श्री महाकालेश्‍वर मंदिर के प्रशासनिक कार्यालय एवं वैदिक शोध संस्‍थान में हुआ झंडा वंदन | Shri mahakaleshwar mandir ke prashashnik karyalaya evam vaidik shodh sansthan main hua jhanda vandan

श्री महाकालेश्‍वर मंदिर के प्रशासनिक कार्यालय एवं वैदिक  शोध संस्‍थान में हुआ झंडा वंदन

उज्जैन (रोशन पंकज) - श्री महाकालेश्‍वर मंदिर प्रबंध समिति के कार्यालय की छत पर व वैदिक प्रशिक्षण एवं शोध संस्‍थान में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर झंडा वंदन किया गया। श्री महाकालेश्‍वर मंदिर कार्यालय की छत पर प्रशासक श्री एस एस रावत द्वारा झंडा वंदन किया गया एवं उद्बोधन दिया। इस अवसर पर सहायक प्रशासक श्री मूलचंद जूनवाल, श्री चन्‍द्रशेखर जोशी, श्री प्रतीक द्विवेदी, सुरक्षा अधिकारी सुश्री रूबी यादव, सहायक प्रशासनिक अधिकारी श्री आर.के. तिवारी के साथ मंदिर समिति के कर्मचारी तथा सुरक्षा एजेन्‍सी के अधिकारी एवं गार्ड तथा बी.व्‍ही.जी. कंपनी के सुपरवाईजर एवं कर्मचारी आदि उपस्थित थे।

इसके बाद चिन्तामन स्थित वैदिक प्रशिक्षण एवं शोध संस्‍थान में भी झंडा वंदन किया गया। झण्डावंदन प्रशासक श्री एस एस रावत ने किया। इस अवसर पर प्रशासक श्री एस.एस. रावत द्वारा उद्बोधन देते हुए संविधान की बारीकियों को बटुकों के साथ साझा किया। विस्‍तृत जानकारी देते हुए बताया कि देश के संविधान में सभी प्रकार के लोगों का समान अधिकार है। बिना नियम कायदे के देश को चालाना संभव नहीं है। इसलिये दुनियाभर के तमाम विषय विशेषज्ञों को मिलाकर विभिन्‍न ड्राप्‍ट समितियां गठित की गई थी। डॉ. भीमराव अंबेडकर की अध्‍यक्षता में संविधान तैयार किया गया जिसे 26 जनवरी 1950 से लागु हुआ। हमारे संविधान की विशेषता यह भी है कि दुनिया का सबसे बडा लोकतंत्र संविधान की मर्यादा में रहकर बिना भेदभाव पक्षपात के सबको समान अधिकार देता है। जिसकी सराहना करते हुए छात्रों को अत्‍यंत ही मेधावी छात्र होने एवं उज्‍जवल भविष्‍य की कामना की।

संस्‍‍थान के बटुकों द्वारा संस्‍कृत एवं हिन्‍दी, अंग्रेजी में भाषण तथा गीतों की प्रस्‍तुतियां दी गई। इस अवसर पर समिति सदस्‍य श्री दीपक मित्‍तल, सहायक प्रशासक श्री प्रतीक द्विवेदी, सुरक्षा अधिकारी सुश्री रूबी यादव, संस्‍थान के प्राचार्य डॉ. पीयूष त्रिपाठी, डॉ. देवेन्‍द्र परमार तथा संस्‍थान के अध्‍यापक, बटुक आदि उपस्थित थे।

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