जहां सामान्य से अधिक बिजली के बिल आ रहे हैं उन बिलों को चेक किया जाये | Jaha samanya se adhik bijli ke bill a rhe hai un bilo ko check kiya jaye

जहां सामान्य से अधिक बिजली के बिल आ रहे हैं उन बिलों को चेक किया जाये

कलेक्टर ने टीएल बैठक में दिये निर्देश
जहां सामान्य से अधिक बिजली के बिल आ रहे हैं उन बिलों को चेक किया जाये

उज्जैन (रोशन पंकज) - कलेक्टर श्री शशांक मिश्र द्वारा सोमवार को सिंहस्थ मेला कार्यालय के सभाकक्ष में समयावधि-पत्रों की समीक्षा बैठक ली गई। बैठक में एडीएम डॉ.आरपी तिवारी, अपर कलेक्टर श्री क्षितिज सिंघल, श्री जीएस डाबर, नगर निगम आयुक्त श्री ऋषि गर्ग और विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।
बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि बालक छात्रावास में एक लाख रुपये से अधिक का बिल आ रहा है, जबकि सम्बन्धित विभाग द्वारा प्रतिमाह नियत तिथि पर बिल का भुगतान किया जा रहा है। कलेक्टर ने इस पर एमपीईबी के अधिकारी को निर्देश दिये कि जहां कहीं भी बिजली के बिल सामान्य से अधिक आ रहे हैं, वहां के बिलों को नियमित रूप से चेक किया जाये कि कहीं  कोई त्रुटि तो नहीं हो रही है। जिन विभागों में सेवा निवृत्त हुए शासकीय कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण लम्बित हैं, उनका तत्काल निराकरण किया जाये। सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग के अन्तर्गत यूडीआईडी के बकाया प्रकरणों का तत्काल निराकरण किया जाये।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग से क्लबफुट के अन्तर्गत कितने बच्चे चिन्हित किये गये हैं, इस बारे में जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया कि अब तक 25 बच्चे क्लबफुट के अन्तर्गत विभाग द्वारा चिन्हित किये गये हैं। कलेक्टर ने इनका तत्काल उपचार करवाये जाने के निर्देश दिये। साथ ही बाल श्रवण और हृदय रोग के लम्बित प्रकरणों का भी शीघ्र निराकरण करने के लिये कहा। बाल श्रवण के प्रकरण चिन्हित करने के लिये विभाग द्वारा कैम्प लगाये जाने के निर्देश दिये गये।
नगर पालिक निगम में जनाधिकार के छह प्रकरण लम्बित पाये जाने पर कलेक्टर श्री मिश्र ने कहा कि अगले दो दिनों में प्रकरणों को निराकृत किया जाये। जिन विभागों के प्रकरण 100 दिनों से अधिक समय से लम्बित हैं, उनका कम से कम 50 प्रतिशत तक निराकरण अगले एक सप्ताह के अन्दर करने के लिये कहा। कलेक्टर ने चरक अस्पताल के बाहर अतिक्रमण की समस्या के निराकरण हेतु स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिये कि ऐसी व्यवस्था का प्रस्ताव बनाया  जाये कि मरीजों के परिजन को जरूरत का सामान अस्पताल परिसर में ही उपलब्ध हो सके।

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