समस्या है ।इसके अलावा आवारा पशु भी गंदगी फैलाते है यहां गोशाला नही है लेकिन सुनने में आया है कि जिले में दो गोशालाएं खुलने वाली है जिसके बाद हम आवारा पशुओं को वहा छोड़ेंगे।वही शहर में हमारे पास 15 वार्ड है बाकी 3 वार्ड रेलवे के अधीन आते है 15 में हम कहा सफाई के मामले में चूक रहे है आप बताए ।हमारा फोकस कर्मशियल एरिया में भी है सुबह जल्द मॉनीटिरिंग कर सफाई करवाई जाती है ।रेलवे के वार्डो में भी सफाई हेतु नियमित कचरा गाड़िया जा रही है ।

पूर्व बी एम ओ डा चोरियां ने बताया गंदगी से फैलती बीमारियां

पूर्व बी एम ओ डॉ बी पी चोरिया ने बताया हम लोग नदी को अपनी माँ ,देवी कहते है ।नदियों का पूजन भी करते है और उसी नदी को हम कचरा ,पॉलीथिन डालकर स्वयं गन्दा भी करते है ।विदेशों में नदियों को देवी व मा नही मानते लेकिन वहां की नदियां साफ स्वच्छ होती है,ताप्ती के कारण प्रदेश में आज जिले की आज पहचान है  और उसी ताप्ती से लगे नाले में लोग कचरा डालते है वह नाला ताप्ती सरोवर में जाकर मिलता है ,वहा रेलवे कॉलोनी के लोग भी यही करते।श्री चोरिया ने बताया आम लोगो को स्वयं जागरूक होना चाहिए हर काम शासन का नही होता ।गिला सूखे कचरे डंप की उचित व्यवस्था अब तक नही हो पाई है कचरे का डिस्पोजल की चर्चा 15 दिवस पहले बैठक में हुई थी जो नही हो पाया।वैसे 3 वर्षो से मोदी जी के कारण स्वच्छता अभियान में सजगता आई है ।शहर अब कचरा मुक्ति की ओर अग्रसर है ।पहले हम देखते थे पीलिया ,टाइफाइड,मलेरिया व अन्य संक्रामक बीमारियों के मरीजो की संख्या अधिक रहती थी ।जिसमे अब कमी आई है ।जिसका प्रमुख कारण साफ सफाई है ।लेकिन आज भी कई ग्रामो में लोग शौच के लिए खुले में जाते है ।शहर की कुड़ मुड़ सड़क के अगल बगल गन्दगी रहती है वही से लोग अंतिम संस्कार हेतु श्मशान जाते है ,मख्खियां लोगो पर भिन्न भिनाती है ।जम्बाडा मार्ग,ग्राम बोरी,बंधा रोड पर भी लोग सड़क किनारे खुले में शौच करते है ।गन्दगी पर मख्खियां बैठकर खाद्य  प्रदार्थो ,सब्जी तरकारी पर बैठ बैक्टरिया छोड़ती है जिसका सेवन आमलोग करके बीमारियों के शिकार हो जाते है।डॉ चोरिया ने नागरिको को पॉलीथिन के नुकसान के बारे में बताते हुए जानकारी दी पोलोथिन से नालियां चोक होती जिससे गन्दा पानी सड़को पर ओवरफ्लो होता।जमीन में पन्नी गाढ़ने से जमीन की उर्वरा छमता ,कैपिलरी नमी रुक जाती।प्लास्टिक जलाने से जो गेश निकलती वह ओजन सिस्टम पर प्रभाव डाल लेयर को नुकसान पहुचाती जिससे सूर्य के विकर्ण हम तक पहुचता है जिससे केंसर ,चमड़ी रोग होते है ।पन्नी खाने से जानवरो की मौत होती है।वायु सेना अधिकारी प्रताप सांगवान ने बताया हमारे यहा एयर फोर्स में पोलेथिन पूर्णतः बैन है ।कोई इसका उपयोग न करे जिसके लिए सी सी टी वी से मॉनीटिरिंग भी कर रहे ।बैठक में आये पत्रकार राकेश धामोड़े, मनोज विश्वकर्मा,चंद्रशेखर पंडोले, किशोर गुगनानी राजू मदान, शिवपाल रामपुरे ,व अन्य जागरूक नागरिको ने शहर को स्वच्छ बनाने अपनी राय रखी।

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