श्री मुधवन गौशाला का खनिज मंत्री ने किया शुभारंभ | Shri mudhvan goshala ka khanij mantri ne kiya shubharambh

श्री मुधवन गौशाला का खनिज मंत्री ने किया शुभारंभ

पांच साल में वचन पत्र के सभी वादे पूरे करेंगें - खनिज मंत्री जायसवाल
  
श्री मुधवन गौशाला का खनिज मंत्री ने किया शुभारंभ

बालाघाट (देवेन्द्र खरे) - मध्यप्रदेश सरकार की योजना के अंतर्गत बालाघाट जिले के किरनापुर विकासखंड के ग्राम पिपरझरी में 36 लाख 33 हजार रुपये की लागत से बन कर तैयार हुई श्री मधुवन गौशाला का आज 24 जनवरी को लोकार्पण किया गया। लोकार्पण कार्यक्रम में मध्यप्रदेश शासन के खनिज साधन मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा उपाध्यक्ष सुश्री हिना कावरे ने की। इस कार्यक्रम में सांसद डॉ ढसलसिंह बिसेन, विधायक श्री रामकिशोर कावरे विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

श्री मुधवन गौशाला का खनिज मंत्री ने किया शुभारंभ

ग्राम पिपरझरी में आयोजित इस कार्यक्रम में कलेक्टर श्री दीपक आर्य, पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक तिवारी, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती रजनी सिंह, पूर्व विधायक श्री मधु भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा बेनीराम खटोले, जिला पंचायत सदस्य सुश्री डाली कावरे, जनपद पंचायत वारासिवनी के अध्यक्ष श्री चिंतामन नगपुरे, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के प्रशासक श्री उदय सिंह नगपुरे, पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्री संभीर सुलाखे, श्री अशोक मरार, ग्राम पंचायत पिपरझरी के सरपंच श्री गुलाब रिनायत एवं अन्य गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खनिज मंत्री श्री जायसवाल ने इस अवसर पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि पिपरझरी में गौशाला के बनने से इस क्षेत्र के विकास के द्वार खुल जायेंगें। कांग्रेस पाटी ने अपने वचन पत्र में गावों में गौशाला बनाने का वादा किया था। बालाघाट जिले में इस वर्ष पांच गौशाला बनायी गई है। हमें गौसेवा के साथ ही प्रकृति के साथ चलना होगा। प्रकृति से छेड़छाड़ नहीं करना चाहिए। प्रकृति से विपरीत चलने के कारण प्रर्यावरण प्रदूषण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दवाओं एवं कीटनाशकों के उपयोग से हमारा अनाज भी प्रदूषित हो गया है। इससे बचने के लिए हमें जैविक खेती की ओर आना होगा और गौशाला में गौसेवा के साथ मिलने वाला जैविक खाद, गौमूत्र मददगार साबित होगा।

मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि हमारी सरकार ने अपने वचन पत्र में जो भी वादे किये थे वह पांच साल में पूरे करना है, अभी तो एक साल ही हुआ है और बहुत से वादे पूरे कर दिये गये है। प्रदेश सरकार का खजाना खाली होने के बाद भी किसानों की ऋण की दूसरा चरण प्रारंभ हो गया है। दूसरे चरण में एक लाख रुपये तक का ऋण माफ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विवाह योजना की राशि 28 हजार रुपये से बढ़ाकर 51 हजार रुपये की गई। इसके कारण अचानक से इस योजना में विवाह करने वालों की संख्या बहुत बढ़ गई। इसमें कुछ नकली शादियां भी हुई है। इसके कारण विवाहित जोड़ों को भुगतान में विलंब हुआ है। जांच के बाद योजना की राशि का भुगतान किया जा रहा है। पूर्व सरकार की राज्य बीमारी सहायता योजना की बंद नहीं किया गया है, बल्कि उसे मुख्यमंत्री सहायता योजना में जोड़ा गया है।

विधानसभा उपाध्यक्ष सुश्री हिना कावरे ने इस अवसर पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि पिपरझरी में गौशाला प्रारंभ होना एक अच्छी पहल है। इस गौशाला से गांव की महिलाओं को गौसेवा के साथ ही रोजगार के अवसर मिलेंगें और उनकी आमदनी में ईजाफा होगा। महिलाओं को गौशाला के संचालन की जिम्मेदारी दी गई है तो उन्हें साबित करना होगा कि वे किसी भी क्षेत्र में पुरूषों से कम नहीं है। उन्होंने विश्वास जताया कि पिपरझरी की महिलायें इसे साबित कर दिखायेंगी।

सांसद डॉ ढाल सिंह बिसेन ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि पिपरझरी में गौशाला का प्रारंभ होना अच्छी बात है। अब इसका संचालन अच्छे से होना चाहिए। हमें गौ संरक्षण के साथ ही प्रकृति व जल संरक्षण के क्षेत्र में काम करना होगा। इस गौशाला के विकास के लिए जो भी जरूरत होगी वे उसके लिए हमेशा तत्परता से प्रयास करेंगें।

विधायक श्री राम किशोर कावरे ने उनके विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पिपरझरी में गौशाला प्रारंभ होने के लिए जिला प्रशासन को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह एक अच्छा प्रयास है। गौशाला का संचालन बेहतर तरीके से होना चाहिए। वे स्वयं भी जरूरी होगा तो अपनी विधायक निधि से इसके लिए मदद करेंगें।

कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा आजीविका मिशन के 20 स्वयं सहायता समूहों को 32 लाख रुपये की सहायता राशि का वितरण किया गया। ग्राम पिपरझरी की यह 100 गायों की क्षमता वाली इस गौशाला का संचालन आजीविका मिशन से जुड़े प्रज्ञाशील समूह को सौपा गया है। इस समूह में 12 महिलायें शामिल है। गौशाला में आवारा घूमने वाली गायों को रखा जायेगा। इस समूह को गौसेवा के साथ आय का जरिया मिल सके इसके लिए उन्हें मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के अंतर्गत 20 दुधारू गायें ऋण पर प्रदान की जा रही है। ग्रामीण बैंक कोसमी द्वारा इस समूह को गायों के लिए ऋण प्रदान किया जा रहा है।

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