नवरात्री पर्व के अंतिम दिन मे गरबा रास करने वाले अलसुबह तक जमे रहे | Navratri parv ke antim din main garba ras

नवरात्री पर्व के अंतिम दिन मे गरबा रास करने वाले अलसुबह तक जमे रहे

फिर मिलेगे कहकर गरबा प्रेमियो ने दी नवरात्रि को बिदाई 

नवरात्री पर्व के अंतिम दिन मे गरबा रास करने वाले अलसुबह तक जमे रहे

आलीराजपुर (रफीक क़ुरैशी) - नवरात्री पर्व के अंतिम दिन सोमवार रात्री को नगर के विभिन्न गरबा रास पांडालो मे महिला पुरुषो एवं बच्चों और दर्शको की भारी भीड उमडी। फलस्वरुप पांडालो मे गरबा रास का कार्यक्रम अलसुबह तक चलता रहा। गरबा का अंतिम दिन होने की वजह से दर्शको व कलाकारो ने गरबा रमकर जमकर लुत्फ उठाया। गरबा रास कार्यक्रम को देखने के लिए आसपास के अंचलो की भारी भीड उमड रही है। गरबा रमने वालो का यह आलम था कि वह अलसुबह तक गरबे रमते रहे। वहि समाजजनो ने महानवमी पर्व को लेकर पुजा-अर्चना भी की। इसी रंगारंग कार्यक्रम के बाद नो दिवासिय नवरात्री पर्व का समापन हो गया। इस दोरान विभिनन समाजजनो द्धारा जवारे एवं माताजी की प्रतिमा का चल समारोह निकालकर विसर्जन किया। विसर्जन के पुर्व मातारानी की एक बार पुनः आरती उतारी गई।

नवरात्री पर्व के अंतिम दिन मे गरबा रास करने वाले अलसुबह तक जमे रहे

मां अंबे जगदंबे अंगना पधारो जगदंबा भवानी गरबो पर जमकर थिरके श्रद्धालुजन

रणछोडराय मार्ग के आमला लाइन में वीर दुर्गादास राठौड गरबा उत्सव समिति द्वारा करवाए जा रहे गरबे ने रंग अलसुबह सात बजे जमा रहा। पंचेश्वर रामायण मंडल आर्केस्ट्रा द्वारा उड़ी उड़ी जाए चुनरी मां अंबे जगदंबे अंगना पधारो जगदंबा भवानी नामक गरबे ने दर्शको व गरबा खेलने वाले गरबा प्रेमियो की खूब सराहना बटोरी। नवरात्री के आखिरी दिन बढ़ने के साथ शुरू संगीत पर शुरू लयबद्ध थिरकन अलसुबह सात बजे तक जारी रहे ना तो गरबा गाने वालों के सूर कम हुए और ना ही रास करने वालों के पैर थके। ड्रेस कोड युवतियां व महिला आकर्षक गरबा नृत्य कर रही थी, वही युवा भी एक ड्रेस कोड मे थिरकते नजर आ रहे थे। नवरात्रि समापन पर महिलाओं के द्वारा एक बेनर पर फिर मिलेगे 17 अक्टूबर 2020 को लेकर पांडल पर सभी गरबा प्रेमियों को विदाई दी जो पांडाल मे आर्कषक का केंद्र बना रहा। वहि राठौड़ वीर दुर्गादास गरबा उत्सव समिति एवं माहेश्वरी समाज द्वारा मंगलवार अलसुबह जवारे एवं माताजी की प्रतिमा का चल समारोह निकालकर विसर्जन किया। विसर्जन जुलूस में ढोल धमाकों के साथ नगर के प्रमुख मार्ग होते हुए पंचेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे जहां से सुकड नदी पर माताजी प्रतिमा व ज्वारो का विधि विधान से विसर्जन किया गया। 


पटेल परिवार ने किया कलाकारो का सम्मान

पटेल पब्लिक स्कूल मैदान पर पटेल परिवार एवं नवरात्रि समिति द्वारा सार्वजिनक गरबा उत्सव का आयोजन का सोमवार रात्री को समापन हुआ। स्कुल ग्राउण्ड पर गरबारास करने वालो की भारी भीड उमडी। स्कुल मेदान पर अलसुबह तक गरबा चलता रहा। पटेल परिवार के सदस्यो ने आरती व पूजन अर्चना की। सार्वजनिक गरबा होने के कारण आखरी दिन गरबा देखने व खेलने वालो की भारी भीड उमडी। एक जैसी लहंगा व चुनरी एवं राजस्थानी ड्रेस, गुजराती परिधान में गरबा देखते ही बनता है। आयोजकों ने नवरात्री में गरबे को नये-नये आयाम देकर बुलंदियों पर पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अलग-अलग ग्रुप में यहाँ पर युवक-युवतियां इस तरह गरबे खेल रही है, जैसे लगता है कि गुजरात के किसी स्थान पर गरबे हो रहे हो। पटेल परिवार के सदस्य सर्वश्री जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेश पटेल, नपाध्यक्ष सेना पटेल, विधायक मुकेश पटेल आदि सदस्यो ने प्रतिदिन अच्छे गरबे खेलने वाले गरबा प्रेमियों को प्रतियोगियों को पटेल परिवार एवं नवरात्री समिति की ओर से पुरुस्कार देकर सम्मान किया गया। 

विभिन्न समाजो मे भी रही गरबो की धुम

इधर नगर के माहेश्वरी समाज, मातारानी चैक पर राठौड़ समाज, नीम चैक स्थल, देववंषीय मालवी लौहार समाज, असाडा राजपुत समाज, माली समाज, वाणी समाज, दषा वैष्णव पोरवाल समाज के तत्वावधान में आयोजित पांडालो मे गरबारास कार्यक्रम अलसुबह तक चलता रहा। गत रात्री समाजजनो ने महानवमी पर्व को लेकर पुजा-अर्चना भी की। मधुर गीतों पर समाज के युवक-युवतियां व महिलाओं ने देवी माँ की गरबारास कर आराधना की। रंगबीरंगे परिधानों में व फेंसीड्रेस में हर एक गरबे पर युवक-युवतियां झुमकर अलसुबह तक गरबारास करते नजर आए।

Post a Comment

0 Comments