जल के बिना सब अधूरा, ‘राइट टू वाटर’ योजना होगी लागू | Jal ke bina sab adhura right to water yojna hogi lagu

जल के बिना सब अधूरा, ‘राइट टू वाटर’ योजना होगी लागू 

आमजन को पेयजल उपलब्ध कराना पुण्य का काम

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री पांसे ने 21 करोड़ से अधिक की लागत से निर्मित 22 ग्रामों की नागदा ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना का शुभारम्भ किया
जल के बिना सब अधूरा, ‘राइट टू वाटर’ योजना होगी लागू

उज्जैन (रोशन पंकज) - लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे ने शुक्रवार 24 जनवरी को नागदा के समीप ग्राम भगतपुरी तहसील खाचरौद में 21 करोड़ 85 लाख रुपये की लागत से निर्मित 22 ग्रामों की नागदा ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना का शुभारम्भ फीता काटकर एवं वाल्व चालू कर किया। कार्यक्रम में आये बड़ी संख्या में ग्रामीणजनों को सम्बोधित करते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री पांसे ने कहा कि जल के बिना सब अधूरा है। राज्य सरकार राइट टू वाटर योजना शीघ्र लागू करेगी। आमजन को पेयजल उपलब्ध कराना पुण्य का काम है।
जल के बिना सब अधूरा, ‘राइट टू वाटर’ योजना होगी लागू

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे ने कहा कि मानव को हवा के बाद आवश्यकता पड़ती है तो वह है पेयजल। किसी के भी घर मेहमान आयें तो सबसे पहले पानी पीलाकर ही उनका सत्कार किया जाता है। इसी पुण्य के काम को मद्देनजर रख राज्य सरकार राइट टू वाटर योजना लागू करने जा रही है। राज्य सरकार ने चुनाव के पहले जनता से जो वादे किये थे, उनका सरकार तीव्र गति से पूरा कर रही है। चाहे किसानों के ऋण माफ करना हो या बिजली के बिल 100 युनिट पर 100 रुपये या मुख्यमंत्री कन्या विवाह की राशि में बढ़ौत्री कर किया जा रहा है। इसी तरह प्रदेश में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण में भी वृद्धि की गई है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह की सरकार ने मनरेगा योजना लागू कर बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी योजना से लोगों को रोजगार मिल रहा है। राज्य सरकार मूलभूत समस्याओं आमजन को उपलब्ध कराने पर कार्य कर रही है। मंत्री श्री पांसे ने ग्रामीणों से आव्हान किया कि वे जिस प्रकार मन्दिर, भगवदगीता कराने में चन्दा इकट्ठा करते हैं, उसी प्रकार पेयजल उपलब्ध कराने हेतु भी अगर ग्रामीणवासी 10 प्रतिशत जनभागीदारी से सरकार को राशि उपलब्ध कराते हैं तो 90 प्रतिशत राशि सरकार मिलाकर जिन ग्रामों में पेयजल संकट है, वहां सर्वोच्च प्राथमिकता से पेयजल उपलब्ध भी कराया जायेगा।
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लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे ने क्षेत्रीय विधायक श्री दिलीपसिंह गुर्जर की मांग पर 22 गांवों की पेयजल योजना में ग्राम खुरमुंडी छूट गया है उन्हें योजना में शामिल किया जायेगा। इसी तरह ग्राम पचलासी की नल जल योजना की स्वीकृति हो चुकी है और उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि टेण्डर जारी कर कार्य प्रारम्भ किया जाये। अतिकम जल वाले ग्रामों में सिंगल फेज को भी दुरूस्त किया जायेगा। जिन ग्रामों में बोर खनन में जलस्त्रोत नीचे चला गया है, उन 15 ग्रामों के बोर खनन को एक हजार फीट खनन कराने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये। मंत्री श्री पांसे ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि पेयजल की समस्या राज्य सरकार नहीं आने देगी। प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिये अन्तरआत्मा से कार्य कर रहे हैं। ग्रामीणों की वास्तविक मांग को अनिवार्य रूप से राज्य सरकार के द्वारा पूरा किया जायेगा।
जल के बिना सब अधूरा, ‘राइट टू वाटर’ योजना होगी लागू

इस अवसर पर स्वागत भाषण देते हुए क्षेत्रीय विधायक श्री दिलीपसिंह गुर्जर ने कहा कि 22 ग्रामों की नागदा ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना से ग्रामीणों को अब राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो वादे किये हैं, वह पूर्ण ईमानदारी के साथ पूरा कर रही है। राज्य सरकार किसानों के साथ-साथ आमजन के हितों के लिये हरसंभव कार्य कर रही है। उन्होंने क्षेत्रवासियों की समस्याओं की मांग रखी। मांग पर मंत्री श्री पांसे ने सहजता से पूर्ण करने की बात कही। कार्यक्रम के प्रारम्भ में अतिथियों ने जल प्रदाय योजना का फीता काटकर शुभारम्भ किया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में विधायक श्री दिलीपसिंह गुर्जर, श्री बाबूलाल गुर्जर, श्री सुबोध स्वामी, श्री अनोखीलाल सोलंकी, श्री वीरेन्द्रसिंह गुर्जर, श्री गोविन्द भरावा, श्री संतोष बरखेड़ावाला, श्री राधे जायसवाल, श्री सुरेन्द्रसिंह गुर्जर आदि ने मंत्री का पुष्पहारों से स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय विधायक श्री दिलीपसिंह गुर्जर ने की। इस अवसर पर श्री सुबोध स्वामी ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर जल निगम भोपाल के मुख्य महाप्रबंधक श्री पीसी जैन, इन्दौर के महाप्रबंधक श्री रवि अग्रवाल, उप प्रबंधक श्री हेमन्त वाडगे, एसडीएम श्री आरपी वर्मा आदि उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि योजना का स्त्रोत चंबल नदी है। योजना की लागत 21 करोड़ 85 लाख रुपये है और योजना में शामिल 22 ग्राम भगतपुरी, परमारखेड़ी, गिदवानिया, किलोड़िया, झिरमिरा, दीवेल, चंदोड़िया, तारोद, मोकड़ी, खजुरिया, भीमपुरा, गिड़गड़, निपानिया, अटलावदा, अलसी, बेरछा, बनवाड़ा, राजगढ़, रजला, उटियाखेड़ी, कलसी एवं नैनावदखेड़ा हैं। योजना की जल प्रदाय क्षमता 2.5 एमएलडी है। क्रियान्वयन एजेन्सी मप्र जल निगम मर्यादित इन्दौर और निर्माण एजेन्सी मेसर्स पीसी स्नेहल कंस्ट्रक्शंस प्रालि अहमदाबाद थी। योजना के अन्तर्गत अनेक कार्य कराये गये हैं।

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