मराल कंपनी के जवाबदारों की याचिका हुई खारिज जमानत करवाना होगा
धामनोद (मुकेश सोडानी) - विगत दिवस नगर के ट्रांसपोर्ट व्यवसाई महेश सोडानी के द्वारा धरमपुरी न्यायालय में मराल कंपनी के प्रेसिडेंट और प्रबंधक राजकुमार गीते के खिलाफ मानहानि की याचिका दायर करने के बाद धरमपुरी न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री महेंद्र रावत ने मामला दर्ज कर मराल प्रबंधक और प्रेसिडेंट के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था उसके बाद उपरोक्त जमानती वारंट से बचने के लिए उन्होंने अतिरिक्त जिला न्यायालय में याचिका दायर की जिस पर दिनांक 16 अक्टूम्बर, बुधवार को अतिरिक्त न्यायधीश श्री राजेश नंदेश्वर के द्वारा निचली कोर्ट के फैसले को यथावत रख राजकुमार गीते ओर प्रबंधन की याचिका खारिज की गयी।
क्या था मामला
पूर्व में सोडानी ने डी आई सी से मराल कम्पनी के आरटीआई के तहत कुछ दस्तावेज की मांग की थी जिस पर जवाब देने के बदले मराल कंपनी के जवाबदारो ने महेश सोडानी को अपराधिक गतिविधियों में लिप्त होना बता कर उनका अपमान कर दिया था उसके बाद मानहानि का केस दायर किया था जिस पर मराल के दोनों व्यक्तियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया गया था
मराल कम्पनी की और से वकीलों की टीम न्यायालय में मौजूद
आमतौर पर फरियादी और अपराधी दोनों की पक्ष की ओर से अदालत में एक ही वकील देखने को मिलता है लेकिन मराल कंपनी ने न्यायालय में बहस के दौरान करीब 5 से 6 वकीलों की पैनल इंदौर से तर्क वितर्क करने के लिए कोर्ट में आई थी न्यायालय ने अपने विवेक और न्याय की मंशा अनुरूप आधार पर निगरानी याचिका को खारिज कर दिया तथा महेश सोडानी के पक्ष में निर्णय पारित किया। सोडानी की ओर से तर्क अधिवक्ता श्री लोकेंद्र वर्मा ने प्रस्तुत किये थे।
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