पीढ़ी दर पीढ़ी से परंपरा निभाते आ रहे हैं गुजरात के वासुदेव लालाजीभाई नायक | Pidi dar pidi se parampara nibhate a rhe hai

पीढ़ी दर पीढ़ी से परंपरा निभाते आ रहे हैं गुजरात के वासुदेव लालाजीभाई नायक

पीढ़ी दर पीढ़ी से परंपरा निभाते आ रहे हैं गुजरात के वासुदेव लालाजीभाई नायक

रायपुरिया (मनीष कुमट) - सात पीढ़ियो से परंपरा निभाते आ रहे हैं गुजरात के वासुदेव लालाजीभाई नायक पोथी वाले पाटीदार समाज के गुरु हैं व नामावली पंडित भी हैं रायपुरिया नगर में प्रतिवर्ष 12 सदस्यों का दल आता है हमारे बुजुर्गों बता गए की आप लोगों को पाटीदार समाज के गांव में जाकर भोई का खेल करना है जजमानवती करना है इसी वजह से हम लोग आ रहे हैं वासुदेव भोई बताते हैं मेरी सात पीढ़ी हो गई है यह कार्य करते हुए लेकिन जहां तक मैं हूं वहां तक तो मैं समाज के लिए आता रहूंगा क्योंकि अब नवयुवक इस कार्य को नापसंद करते हैं मध्य प्रदेश के जितने भी पाटीदार समाज के गांव हैं हम वहां जाते हैं रायपुरिया नगर में भी हमें समाज की ओर से भोई का खेल करना था लेकिन धारा 144 लगने से हमें परमिशन नहीं मिली बात करते हुए उनकी आंखों में आंसू आ गए थे क्योंकि हम इतनी दूर से आए थे कि हमारे समाज में भोई का खेल करना है लेकिन क्या करें हमें परमिशन नहीं मिली हमारा अगला डेरा धार जिले के गांव बखतपुरा मैं रहेगा पाटीदार समाज के अध्यक्ष नंदकिशोर पाटीदार ने बताया कि हमारे यहा नामावली पोथीवाले गुरु लोग हैं उन्होंने कहा युवाओं में यह लोग अपनी संस्कृति खेल के माध्यम से बताते हैं ताकि युवाओं को समझ में आ जाए पहले भोई का खेल करने के लिए मान मन्नत ली जाती थी किसी के यहां कोई परेशानी होती थी तो वह व्यक्ति समाज का भोई का खेल करने की मन्नत माता रानी से करते थे जब वह मन्नत पूरी हो जाती थी तो खेल किया जाता था लेकिन अब वासुदेव भाई मन्नत वाले को मना बोलते हैं कि आप लोग मन्नत नहीं ले क्योंकि मेरे बाद यहां पर कोई भी नहीं आएगा आपकी मन्नत कौन उतारेगा।

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