बैक वाटर से अब हो रही परेशानी गंदगी के साथ-साथ श्रद्धालु हो रहे परेशान | Back water se ab ho rhi pareshani gamdagi ke sath sath shraddhalu ho rhe pareshan

बैक वाटर से अब हो रही परेशानी गंदगी के साथ-साथ श्रद्धालु हो रहे परेशान

जल की समस्या से परेशान रहवासी अब नर्मदा किनारे रह कर भी लेंगे कुवे कासहारा

बैक वाटर से अब हो रही परेशानी गंदगी के साथ-साथ श्रद्धालु हो रहे परेशान

धामनोद (मुकेश सोडानी) - नर्मदा के बैक वाटर से वहां के निवासी बशिंदे बुरी तरह परेशान है  खलघाट  नर्मदा घाट एक साफ-सुथरा तट के नाम से जाना जाता था प्रतिवर्ष होने वाले कई आयोजनों पर सैकड़ों श्रद्धालु वहां आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे थे नर्मदा महाआरती के साथ कई आयोजन स्थल पर होते है लेकिन अब स्थिति यह है कि लोग नर्मदा  में स्नान करने से कतरा रहे हैं जिसका प्रमुख कारण बैक वाटर से हो रही गंदगी और अन्य परेशानियां है इस संबंध में गुरुवार सुबह 10 बजे लगभग  आयर्न्स काम्पलेक्स पर धार जिला  कार्यवाहक अध्यक्ष कमलकिशोर पाटीदार, के  यंहा नर्मदा घाटी व पर्यटन मंत्रीपर्यटन मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल पहुंचे वहां लोगों ने ने  बैकवाटर होने के कारण अधिकतर घाटों में ये समस्याएं उत्पन्न हुई है इस बारे में मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल को अवगत कराया जिस पर बघेल ने बताया कि,हम गुजरात सरकार से काफी समय से आग्रह कर रहे हैं,विस्थापन की समस्या मध्यप्रदेश में उत्पन्न हुई है,जल के भराव से जो घाट है वो जलमग्न हो गए है हमारे प्रदेश के श्रद्धालु है,वो वहाँ पर जाते हैं,तो वहाँ पर बैकवाटर होने कारण परेशान हो रहे है, इस संबंध में गुजरात सरकार से चर्चा  हो रही है,हमारी सरकार पूरा प्रयास कर रही है  जब तक कोई ठोस हल निकले तब तक हम प्रसासनिक स्तर पर ओर सभी जगह जहाँ पर भी कीचड़ की समस्या उत्पन्न हुई है,एन.वी.डी ओर जिला प्रशासन को निर्देशित  किया जा रहा है की तत्काल जाकर वहाँ समस्या का समाधान करे व उन्होंने परेशानी को देखते हुए ग्राम में जल्द ही फिल्टर प्लांट देने की बात कही 

बैक वाटर से अब हो रही परेशानी गंदगी के साथ-साथ श्रद्धालु हो रहे परेशान

अब 15 वर्ष पुराने कुआँ के पानी की होगी जाँच।

सरदार सरोवर बाँध के पानी नर्मदा किनारे मटमेला होने कारण क्षैत्रवासेयों के नलों में मटमेला पानी आ रहाँ है।जिससें नर्मदा तट पानी का बहाव नही होने के कारण काफी परेशानी आ रही है।

लोगों ने बताया कि अब स्थिति यह है कि नर्मदा नदी के जल का स्वाद ही बदल गया है।

बेक वाटर के चलते जहां लोगों को दूषित पानी पीने को मजबूर हो रहे हैं वही पानी दूषित भी हो रहा है ग्राम के ही रेवाराम पिता चन्दनलाल वर्मा  गणेश राठौड़ ने बताया कि नेशनल हाईवे तीन पर टोल टैक्स के समीप वेलकम बोर्ड के पास एक सरकारी कुआं है जो पिछले 15 वर्ष बंद पड़ा हुआ है इस कुवें से समिति के पास बनी टंकी में यह पानी स्टाक किया जाता था फिर वहां से पंचायत द्वारा गांव में सप्लाई किया जाता था, यह कुआं करीब 40 फीट गहरा है और कुवें  में साल भर पानी भरा रहता है, ग्राम पंचायत के सचिव सेवकराम चौधरी ने बताया की ग्राम पंचायत के अंतर्गत ग्रामीण वासियों को शुद्ध पेयजल मिले इसलिए ग्राम पंचायत द्वारा कार्ययोजना में ले लिया गया क्षेत्रिय जनप्रतिनिधि वरिष्ठ को इस संबंध में अवगत कराया दिया गया है,इस कुवें से पाइपलाइन और मोटर डालकर शुरू किया जाए तो ग्रामीण वासियों को कुछ हद तक शुद्ध पेयजल मिल सकता है, जिससे ग्रामीण वासियों  को कुछ हद तक दूषित पानी से निजात मिलेगी,

क्या कहते हैं जिम्मेदार

ग्राम पंचायत सरपंच  यशोदाबाई कटारे ने बताया कि जल्द ही गांव के समीप पुराना कुआं सरकारी है जो 15 वर्ष पूर्व स्कूल से ग्राम वासियों को पानी ग्राम पंचायत द्वारा सप्लाई करती थी परंतु इस बात को बीते 15 वर्ष हो चुके हैं इसलिए उसका पानी जांच कर ग्राम वासियों के लिए योजना बनाएंगे।
ग्राम पंचायत सरपंच , यशोदाबाई कटारे खलघाट

संबंधित इंजीनियर को भेजकर इस कुए का पानी जांच के लिए भेज कर पानी चेक करवाते हैं, मलतारे एस.डी.ओ धरमपुरी


अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने ठंड में लगाई आस्था की डुबकी लेकिन पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं

विगत मंगलवार को सुबह से अमावस्या पर नर्मदा  मे आस्था की डुबकी लगाने हेतु श्रद्धालु स्नान के लिए पहुँचे जहाँ पर सरदार सरोवर बांध का विशाल बैक वाटर वहोने से श्रद्धालुओं ने  मां नर्मदा का दूर से ही स्मरण किया इस बैक वाटर पानी मे सम्पूर्ण स्नान घाट व  मन्दिर जलमग्न हो जाने के कारण लोगो को काफी परेशानियों का सामना उठाना पड़ा।   नर्मदा के तट पर कीचड़ ही कीचड़ होने के कारण श्रद्धालुओं को इस कीचड़ से ही निकल कर जल में डुबकी लगाई साथ ही साथ भिक्षुओं ने रोड परिसर को पूरी तरह घेर रखा था जहाँ पर आने जाने वाले लोगो को काफी परेशानी हुई कई श्रद्धालुओ ने पुल पर बैठकर स्नान करते देखा गया तट पर मन्दिर नही होने के कारण श्रद्धालुओं ने नर्मदा जी से निकले पत्थरो का ही पूजन अर्चन किया। तो वही महिलाओं की भी भारी भीड़ थी ओर चेंजिंग रूम नहीं होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा

कहीं बीमारी की चपेट में ना आ जाए खलघाट

इस तरह से दूषित जल और अन्य परेशानियों से खलघाट में गंदगी बढ़ती जा रही है जनप्रतिनिधियों की चुप्पी के कारण कहीं खलघाट क्षेत्र बीमारी की चपेट में ना आ जाए विगत दिवस की अपेक्षा स्वास्थ्य केंद्र में भी मरीजों की संख्या बढ़ी है जो कहीं न कहीं बैक वाटर से हो रही दुर्दशा को दर्शा रही है स्थिति यह है कि जो लोग प्रतिदिन नर्मदा स्नान करने खलघाट जाते थे उन्होंने खलघाट जाना बंद कर दिया कई श्रद्धालु और नर्मदा का नाम मात्र दूर से ही स्मरण कर रहे हैं  तट पर गंदगी की भरमार है  अब श्रद्धालु और रहवासी इन सब का खामियाजा भुगत रहे हैं

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