लगातार बारिश ने ढहाया गरीब का आशियाना, कच्चा मकान गिरने से परिवार पर टूटा मुसीबतों का पहाड़

लगातार बारिश ने ढहाया गरीब का आशियाना, कच्चा मकान गिरने से परिवार पर टूटा मुसीबतों का पहाड़

सिंगरौली/चितरंगी - जिले में बीते कई दिनों से लगातार हो रही बारिश ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश के चलते ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों के गिरने की घटनाएं सामने आने लगी हैं। बारिश से सबसे ज्यादा परेशानी उन गरीब परिवारों को उठानी पड़ रही है, जिनके पास रहने के लिए पक्की छत की व्यवस्था नहीं है। ऐसा ही एक मामला ग्राम पंचायत क्षेत्र पोड़ी बरगवां, तहसील चितरंगी से सामने आया है, जहां लगातार बारिश के कारण एक कच्चा मकान अचानक गिरकर क्षतिग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि दूधमनिया निवासी लालजी रजक का कच्चा मकान लगातार बारिश के चलते धराशायी हो गया। मकान के गिरने से परिवार के सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।

बारिश के कारण कमजोर हुई मकान की हालत

स्थानीय लोगों के मुताबिक लगातार बारिश के कारण कच्चे मकान की दीवारें और छत कमजोर होती चली गईं। बारिश का पानी लगातार मकान में रिसने के कारण स्थिति बेहद खराब हो गई और आखिरकार मकान का एक हिस्सा गिरकर क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि मकान गिरने के दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। मकान के क्षतिग्रस्त होने के बाद परिवार को अब अपने सिर पर छत की चिंता सताने लगी है। गरीब परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि आखिर बारिश के इस मौसम में वह अपने परिवार के साथ सुरक्षित तरीके से कहां रहे।

प्रशासन से आर्थिक सहायता की उम्मीद

पीड़ित परिवार ने प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कराकर नुकसान का आकलन करने और नियमानुसार आर्थिक सहायता एवं आवास संबंधी मदद उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के दौरान प्रशासन को ऐसे कच्चे और जर्जर मकानों को चिन्हित कर विशेष निगरानी करनी चाहिए, ताकि किसी बड़े हादसे को होने से पहले रोका जा सके। साथ ही जिन परिवारों के मकान बारिश में क्षतिग्रस्त या धराशायी हो चुके हैं, उन्हें तत्काल राहत उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

गरीब परिवारों के सामने बड़ा संकट

बरसात का मौसम ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब परिवारों के लिए हर वर्ष बड़ी चुनौती लेकर आता है। जिन परिवारों के मकान कच्चे हैं, उनके लिए लगातार बारिश केवल पानी बरसने की समस्या नहीं बल्कि जान-माल की सुरक्षा का सवाल भी बन जाती है। लालजी रजक के मकान के क्षतिग्रस्त होने के बाद अब परिवार प्रशासन की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है। पीड़ित परिवार की मांग है कि संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लें और शासन की आपदा राहत एवं आवास संबंधी योजनाओं के तहत पात्रता के अनुसार सहायता उपलब्ध कराएं।

अब देखना होगा प्रशासन कब लेता है सुध

लगातार बारिश के बीच कच्चे मकानों के गिरने की घटनाएं सामने आने के बाद यह जरूरी हो गया है कि प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे मकानों का सर्वे कराए और जरूरतमंद परिवारों को समय रहते सुरक्षित स्थान तथा राहत उपलब्ध कराए। पीड़ित परिवार की गुहार है कि बारिश के इस संकट की घड़ी में प्रशासन उसकी मदद के लिए आगे आए, ताकि परिवार को खुले आसमान के नीचे रहने की मजबूरी न झेलनी पड़े। सिंगरौली में लगातार बारिश के बीच कच्चे मकानों के गिरने का सिलसिला ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। अब प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ही प्रभावित परिवारों को राहत दिला सकती है।

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